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Jind News: सुलेखा दलाल का निलंबन रद्द करने की मांग, सर्व कर्मचारी संघ ने जताया विरोध
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11जेएनडी11: जाट धर्मशाला में आयोजित बैठक में भाग लेते हुए सर्व कर्मचारी संघ के सदस्य। स्रोत : क
जींद। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की जिला कार्यकारिणी की बैठक वीरवार को जाट धर्मशाला में हुई। बैठक में रोहतक की गेस्ट शिक्षिका सुलेखा दलाल को बिना कारण बताए निलंबित किए जाने की कड़ी निंदा करते हुए इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एवं अधिकारों पर हमला बताया।
जिला प्रधान संजीव ढांडा और जिला सचिव सन्नी डागर पटवारी ने कहा कि किसी भी नागरिक, कर्मचारी या शिक्षक को सार्वजनिक महत्व के मुद्दों पर अपनी राय रखने तथा पेपर लीक, भर्ती घोटालों और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवाल उठाने का संवैधानिक अधिकार है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई शिक्षिका एक मां के रूप में विद्यार्थियों के भविष्य की चिंता व्यक्त करती है तो उसे दंडित करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। नेताओं ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। ऐसे मामलों को उठाने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय सरकार को दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए।
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बैठक में मांग की गई कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें तथा देशभर में हुई परीक्षा और भर्ती अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच करवाई जाए। साथ ही शिक्षा विभाग शिक्षिका सुलेखा दलाल का निलंबन तत्काल प्रभाव से रद्द कर उनकी बहाली सुनिश्चित करे और संबंधित अधिकारी सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। संघ नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो शिक्षक और कर्मचारी संगठनों को व्यापक आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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जिला प्रधान संजीव ढांडा और जिला सचिव सन्नी डागर पटवारी ने कहा कि किसी भी नागरिक, कर्मचारी या शिक्षक को सार्वजनिक महत्व के मुद्दों पर अपनी राय रखने तथा पेपर लीक, भर्ती घोटालों और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवाल उठाने का संवैधानिक अधिकार है।
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उन्होंने कहा कि यदि कोई शिक्षिका एक मां के रूप में विद्यार्थियों के भविष्य की चिंता व्यक्त करती है तो उसे दंडित करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। नेताओं ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। ऐसे मामलों को उठाने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय सरकार को दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए।
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बैठक में मांग की गई कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें तथा देशभर में हुई परीक्षा और भर्ती अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच करवाई जाए। साथ ही शिक्षा विभाग शिक्षिका सुलेखा दलाल का निलंबन तत्काल प्रभाव से रद्द कर उनकी बहाली सुनिश्चित करे और संबंधित अधिकारी सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। संघ नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो शिक्षक और कर्मचारी संगठनों को व्यापक आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।