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पापों से बचने के लिए भगवान का संकीर्तन ही एकमात्र उपाय : गौरदास महाराज
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जींद। श्रीजी सेवा समिति की ओर से पुराना बस स्टैंड स्थित पंजाबी धर्मशाला में चल रही भागवत कथा के चौथे दिन भी काफी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। वृंदावन से आए गौरदास महाराज ने कहा कि कलिकाल में पापों से बचने के लिए भगवान का संकीर्तन ही एकमात्र उपाय है। जीव को तारने का एकमात्र साधन श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करना है।
उन्होंने कहा कि यही परमात्मा का साक्षात स्वरूप है। इस कथा को शुकदेव द्वारा सुनकर ही राजा परीक्षित परमगति को प्राप्त हुए। इस दौरान उन्होंने श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता का वर्णन किया। कहा सुदामा श्रीकृष्ण भगवान के परम मित्र थे, जो पूर्व जन्मों के कर्म के कारण अत्यंत निर्धन ब्राह्मण हुए। सुदामा की पत्नी सुशीला ने अपनी दीनहीन दशा देखकर पति सुदामा से श्रीकृष्ण के यहां जाने को कहा। श्रीकृष्ण द्वारिकाधीश हैं, वे मदद अवश्य करेंगे। पत्नी के कहने पर सुदामा श्रीकृष्ण के पास द्वारिका गए। सुदामा के आने की सूचना पर श्री कृष्ण दौड़कर नंगे पांव उनसे मिलने आते हैं। सुदामा को गले लगाते हैं। सुदामा की दीन हीन दशा को देखकर भगवान श्रीकृष्ण इतने रोए कि उनके आंसुओं से ही सुदामा के चरण धुल गए। फिर भगवान ने दो मुट्ठी चावल खाकर सुदामा को संपूर्ण वैभव प्रदान किया। इस अवसर पर श्रीराधे चरण पादुका संस्था का भी विशेष सहयोग रहा। इस मौके पर हरीश, नरेश शर्मा, राजन चिलाना, ओमप्रकाश नागपाल, जतिन नागपाल, गुलशन आहूजा, सन्नी मग्गू, श्रीकृष्ण ढांडा, सुरेंद्र सिंह, अनिल खुराना, विनोद खुराना मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि यही परमात्मा का साक्षात स्वरूप है। इस कथा को शुकदेव द्वारा सुनकर ही राजा परीक्षित परमगति को प्राप्त हुए। इस दौरान उन्होंने श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता का वर्णन किया। कहा सुदामा श्रीकृष्ण भगवान के परम मित्र थे, जो पूर्व जन्मों के कर्म के कारण अत्यंत निर्धन ब्राह्मण हुए। सुदामा की पत्नी सुशीला ने अपनी दीनहीन दशा देखकर पति सुदामा से श्रीकृष्ण के यहां जाने को कहा। श्रीकृष्ण द्वारिकाधीश हैं, वे मदद अवश्य करेंगे। पत्नी के कहने पर सुदामा श्रीकृष्ण के पास द्वारिका गए। सुदामा के आने की सूचना पर श्री कृष्ण दौड़कर नंगे पांव उनसे मिलने आते हैं। सुदामा को गले लगाते हैं। सुदामा की दीन हीन दशा को देखकर भगवान श्रीकृष्ण इतने रोए कि उनके आंसुओं से ही सुदामा के चरण धुल गए। फिर भगवान ने दो मुट्ठी चावल खाकर सुदामा को संपूर्ण वैभव प्रदान किया। इस अवसर पर श्रीराधे चरण पादुका संस्था का भी विशेष सहयोग रहा। इस मौके पर हरीश, नरेश शर्मा, राजन चिलाना, ओमप्रकाश नागपाल, जतिन नागपाल, गुलशन आहूजा, सन्नी मग्गू, श्रीकृष्ण ढांडा, सुरेंद्र सिंह, अनिल खुराना, विनोद खुराना मौजूद रहे।
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