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अमरूत योजना की पाइप लाइन में छोड़ा सीवर का पानी, गाद फंसने हुई जाम

Mon, 25 Oct 2021 11:54 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 25 Oct 2021 11:54 PM IST
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Sewer water left in the pipeline of Amrut scheme, jam due to siltation
अमरूत योजना की पाइप लाइन के मैनहोल में सीवर का पानी डालने के लिए किया गया सुराग। संवाद। - फोटो : Jind
जींद। शुरू से ही विवादों में घिरी बरसाती पानी निकासी के लिए डाली गई अमरूत योजना की पाइप लाइन पर फिर विवाद हो गया है। इस बार सवाल उठाने का मौका मिला है, नगर परिषद को। इससे पहले परियोजना को लेकर अब तक नगर परिषद पर ही सवाल उठते रहे हैं। इस बार मिनी बाईपास पर रेलवे लाइन के पास जनस्वास्थ्य विभाग के बुस्टिंग स्टेशन से सीवर का पानी अमरूत योजना की लाइन में डालने के आरोप नगर परिषद ने लगाए हैं। इसको लेकर नगर परिषद जनस्वास्थ्य विभाग को नोटिस भी भेजेगा। नगर परिषद अधिकारियों का कहना है सीवर लाइन का पानी इस लाइन में जाने से काफी गाद जमा हो गई है। इससे लाइन पूरी तरह से जाम हो गई है।
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दरअसल जनस्वास्थ्य विभाग शहर का पानी अलग-अलग बुस्टिंग स्टेशन से हांसी रोड स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक भेजता है। इसमें सिटी रेलवे स्टेशन के पास वाला बुस्टिंग स्टेशन काफी महत्वपूर्ण है। इससे काफी बड़े हिस्से का पानी आगे भेजा जाता है। ऐसे में आरोप है कि इसके पास ही बरसाती पानी की निकासी के लिए डाली गई लाइन में पानी छोड़ दिया गया। इससे जनस्वास्थ्य विभाग के सीवर के पानी की निकासी तो जल्दी हो गई, लेकिन अब यह नगर परिषद और ठेकेदार के लिए आफत बन गई है।
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करीब 30 करोड़ रुपये की है परियोजना
अमरूत योजना के तहत शहर में करीब 35 किलोमीटर लंबी लाइन डाली गई है। इस पर 30 करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च हुई है। ऐसे में हालांकि परियोजना पर तीन साल से काम चल रहा है, लेकिन अभी तक यह काम पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में लाइन नगर परिषद को सुपुर्द नहीं हुई है, लेकिन इससे पहले इस परियोजना पर काफी सवाल उठ चुके हैं।
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पंपिंग स्टेशन पर कीचड़ पहुंचा तो चला पता
शहर के बरसाती पानी की निकासी के लिए रोहतक रोड पर नई अनाज मंडी के पाए मेन पंपिंग स्टेशन (एमपीएस) बनाया गया है। सोमवार को जब ठेकेदार के लोगों ने देखा तो एमपीएस पर काफी कीचड़ भरा हुआ था। इसके चलते वहां भी मशीन खराब हो गई है। इसकी जांच की गई तो पता चला कि रेलवे लाइन के पास स्थित जनस्वास्थ्य विभाग के बुस्टिंग स्टेशन से पानी डाला गया है।
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कई तरह से खतरनाक है यह कदम
बरसाती पानी की लाइन में सीवर का पानी डालना कई प्रकार से खतरनाक है। इससे पाइप लाइन व पंपिंग मशीन को तो नुकसान होता ही है, साथ में स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ सकता है। बरसाती पानी को ड्रेन में बिना ट्रीट किए भेजा जाता है। ऐसे में यह पानी खेतों में जाकर बीमारी फैसला सकता है। वहीं सीवर का पानी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से साफ होकर जाता है।
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लाइन की सफाई पर होगा मोटा खर्च
नगर परिषद अधिकारियों ने बताया कि यहां लाइन काफी बड़ी है। फिलहाल करीब तीन किलोमीटर लंबी लाइन में कई फुट तक सीवर के पानी की गाद जमा हो गई है। इससे यदि लाइन की सफाई करवाई जाएगी तो लाखों रुपये खर्च होंगे। इसके लिए अलग से मशीन की व्यवस्था करनी पड़ेगी।
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दिया जाएगा नोटिस
ठेकेदार से इसकी सूचना मिली है। मैंने पाइप लाइन की हालत देखी है। सीवर का पानी जाने से काफी नुकसान हुआ है। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग को नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद ही तय होगा कि आगे क्या किया जाना है।

- सुमित कुमार, एक्सईए, नगर परिषद, जींद।
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नहीं है जानकारी
मुझे जानकारी नहीं है कि बरसाती पानी की लाइन में सीवर का पानी छोड़ा गया है। इसका पता करवाया जाएगा। यदि सीवर का पानी जाने से इसमें गाद जमा हुई तो इसकी सफाई करवा दी जाएगी।
- अशोक कुमार, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।
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