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Jind News: नरवाना में सिक्योरिटी गार्ड और हेल्पर चला रहे नशामुक्ति केंद्र
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नरवाना। सिविल सर्जन डॉ. गोपाल गोयल व उनकी टीम ने शुक्रवार देर शाम को नशामुक्ति केंद्रों का निरीक्षण किया। इसमें नरवाना में चल रहे एक नशामुक्ति केंद्र की हालत इतनी खराब पाई गई कि इसको सिक्योरिटी गार्ड व हेल्पर ही चला रहे थे। यहां न कोई काउंसलर था और न ही स्टाफ नर्स। इसके अलावा टीम ने दातासिंह वाला गांव में दो नशामुक्ति केंद्रों द्वारा मांगी गई अनुमति पर भी निरीक्षण किया। दोनों ही नशामुक्ति केंद्रों की हालत ठीक पाई गई। अब स्वास्थ्य विभाग इनको अनुमति प्रदान करेगा।
गांव दातासिंहवाला में दो नशामुक्ति केंद्रों ने जिला प्रशासन से अनुमति मांगी थी। इनमें से एक का पहले भी निरीक्षण हो चुका था। अब शुक्रवार को सिविल सर्जन डॉ. गोपाल गोयल, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रमेश पांचाल, मनो चिकित्सक डॉ. संकल्प तथा समाज कल्याण अधिकारी सरोज ने निरीक्षण किया। दोनों ही नशामुक्ति केंद्रों की हालत ठीक पाई गई तथा यहां स्टाफ भी उपलब्ध मिला। अब स्वास्थ्य विभाग इनको अनुमति देने पर विचार करेगा। इसी बाद टीम ने नरवाना में चल रहे फ्यूचर वेलफेयर सोसायटी के नशामुक्ति केंद्र में काफी खामियां मिली। यहां न तो स्टाफ नर्स थी और न ही कोई काउंसलर चिकित्सक। यहां केवल सिक्योरिटी गार्ड और हेल्पर ही नशामुक्ति केंद्र चला रहे थे।
बाथरुम के साथ कमरे में बनाया जा रहा था खाना
टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि यहां सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा यहां आठ मरीज दाखिल हैं लेकिन बेड पर धूल व चदर काफी गंदी हैं। यहां शौचालय के साथ ही एक कमरे में खाना बनाने की व्यवस्था थी, जिसमें सफाई नाम की कोई चीज नहीं थी।
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दो नशामुक्ति केंद्रों को अनुमति देने के लिए निरीक्षण किया गया। इनमें काफी कुछ ठीक मिला और स्टाफ की भी व्यवस्था थी। नरवाना में नशामुक्ति केंद्रों में काफी कमियां मिली। यहां पर सफाई की कोई व्यवस्था नहीं थी। सिक्योरिटी गार्ड व हेल्पर को छोड़कर कोई भी व्यक्ति यहां नहीं मिला। इसके बारे में रिपोर्ट बनाकर अतिरिक्त उपायुक्त को सौंपी जाएगी।
-डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन।
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गांव दातासिंहवाला में दो नशामुक्ति केंद्रों ने जिला प्रशासन से अनुमति मांगी थी। इनमें से एक का पहले भी निरीक्षण हो चुका था। अब शुक्रवार को सिविल सर्जन डॉ. गोपाल गोयल, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रमेश पांचाल, मनो चिकित्सक डॉ. संकल्प तथा समाज कल्याण अधिकारी सरोज ने निरीक्षण किया। दोनों ही नशामुक्ति केंद्रों की हालत ठीक पाई गई तथा यहां स्टाफ भी उपलब्ध मिला। अब स्वास्थ्य विभाग इनको अनुमति देने पर विचार करेगा। इसी बाद टीम ने नरवाना में चल रहे फ्यूचर वेलफेयर सोसायटी के नशामुक्ति केंद्र में काफी खामियां मिली। यहां न तो स्टाफ नर्स थी और न ही कोई काउंसलर चिकित्सक। यहां केवल सिक्योरिटी गार्ड और हेल्पर ही नशामुक्ति केंद्र चला रहे थे।
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बाथरुम के साथ कमरे में बनाया जा रहा था खाना
टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि यहां सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा यहां आठ मरीज दाखिल हैं लेकिन बेड पर धूल व चदर काफी गंदी हैं। यहां शौचालय के साथ ही एक कमरे में खाना बनाने की व्यवस्था थी, जिसमें सफाई नाम की कोई चीज नहीं थी।
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दो नशामुक्ति केंद्रों को अनुमति देने के लिए निरीक्षण किया गया। इनमें काफी कुछ ठीक मिला और स्टाफ की भी व्यवस्था थी। नरवाना में नशामुक्ति केंद्रों में काफी कमियां मिली। यहां पर सफाई की कोई व्यवस्था नहीं थी। सिक्योरिटी गार्ड व हेल्पर को छोड़कर कोई भी व्यक्ति यहां नहीं मिला। इसके बारे में रिपोर्ट बनाकर अतिरिक्त उपायुक्त को सौंपी जाएगी।
-डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन।