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सूअरों के सैंपल लैब भेजे, अभी तक नहीं आई कोई रिपोर्ट
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। जिले में लगातार मर रहे सूअरों के सैंपल लेकर पशुपालन विभाग ने लैब में जांच के लिए भेजे हैं। तीन दिन से पशुपालन विभाग सैंपल भेज रहा है। सोमवार को भी पांच सूअरों के सैंपल राम कॉलोनी से लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। इसके अलावा पशुपालन विभाग ने सूअरों का उपचार शुरू कर दिया है।
बता दें कि जिले में अब तक 250 से अधिक सूअरों की मौत हो चुकी है। जिस प्रकार के लक्षण बीमार सूअरों में देखे जा रहे हैं, वह सभी अफ्रीकन स्वाइन फीवर के लग रहे हैं। सूअरों को हल्का बुखार आने के बाद सांस लेने की दिक्कत हो रही है। इस कारण सूअर खाना खाना छोड़ देते हैं और तीन से चार दिन में ही उनकी मौत हो जाती है। पशुपालन विभाग ने मोरखी, पिंडारा, राम कॉलोनी से मृत सूअरों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
पशुपालन विभाग के एसडीओ डॉ. राज सिंह बैनिवाल ने कहा कि जब तक जांच रिपोर्ट नहीं मिल जाती, तब तक कोई भी बीमारी का नाम नहीं दिया जा सकता है। पशुपालन विभाग जिले में मरे हुए सूअरों का डाटा जुटा रहा है। इसके अलावा जहां से बीमार सूअरों की सूचना मिल रही है, वहां पर इलाज किया जा रहा है। उन्होंने सूअर पालकों से अपील करते हुए कहा कि बीमार सूअरों को दूसरे सूअरों से अलग रखना चाहिए। जल्द ही रिपोर्ट मिल जाएगी, उसके सही पता चलेगा कि सूअरों की मौत का कारण क्या रहा है।
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जींद। जिले में लगातार मर रहे सूअरों के सैंपल लेकर पशुपालन विभाग ने लैब में जांच के लिए भेजे हैं। तीन दिन से पशुपालन विभाग सैंपल भेज रहा है। सोमवार को भी पांच सूअरों के सैंपल राम कॉलोनी से लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। इसके अलावा पशुपालन विभाग ने सूअरों का उपचार शुरू कर दिया है।
बता दें कि जिले में अब तक 250 से अधिक सूअरों की मौत हो चुकी है। जिस प्रकार के लक्षण बीमार सूअरों में देखे जा रहे हैं, वह सभी अफ्रीकन स्वाइन फीवर के लग रहे हैं। सूअरों को हल्का बुखार आने के बाद सांस लेने की दिक्कत हो रही है। इस कारण सूअर खाना खाना छोड़ देते हैं और तीन से चार दिन में ही उनकी मौत हो जाती है। पशुपालन विभाग ने मोरखी, पिंडारा, राम कॉलोनी से मृत सूअरों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
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पशुपालन विभाग के एसडीओ डॉ. राज सिंह बैनिवाल ने कहा कि जब तक जांच रिपोर्ट नहीं मिल जाती, तब तक कोई भी बीमारी का नाम नहीं दिया जा सकता है। पशुपालन विभाग जिले में मरे हुए सूअरों का डाटा जुटा रहा है। इसके अलावा जहां से बीमार सूअरों की सूचना मिल रही है, वहां पर इलाज किया जा रहा है। उन्होंने सूअर पालकों से अपील करते हुए कहा कि बीमार सूअरों को दूसरे सूअरों से अलग रखना चाहिए। जल्द ही रिपोर्ट मिल जाएगी, उसके सही पता चलेगा कि सूअरों की मौत का कारण क्या रहा है।
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