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Jind News: उद्योगों की भट्ठी में तप प्रेरणा बनीं महिलाएं

Sat, 21 Mar 2026 12:20 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 21 Mar 2026 12:20 AM IST
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Santosh Sharma, Shashi Batra, Kiran Saini, and Pooja Nain established industries on their own strength.
20जेएनडी33-संतोष शर्मा। - फोटो : फुरसतगंज ​स्थित म​स्जिद में नमाज अदा करते अकीदतमंद।
जींद। नवरात्र के इस पर्व पर जिले की चार उद्यमी महिलाएं संतोष शर्मा, शशि बतरा, किरण सैनी और पूजा नैन के संघर्ष की कहानी अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बनी है। इन महिलाओं ने विपरीत परिस्थितियों में कड़ी मेहनत कर खुद के बलबूते पर उद्योग स्थापित किए हैं। यही नहीं, ये महिलाएं अन्य महिलाओं को भी रोजगार का संबल दे रही हैं।
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भिवानी रोड निवासी 10वीं पास संतोष शर्मा की आर्थिक स्थिति भले ही ज्यादा मजबूत न हो लेकिन उनके हौसले में कोई कमी नहीं थी। संतोष अपने हौसले के बदौलत आज फैक्टरी चलाकर 20 से ज्यादा महिलाओं को रोजगार दे रही है।
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संतोष ने अपने काम की शुरुआत खिलौनों की दुकान से की। जींद के साथ-साथ उचाना, नरवाना, पिल्लूखेड़ा, नारनौंद, हांसी, पानीपत समेत कई शहरों से कैरी बैग की मांग आ रही है। इससे वह हर माह आसानी से कर्मियों का वेतन निकालकर 50 हजार रुपये से ज्यादा की कमाई कर रही हैं। उनके पति पवन पहले निजी कंपनी में काम करते थे लेकिन अब वह पत्नी के साथ फैक्टरी के ही काम में उनका साथ दे रहे हैं।
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किरण सैनी हांसी रोड पर 32 साल से चला रहीं खादी उद्योग

हांसी रोड पर 32 वर्षों से खादी ग्रामोद्योग का संचालन कर रहीं किरण सैनी जिले की महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी हैं। घर की बिगड़ी आर्थिक हालत को पटरी पर लाने के लिए उन्होंने कदम आगे बढ़ाए। किरण सैनी ने सबसे पहले सरस्वती खादी ग्रामोद्योग में नौकरी की। आर्थिक तंगी व सामाजिक तानों के बीच उन्होंने हार मानने के बजाय आगे बढ़ने का फैसला किया। उनके ग्रामोद्योग में खादी-कुर्ता पायजामा, बेड सीट, लेडीज सूट, ऊनी मफलर, जैकेट व कंबल तैयार किए जाते हैं।
शशि ने बाल्टी की फैक्टरी चला बच्चों को बनाया कामयाब

शहर के रोहतक रोड निवासी शशि बतरा के पति की वर्ष 2010 में मौत हो गई थी। इसके बाद घर पर कमाने वाला कोई नहीं था। उनके सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया था। हालांकि, उनके पति बाल्टी की फैक्टरी चलाते थे। उस समय वह इस काम से पूरी तरह से अनजान थीं। अब वह खुद अच्छे से फैक्टरी चला रही हैं। पंजाब, राजस्थान, चंडीगढ़ में बाल्टी सप्लाई करती हैं।

40 युवाओं को रोजगार दे रहीं पूजा
लाखों रुपये खर्च कर विदेश से बेड़ियों में बंधकर वतन लौटने वालों के लिए धमतान साहिब गांव की पूजा नैन नजीर बनी हैं। पूजा ने कभी पढ़ाई के लिए ट्रैक्टर एजेंसी पर नौकरी की, आज वह न सिर्फ सफल उद्यमी हैं बल्कि 40 युवाओं को रोजगार भी दे रही हैं। पूजा ने शहर में बीए की पढ़ाई के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की थी। पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए उन्होंने ट्रैक्टर एजेंसी में छह हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी भी की।

20जेएनडी33-संतोष शर्मा।

20जेएनडी33-संतोष शर्मा।- फोटो : फुरसतगंज स्थित मस्जिद में नमाज अदा करते अकीदतमंद।

20जेएनडी33-संतोष शर्मा।

20जेएनडी33-संतोष शर्मा।- फोटो : फुरसतगंज स्थित मस्जिद में नमाज अदा करते अकीदतमंद।

20जेएनडी33-संतोष शर्मा।

20जेएनडी33-संतोष शर्मा।- फोटो : फुरसतगंज स्थित मस्जिद में नमाज अदा करते अकीदतमंद।

20जेएनडी33-संतोष शर्मा।

20जेएनडी33-संतोष शर्मा।- फोटो : फुरसतगंज स्थित मस्जिद में नमाज अदा करते अकीदतमंद।

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