{"_id":"660c549ad20f12305f013cf4","slug":"sdm-visited-and-tested-the-quality-of-mid-day-meal-jind-news-c-199-1-jnd1001-115173-2024-04-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: एसडीएम ने दौरा कर परखी मिड-डे मील की गुणवत्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: एसडीएम ने दौरा कर परखी मिड-डे मील की गुणवत्ता
Wed, 03 Apr 2024 12:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 03 Apr 2024 12:25 AM IST
विज्ञापन
02जेएनडी08: मिड-डे मील की गुणवत्ता को जांचते हुए एसडीएम राकेश सैनी। स्रोत प्रशासन
जींद। एसडीएम राकेश सैनी ने मंगलवार को उपमंडल के लगभग आधा दर्जन स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मिड-डे मील योजना के तहत छात्रों को उपलब्ध करवाए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता जांची।
एसडीएम ने कंडेला गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल से निरीक्षण का कार्य शुरू किया। इसके बाद उन्होंने राजकीय माध्यमिक स्कूल कंडेला, राजकीय प्राथमिक स्कूल जीतगढ़, राजकीय हाई स्कूल रूपगढ़, राजकीय प्राथमिक पाठशाला कैरखेड़ी तथा अहिरका गांव के स्कूल में पहुंचकर मिड-डे मील योजना के तहत विद्यार्थियों को दिए जाने वाले दोपहर के भोजन की गुणवत्ता जांची। उन्होंने स्कूल स्टॉफ व मिड-डे मील का भोजन बनाने वाली महिलाओं से बातचीत की। उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए भोजन बनाते समय सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। भोजन की शुद्धता व गुणवत्ता के मामले में कोई भी कमी न रहने दी जाए। योजना के तहत दिए जाने वाली सामग्री को पहले ही साफ करके रखें तथा स्टोर किए जाने वाली खाद्य सामग्री को भी ढककर रखें। उन्होंने विशेष तौर पर हिदायत देते हुए कहा कि भोजन बनाते समय हमेशा मीठे व साफ पानी का इस्तेमाल करें। मेन्यू के अनुसार ही भोजन बनाएं, ताकि संतुलित आहार युक्त भोजन बच्चों के लिए स्वास्थ्यवर्धक हो।
उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को भी निर्देश दिए कि मिड-डे मील का रिकॉर्ड दुरुस्त रखें। एसडीएम ने छात्रों से भी मिड-डे मील की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि भोजन बनाने के बाद सबसे पहले स्वयं उसको चखकर उसकी गुणवत्ता को जांच लें। उसके बाद ही भोजन बच्चों को परोसे। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी सामान की जरूरत हो तो उसकी सूचना संबंधित कर्मचारी को पहले दें, ताकि समय पर वह उपलब्ध हो सके। एसडीएम ने स्कूल स्टॉफ को निर्देश दिए कि स्कूल में पीने का साफ पानी, शौचालय की सफाई, बिजली व अन्य जरूरी कार्यों की समुचित व्यवस्था करवाई जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसडीएम ने कंडेला गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल से निरीक्षण का कार्य शुरू किया। इसके बाद उन्होंने राजकीय माध्यमिक स्कूल कंडेला, राजकीय प्राथमिक स्कूल जीतगढ़, राजकीय हाई स्कूल रूपगढ़, राजकीय प्राथमिक पाठशाला कैरखेड़ी तथा अहिरका गांव के स्कूल में पहुंचकर मिड-डे मील योजना के तहत विद्यार्थियों को दिए जाने वाले दोपहर के भोजन की गुणवत्ता जांची। उन्होंने स्कूल स्टॉफ व मिड-डे मील का भोजन बनाने वाली महिलाओं से बातचीत की। उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए भोजन बनाते समय सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। भोजन की शुद्धता व गुणवत्ता के मामले में कोई भी कमी न रहने दी जाए। योजना के तहत दिए जाने वाली सामग्री को पहले ही साफ करके रखें तथा स्टोर किए जाने वाली खाद्य सामग्री को भी ढककर रखें। उन्होंने विशेष तौर पर हिदायत देते हुए कहा कि भोजन बनाते समय हमेशा मीठे व साफ पानी का इस्तेमाल करें। मेन्यू के अनुसार ही भोजन बनाएं, ताकि संतुलित आहार युक्त भोजन बच्चों के लिए स्वास्थ्यवर्धक हो।
विज्ञापन
उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को भी निर्देश दिए कि मिड-डे मील का रिकॉर्ड दुरुस्त रखें। एसडीएम ने छात्रों से भी मिड-डे मील की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि भोजन बनाने के बाद सबसे पहले स्वयं उसको चखकर उसकी गुणवत्ता को जांच लें। उसके बाद ही भोजन बच्चों को परोसे। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी सामान की जरूरत हो तो उसकी सूचना संबंधित कर्मचारी को पहले दें, ताकि समय पर वह उपलब्ध हो सके। एसडीएम ने स्कूल स्टॉफ को निर्देश दिए कि स्कूल में पीने का साफ पानी, शौचालय की सफाई, बिजली व अन्य जरूरी कार्यों की समुचित व्यवस्था करवाई जाए।

02जेएनडी08: मिड-डे मील की गुणवत्ता को जांचते हुए एसडीएम राकेश सैनी। स्रोत प्रशासन
विज्ञापन