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Jind News: स्वाइन फ्लू से जिले में दूसरी मौत

Sat, 03 Feb 2024 09:37 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Sat, 03 Feb 2024 09:37 PM IST
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Second death in the district due to swine flu
03जेएनडी18 : नागरिक अस्पताल में रजिस्ट्रेशन ​खिड़की पर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
जींद। जिले में एक बार फिर से स्वाइन फ्लू पैर पसारने लगा है। जिले में अब तक इससे दो लोगों की जान जा चुकी है। शुक्रवार को अर्बन एस्टेट निवासी 54 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद अब शनिवार को गुरथली गांव निवासी 53 वर्षीय व्यक्ति की हिसार के जिंदल अस्पताल में मौत की रिपोर्ट आई है। अब तक नौ लोग स्वाइन प्लू की चपेट में आ चुके हैं। नागरिक अस्पताल में स्वाइन फ्लू के सैंपल लेकर उचाना स्थित आरटीपीसीआर लैब में जांच की जाती है। अब तक स्वास्थ्य विभाग 100 से अधिक लोगों के सैंपल ले चुका है।
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जिले में 2009 में स्वाइन फ्लू ने दस्तक दी थी। उस समय 50 लोग इसके मरीज मिले थे। इनमें से दो लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद 2015 में फिर से स्वाइन फ्लू ने जिले में दस्तक दी। उस समय चार लोगों की जान गई थी। उस समय 70 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। अब एक बार फिर से स्वाइन फ्लू ने दस्तक देते हुए दो लोगों की जान ले ली है। अब तक नौ लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। पोकरी खेड़ी, गुलकनी, बहादुरपुर, रजाना कलां, दनौदा आदि गांवों में स्वाइन फ्लू के केस मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू के संभावित मरीजों के सैंपल लेने शुरू कर दिए हैं। स्वाइन फ्लू की वजह से जिन दो लोगों की मौत हुई है उनको कोई न कोई गंभीर बीमारी थी।
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कोरोना जैसे लक्षण
एच-1एन-1 के कारण होने वाले फ्लू के लक्षण, जिसे आमतौर पर स्वाइन फ्लू कहा जाता है। इसमें बुखार होता है मगर वह हर समय नहीं रहता है। मांसपेशियों में दर्द, ठंड लगना और पसीना आना, खांसी, गला खराब होना, नाक का बहना, पानीदार व लाल आंखें, आंखों में दर्द, शरीर में दर्द, सिर दर्द, थकान व कमजोरी इसके लक्षण हैं। कई बार पेट में दर्द के साथ उल्टी या दस्त भी लग जाती है। स्वाइन फ्लू के अधिकतर लक्षण कोरोना जैसे ही होते हैं।
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बचाव
स्वाइन फ्लू एच-1एन-1 एक वायरस है। यह हमेशा किसी दूसरे व्यक्ति से लगता है। पहले यह पशु व पक्षियों में होता था, लेकिन 2009 में यह मनुष्य तक पहुंच गया। यह नाक, गले और फेफड़ों की कोशिकाओं को संक्रमित करता है। जब वायरस से पीड़ित कोई व्यक्ति खांसता, छींकता, सांस लेता या बात करता है तो वायरस हवा में निकलने वाली बूंदों के माध्यम से फैलता है। दो वर्ष से कम आयु के बच्चों व 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गाें के लिए यह बहुत खतरनाक है। यह अपने आप ठीक होने वाला रोग है। इसमें किसी दूसरे संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना चाहिए। भीड़ से दूर रहना चाहिए। खांसते व छींकते समय मुंह पर कपड़ा लगाना चाहिए और मास्क जरूर पहनना चाहिए।

वर्जन
जिले में अब तक नौ लोगों की स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। जिन दो लोगों की मौत हुई है वह पहले से गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। संभावित लक्षण वाले मरीजों के सैंपल करवाकर उनकी जांच करवाई जा रही है। अस्पताल में स्पेशल वार्ड तैयार किया जा रहा है। लोगों को मास्क लगाना चाहिए और कोरोना जैसी गाइडलाइन का पालन करना चाहिए। -डॉ. विजेंद्र ढांडा, डिप्टी सिविल सर्जन संक्रमण

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