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Jind News: सफीदों जिला बनाओ संघर्ष समिति बनाई
Mon, 23 Dec 2024 12:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 23 Dec 2024 12:02 AM IST
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22जेएनडी11: बैठक में मौजूद क्षेत्र के गणमान्य लोग। संवाद
सफीदों। सफीदों को जिला बनाने के उद्देश्य से क्षेत्र के मौजिज लोगों की बैठक रविवार को नगर के रामलीला मैदान में हुई। इसमें सभापति राइस मिलर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष जैन रहे। बैठक में सफीदों को जिला बनाए जाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर सर्वसम्मति से सफीदों जिला बनाओ संघर्ष समिति का गठन किया गया। समिति का अध्यक्ष समाजसेवी सुभाष जैन को बनाया गया। इसके अलावा संरक्षक लोकतंत्र सेनानी रामगोपाल अग्रवाल, मनोज दीवान को संयोजक, नरेश सिंह बराड़, परसराम वत्स, डाॅ. सत्यवान सैन, श्यामलाल गुज्जर व राजेंद्र वशिष्ठ को उपाध्यक्ष, संजीव गौतम, सचिव दीपक चौहान व हिमलेश जैन को महासचिव, सुशील सैनी को सहसचिव, जयदेव माटा व एडवोकेट हरीश वशिष्ठ को कोषाध्यक्ष बनाया गया। इसके अलावा रिंकू मलिक, कपिल शर्मा, दिलावर मलिक, संजीव बंसल, होशियार सिंह व सतीश बलाना को सदस्य बनाया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 29 दिसंबर को फिर से नागक्षेत्र मंदिर हॉल में बैठक का आयोजन किया जाएगा और लोगों के विचार व सुझाव लिए जाएंगे। उन सुझावों के आधार पर ही आगामी रणनीति बनाई जाएगी। बैठक में सुझाव आया कि सफीदों विधानसभा क्षेत्र के हर गांव के सरपंचों, पूर्व सरपंचों, नंबरदारों व समाजसेवी लोगों को इस मुहिम में जोड़ा जाए। इसके साथ सफीदों नगर की सभी सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं को इस मुहिम में शामिल किया जाए।
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सफीदों जिला बनाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुभाष जैन ने कहा कि हर किसी को व्यक्तिगत अहम को त्यागकर और राजनीति से ऊपर उठकर इस आंदोलन को आगे बढ़ाना होगा। यह मुहिम केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज व इलाके की है। क्षेत्र के हर व्यक्ति को इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर आगे आना चाहिए। अगर इस मुहिम में हम सफल हो जाते हैं तो सफीदों के लिए विकास के नए रास्ते खुलेंगे और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
उन्होंने बताया कि अभी कार्यकारिणी का प्रारंभिक गठन किया गया है। धीरे-धीरे ओर लोगों को भी इसमें जोड़कर कार्यकारिणी का विस्तार किया जाएगा। रामगोपाल अग्रवाल ने कहा कि सफीदों एक ऐतिहासिक नगरी है तथा इसका महाभारत कालीन सभ्यता में विस्तृत वर्णन है, लेकिन विकास के मामले में यह शहर सबसे पीछे है।
1966 में जब हरियाणा को अलग राज्य का दर्जा दिया गया तो उस समय प्रदेश में केवल सात जिले थे, लेकिन बाद में सभी जिला को विभाजित करके उनके कई जिले बना दिए गए, पर जींद जिला अकेला ऐसा है, जिसमें से कोई भी नया जिला नहीं बना।
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इस अवसर पर सर्वसम्मति से सफीदों जिला बनाओ संघर्ष समिति का गठन किया गया। समिति का अध्यक्ष समाजसेवी सुभाष जैन को बनाया गया। इसके अलावा संरक्षक लोकतंत्र सेनानी रामगोपाल अग्रवाल, मनोज दीवान को संयोजक, नरेश सिंह बराड़, परसराम वत्स, डाॅ. सत्यवान सैन, श्यामलाल गुज्जर व राजेंद्र वशिष्ठ को उपाध्यक्ष, संजीव गौतम, सचिव दीपक चौहान व हिमलेश जैन को महासचिव, सुशील सैनी को सहसचिव, जयदेव माटा व एडवोकेट हरीश वशिष्ठ को कोषाध्यक्ष बनाया गया। इसके अलावा रिंकू मलिक, कपिल शर्मा, दिलावर मलिक, संजीव बंसल, होशियार सिंह व सतीश बलाना को सदस्य बनाया गया।
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बैठक में निर्णय लिया गया कि 29 दिसंबर को फिर से नागक्षेत्र मंदिर हॉल में बैठक का आयोजन किया जाएगा और लोगों के विचार व सुझाव लिए जाएंगे। उन सुझावों के आधार पर ही आगामी रणनीति बनाई जाएगी। बैठक में सुझाव आया कि सफीदों विधानसभा क्षेत्र के हर गांव के सरपंचों, पूर्व सरपंचों, नंबरदारों व समाजसेवी लोगों को इस मुहिम में जोड़ा जाए। इसके साथ सफीदों नगर की सभी सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं को इस मुहिम में शामिल किया जाए।
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सफीदों जिला बनाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुभाष जैन ने कहा कि हर किसी को व्यक्तिगत अहम को त्यागकर और राजनीति से ऊपर उठकर इस आंदोलन को आगे बढ़ाना होगा। यह मुहिम केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज व इलाके की है। क्षेत्र के हर व्यक्ति को इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर आगे आना चाहिए। अगर इस मुहिम में हम सफल हो जाते हैं तो सफीदों के लिए विकास के नए रास्ते खुलेंगे और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
उन्होंने बताया कि अभी कार्यकारिणी का प्रारंभिक गठन किया गया है। धीरे-धीरे ओर लोगों को भी इसमें जोड़कर कार्यकारिणी का विस्तार किया जाएगा। रामगोपाल अग्रवाल ने कहा कि सफीदों एक ऐतिहासिक नगरी है तथा इसका महाभारत कालीन सभ्यता में विस्तृत वर्णन है, लेकिन विकास के मामले में यह शहर सबसे पीछे है।
1966 में जब हरियाणा को अलग राज्य का दर्जा दिया गया तो उस समय प्रदेश में केवल सात जिले थे, लेकिन बाद में सभी जिला को विभाजित करके उनके कई जिले बना दिए गए, पर जींद जिला अकेला ऐसा है, जिसमें से कोई भी नया जिला नहीं बना।