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Jind News: जुलाना उपमंडल में लघु सचिवालय भवन के लिए जमीन की तलाश
Mon, 18 Dec 2023 11:51 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 18 Dec 2023 11:51 PM IST
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जींद। जुलाना को उपमंडल का दर्जा देने के लिए सात दिसबंर को अधिसूचना जारी हो चुकी है। इसकी जानकारी उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने विधानसभा सत्र में दी। उन्होंने बताया कि यहां पर लघु सचिवालय के भवन के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। अगर डीसी व विधायक मिलकर जमीन की उपलब्धता का प्रस्ताव सरकार के पास भिजवाए तो जल्द ही भवन व अन्य औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी।
लगभग 18 साल के लंबे इंतजार के बाद जुलाना क्षेत्र के लोगों की उपमंडल की मांग पूरी हुई है। जुलाना क्षेत्र के लोग लंबे अरसे से उपमंडल की मांग कर रहे थे। पिछली मनोहर सरकार ने जुलाना की बजाए उचाना को उपमंडल का दर्जा दे दिया था, लेकिन इस बार जजपा के साथ गठबंधन में बनी सरकार में जुलाना को भी उपमंडल का दर्जा दिया गया है। इसके साथ ही जींद जिले की हर विधानसभा उपमंडल बन गई है।
जींद जिले में पांच विधानसभा क्षेत्र हैं। इनमें जींद, नरवाना, सफीदों, उचाना व जुलाना शामिल हैं। इससे पहले जुलाना को छोड़ कर सभी विधानसभा क्षेत्र उपमंडल थी। अब जुलाना को भी यह दर्जा मिल गया है। जुलाना विधानसभा क्षेत्र पूरी तरह से ग्रामीण क्षेत्र था। अब उपमंडल का दर्जा मिलने के बाद यहां पर विकास कार्य अधिक होंगे। जिससे जुलाना की सूरत बदलेगी।
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बाक्स
जुलाना में घोषणा तक रह गए थे हुड्डा
2004 से ही जुलाना को उपमंडल का दर्जा देने की मांग चल रही थी। तब मुख्यमंत्री रहे भूपेंद्र हुड्डा ने अपने दूसरे कार्यकाल के अंत में वादा किया था कि यदि उन्हें दोबारा मौका मिलता है तो वह जुलाना को उपमंडल का दर्जा देंगे, लेकिन भूपेंद्र हुड्डा तीसरी बार मुख्यमंत्री नहीं बन सके। जिसके चलते जुलाना को उपमंडल का दर्जा लंबे अर्से बाद मिल पाया।
बाक्स
पूर्व विधायक प्रमेंद्र ढुल ने भी उठाई थी आवाज
जुलाना को उपमंडल का दर्जा दिलवाने के लिए विधायक रहते हुए दस साल तक हर विधानसभा सत्र में इसकी मांग उठाई। उस दौरान सरकार ने जुलाना को उपमंडल का दर्जा नहीं दिया, लेकिन अब भाजपा व जजपा सरकार ने जुलाना को उपमंडल का दर्जा दिया है। सरकार से उम्मीद है कि जल्द यहां पर भवन का निर्माण कर अधिकारियों की नियुक्ति की जाए, ताकि यहां के लोगों को सुविधाएं मिल सके। सरकार इन कार्यों को शीघ्र करें, नहीं तो यह घोषणा ही बनकर रहेगी।
-- प्रमेंद्र सिंह ढुल पूर्व विधायक जुलाना।
बाक्स
जींद के पास लगते कुछ गांव कर चुके हैं विरोध
जुलाना को उपमंडल का दर्जा मिलने से अधिकतर गांवों के लोगों में खुशी है, लेकिन जींद के पास लगते 11 गांव इसके विरोध में आ चुके हैं। जिसके चलते पिछले एक सप्ताह पहले कई गांवों ने उनको जींद उपमंडल में ही रखने के लिए डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने ज्ञापन में कहा था कि अगर उनको जुलाना उपमंडल में रखा गया तो वह नेशनल हाइवे 152 डी को जाम करने पर मजबूर होंगे।
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लगभग 18 साल के लंबे इंतजार के बाद जुलाना क्षेत्र के लोगों की उपमंडल की मांग पूरी हुई है। जुलाना क्षेत्र के लोग लंबे अरसे से उपमंडल की मांग कर रहे थे। पिछली मनोहर सरकार ने जुलाना की बजाए उचाना को उपमंडल का दर्जा दे दिया था, लेकिन इस बार जजपा के साथ गठबंधन में बनी सरकार में जुलाना को भी उपमंडल का दर्जा दिया गया है। इसके साथ ही जींद जिले की हर विधानसभा उपमंडल बन गई है।
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जींद जिले में पांच विधानसभा क्षेत्र हैं। इनमें जींद, नरवाना, सफीदों, उचाना व जुलाना शामिल हैं। इससे पहले जुलाना को छोड़ कर सभी विधानसभा क्षेत्र उपमंडल थी। अब जुलाना को भी यह दर्जा मिल गया है। जुलाना विधानसभा क्षेत्र पूरी तरह से ग्रामीण क्षेत्र था। अब उपमंडल का दर्जा मिलने के बाद यहां पर विकास कार्य अधिक होंगे। जिससे जुलाना की सूरत बदलेगी।
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जुलाना में घोषणा तक रह गए थे हुड्डा
2004 से ही जुलाना को उपमंडल का दर्जा देने की मांग चल रही थी। तब मुख्यमंत्री रहे भूपेंद्र हुड्डा ने अपने दूसरे कार्यकाल के अंत में वादा किया था कि यदि उन्हें दोबारा मौका मिलता है तो वह जुलाना को उपमंडल का दर्जा देंगे, लेकिन भूपेंद्र हुड्डा तीसरी बार मुख्यमंत्री नहीं बन सके। जिसके चलते जुलाना को उपमंडल का दर्जा लंबे अर्से बाद मिल पाया।
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पूर्व विधायक प्रमेंद्र ढुल ने भी उठाई थी आवाज
जुलाना को उपमंडल का दर्जा दिलवाने के लिए विधायक रहते हुए दस साल तक हर विधानसभा सत्र में इसकी मांग उठाई। उस दौरान सरकार ने जुलाना को उपमंडल का दर्जा नहीं दिया, लेकिन अब भाजपा व जजपा सरकार ने जुलाना को उपमंडल का दर्जा दिया है। सरकार से उम्मीद है कि जल्द यहां पर भवन का निर्माण कर अधिकारियों की नियुक्ति की जाए, ताकि यहां के लोगों को सुविधाएं मिल सके। सरकार इन कार्यों को शीघ्र करें, नहीं तो यह घोषणा ही बनकर रहेगी।
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जींद के पास लगते कुछ गांव कर चुके हैं विरोध
जुलाना को उपमंडल का दर्जा मिलने से अधिकतर गांवों के लोगों में खुशी है, लेकिन जींद के पास लगते 11 गांव इसके विरोध में आ चुके हैं। जिसके चलते पिछले एक सप्ताह पहले कई गांवों ने उनको जींद उपमंडल में ही रखने के लिए डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने ज्ञापन में कहा था कि अगर उनको जुलाना उपमंडल में रखा गया तो वह नेशनल हाइवे 152 डी को जाम करने पर मजबूर होंगे।