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17 लोगों को कर चुका है घायल ,पुलिस ने दी वन विभाग के अधिकारियों को सूचना
ब्यूरो अमर उजाला जींद
Updated Sun, 23 Apr 2017 12:28 AM IST
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अज्ञात जानवर के हमले के बाद घायल महिला।
- फोटो : amarujala beuro
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गांव दनौदा के लोग पिछले एक सप्ताह से अज्ञात जानवर के किए जा रहे हमले से डर का माहौल बना है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना दनौदा चौकी इंचार्ज को दी है। ग्रामीणों ने कहा अज्ञात जानवर पिछले एक सप्ताह से गांव में घुसा है और लोगों पर हमला करके काट रहा है। इससे पूरे गांव में दहशत है। अब तक जितने भी लोग जख्मी हुए उनमें से किसी ने भी उस जानवर को नहीं देखा है। दनौदा गांव में अब तक 17 लोगों को घायल हो चुके हैं। सूचना के आधार पर सदर पुलिस ने वन विभाग के अधिकारियों को इसके बारे में अवगत करवाया है। ग्रामीणों ने कहा हमला किसी जानवर ने किया इसका तो पता नहीं हैं, लेकिन हमले के बाद लोगों के शरीर पर दो नाखूनों के निशान बने होते हैं। ग्रामीण बली दनौदा, बिंद्र, नरेंद्र, बलवान, रघबीर ने बताया कि इन हमलों से पूरा गांव सहमा है। इसलिए जरूरी है कि पुलिस व वन विभाग की टीम गांव में आकर जल्द से जल्द इस जानवर पर काबू पाए। लोगों का मानना है कि इस प्रकार के हमले बिजू द्वारा किए जाते हैं। कई वर्ष पहले भी पंजाब से लगते क्षेत्र में बिजू का कहर सुनने को मिला था। लेकिन अब यह हमला दनौदा गांव के लोगों पर हो रहा है। गांव के लोगों ने अपने घरों से बाहर सोना भी बंद कर दिया है।
आखिर कहां से आया बिजू
ग्रामीणों ने कहा कि गांव के पास तो कोई जंगल या चिड़ियाघर भी नहीं है। फिर यह बिजू कहां से आया इसको लेकर भी गांव का हर व्यक्ति गंभीर है। इस जानवर के हमले से गांव के लगभग 17 लोग घायल हो चुके हैं। जिनमें जतिन और दीक्षा दो बच्चे, रायसिंह, सुभाष और उसकी माता सहित अन्य कई लोग घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों ने कहा कि हमला रात के अंधेेरे में होता है। इसलिए बिजली सप्लाई बंद होने के तुरंत बाद लोग गांव के लोग जाग जाते हैं। कहीं बिजू न आ जाए इसी डर में उनकी बाकी की रात कटती है।
दनौदा गांव के लोगों पर हमले तो हो रहे हैं। लेकिन हमलावर जानवर कौन सा है इस बारे मेें कुछ पता नहीं है। अंदाजा है कि जानवर बिल्ली जैसा है। समस्या को देखते हुए वन विभाग की टीम को जानकारी दी है। आगे की कार्रवाई वन विभाग की टीम करेगी और पुलिस उनका साथ देगी। -सुरेंद्र सिंह, दनौदा चौकी इंचार्ज।
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आखिर कहां से आया बिजू
ग्रामीणों ने कहा कि गांव के पास तो कोई जंगल या चिड़ियाघर भी नहीं है। फिर यह बिजू कहां से आया इसको लेकर भी गांव का हर व्यक्ति गंभीर है। इस जानवर के हमले से गांव के लगभग 17 लोग घायल हो चुके हैं। जिनमें जतिन और दीक्षा दो बच्चे, रायसिंह, सुभाष और उसकी माता सहित अन्य कई लोग घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों ने कहा कि हमला रात के अंधेेरे में होता है। इसलिए बिजली सप्लाई बंद होने के तुरंत बाद लोग गांव के लोग जाग जाते हैं। कहीं बिजू न आ जाए इसी डर में उनकी बाकी की रात कटती है।
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दनौदा गांव के लोगों पर हमले तो हो रहे हैं। लेकिन हमलावर जानवर कौन सा है इस बारे मेें कुछ पता नहीं है। अंदाजा है कि जानवर बिल्ली जैसा है। समस्या को देखते हुए वन विभाग की टीम को जानकारी दी है। आगे की कार्रवाई वन विभाग की टीम करेगी और पुलिस उनका साथ देगी। -सुरेंद्र सिंह, दनौदा चौकी इंचार्ज।
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