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Jind News: बहाल हुई सफाई व्यवस्था, पहले दिन उठाया 140 टन कूड़ा
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12जेएनडी24: शहर के पुराने बस अड्डे से उठाया गया कूड़ा। संवाद
जींद। करीब एक माह से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण चरमराई शहर की सफाई व्यवस्था शनिवार से पटरी पर लौटने लगी। हड़ताल समाप्त होने के बाद पहले दिन करीब 140 टन कूड़े का उठान किया गया। हालांकि, शहर में अब भी 500 टन से अधिक कूड़ा अलग-अलग स्थानों पर पड़ा हुआ है।
नगर परिषद के ईओ सुशील भुक्कल दावा है कि लगातार सफाई अभियान चलाकर करीब एक सप्ताह में शहर की सफाई व्यवस्था सामान्य कर दी जाएगी। हड़ताल के दौरान सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सुरक्षा के बीच कूड़ा उठवाना पड़ा। इस दौरान कई बार सफाई कर्मचारी और प्रशासन आमने-सामने भी आए।
छह अगस्त से शुरू हुआ आंदोलन
6 अगस्त: मांगों को लेकर जींद नगर परिषद के सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। करीब 180 कर्मचारियों के काम से हटने के बाद शहर में कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए।
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24 अगस्त: नगर परिषद प्रशासन ने रात में ‘ऑपरेशन क्लीन’ चलाकर पुलिस की मौजूदगी में सफाई करवाई। अभियान सुबह करीब पांच बजे तक चला।
25 अगस्त: प्रशासन ने कूड़ा उठाने के लिए टीमें मैदान में उतारीं तो हड़ताली कर्मचारियों ने विरोध किया। काम में बाधा डालने के आरोप में 35 कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
1 सितंबर: कूड़ा उठाने के लिए लगाए गए वाहनों के टायर पंक्चर करने, कूड़ा सड़क पर डालने और एजेंसी के कर्मचारियों से हाथापाई के आरोप सामने आए। इसके बाद नगर परिषद की शिकायत पर 14 हड़ताली सफाई कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर 5 सितंबर को डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा को ज्ञापन भी सौंपा था।
7 सितंबर: नगर परिषद ने कार्रवाई करते हुए तीन नियमित सफाई कर्मचारियों को निलंबित कर दिया, जबकि नौ अनुबंधित कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। इस तरह कुल 12 कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई।
बाक्स
जिन संगठनों ने हड़ताल के दौरान सफाई कर्मचारियों का समर्थन किया था, उन्हें अब एक दिन शहर में जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही योजना तैयार की जाएगी। इन संगठनों के समर्थन से कर्मचारियों को जो मजबूती मिली, उसी के चलते उनकी मांगों की जीत सुनिश्चित हो सकी।
-- सोहनलाल, जिला प्रधान सफाई कर्मचारी यूनियन जींद
12जेएनडी24:
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नगर परिषद के ईओ सुशील भुक्कल दावा है कि लगातार सफाई अभियान चलाकर करीब एक सप्ताह में शहर की सफाई व्यवस्था सामान्य कर दी जाएगी। हड़ताल के दौरान सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सुरक्षा के बीच कूड़ा उठवाना पड़ा। इस दौरान कई बार सफाई कर्मचारी और प्रशासन आमने-सामने भी आए।
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छह अगस्त से शुरू हुआ आंदोलन
6 अगस्त: मांगों को लेकर जींद नगर परिषद के सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। करीब 180 कर्मचारियों के काम से हटने के बाद शहर में कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए।
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24 अगस्त: नगर परिषद प्रशासन ने रात में ‘ऑपरेशन क्लीन’ चलाकर पुलिस की मौजूदगी में सफाई करवाई। अभियान सुबह करीब पांच बजे तक चला।
25 अगस्त: प्रशासन ने कूड़ा उठाने के लिए टीमें मैदान में उतारीं तो हड़ताली कर्मचारियों ने विरोध किया। काम में बाधा डालने के आरोप में 35 कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
1 सितंबर: कूड़ा उठाने के लिए लगाए गए वाहनों के टायर पंक्चर करने, कूड़ा सड़क पर डालने और एजेंसी के कर्मचारियों से हाथापाई के आरोप सामने आए। इसके बाद नगर परिषद की शिकायत पर 14 हड़ताली सफाई कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर 5 सितंबर को डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा को ज्ञापन भी सौंपा था।
7 सितंबर: नगर परिषद ने कार्रवाई करते हुए तीन नियमित सफाई कर्मचारियों को निलंबित कर दिया, जबकि नौ अनुबंधित कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। इस तरह कुल 12 कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई।
बाक्स
जिन संगठनों ने हड़ताल के दौरान सफाई कर्मचारियों का समर्थन किया था, उन्हें अब एक दिन शहर में जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही योजना तैयार की जाएगी। इन संगठनों के समर्थन से कर्मचारियों को जो मजबूती मिली, उसी के चलते उनकी मांगों की जीत सुनिश्चित हो सकी।
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