हरियाणा: 24 मई को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगा संयुक्त किसान मोर्चा, बैठक कर लिया निर्णय
मोर्चा ने बैठक कर प्रदर्शन का निर्णय लिया। किसान नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री किसान संगठनों से बातचीत करें। सभी जिला मुख्यालयों पर सुबह नौ से 12 बजे तक विरोध प्रदर्शन का निर्णय लिया गया है।
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किसान आंदोलन स्थगित होने के छह महीने बाद फिर से संयुक्त किसान मोर्चा आंदोलन की राह पर है। मोर्चा ने किसानों की लंबित मांगे पूरी न होने पर 24 मई को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन की घोषणा की है। संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा की बैठक मंगलवार को अभिमन्यु कोहड़ की अध्यक्षता में जींद में गुरुद्वारा तेगबहादुर में हुई। इसमें फैसला लिया गया कि किसानों ने समझौते के तहत आंदोलन को स्थगित किया था। ऐसे में अभी तक लंबित मांगें पूरी नहीं हुई हैं। इसके विरोध में 24 मई को प्रदेश भर में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया जाएगा।
संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य सुमित कुमार ने बताया कि किसानों की बैठक में निर्णय लिया गया कि केंद्र सरकार से हुए समझौते की लंबित मांगों और ज्वलंत समस्याओं के निराकरण के लिए 24 मई को सभी जिला मुख्यालयों पर सुबह नौ से 12 बजे तक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
इस दौरान किसान मुकदमे वापसी, गेहूं की उपज कम होने की क्षतिपूर्ति, ट्यूबवेल कनेक्शन, बिजली लाइन के टावरों का मुआवजा, भूमि अधिग्रहण कानून संशोधन, सेना की भर्ती की बहाली, आगनबाड़ी कर्मियों को बहाल करने, बर्बाद फसलों और आगजानी से हुए नुक्सान और लंबित मुआवाजे की अदायगी, बीमा कंपनियों की लूट के खिलाफ कार्रवाई, ट्यूबवेल की बिजली आपूर्ति बढ़ाने, गन्ना उत्पादकों की समस्याएं प्रमुखता से उठाएंगे।
सुमित कुमार के अनुसार बैठक में मांग की गई कि मुख्यमंत्री संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा के प्रतिनिधियों के साथ इन मुद्दों पर वार्ता करें।बैठक में इंद्रजीत सिंह, जोगेंद्र नैन, सुखदेव सिंह, लखविंद्र सिरसा, दीपक लांबा, रामफल कंडेला, विकास सीसर, जरनैल सिंह चहल, सत्यवान, तेजवीर अंबाला, फूलसिंह श्योकंद, विनोद धडौली, अक्षय नरवाल शामिल रहे।