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Jind News: इलेक्ट्रिक बसों का बदलेगा मार्ग, हिसार बाईपास तक चलाने की तैयारी
Thu, 20 Feb 2025 10:53 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 20 Feb 2025 10:53 PM IST
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रोहतक। पिछले माह शुरु हुई इलेक्ट्रिक बस सेवा के विस्तार की तैयारी है। रोडवेज इन्हें हिसार बाईपास तक चलाने से पहले दो दिन सर्वे करेगा।
फिलहाल यह सुविधा बस स्टैंड से पीजीआई वाया शीला बाईपास के लिए है। इनमें सुबह से दोपहर तक ही भीड़ रहती है। दोपहर बाद पीजीआई व शिक्षण संस्थान बंद होने के कारण इन बसों में सवारियां न के बराबर रहती हैं। ससे डिपो भी नुकसान हो उठाना पड़ रहा है। इस स्थिति से बचने के लिए बसों के रूट में बदलाव किया जा रहा है। रोडवेज अधिकारियों की मानें तो नियमानुसार एक इलेक्ट्रिक बस का 190 किलोमीटर संचालन जरूरी है।
हिसार रोड और सांपला की ओर हो सकता है संचालन
कर्मशाला प्रबंधक सुरेंद्र सिवाच ने बताया कि शीला बाइपास, साेनीपत रोड, आंबेडकर चौक, फ्लाइओवर होते हुए पुराना बस अड्डा की ओर बस संचालन के लिए सर्वे किया जाएगा। सर्वे के बाद ही नए मार्ग निर्धारित होंगे। शहर में ही हिसार रोड तक इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना बनाई जा रही है। मुख्यालय की अनुमति के बाद सांपला मार्ग पर भी बस संचालन किया जा सकता है।
कब-कितने यात्रियों ने सफर किया
दिनांक यात्री
13 फरवरी 1859
14 फरवरी 1862
15 फरवरी 1632
16 फरवरी 640
17 फरवरी 1859
ग्रामीण रूटों पर चलाना असंभव : सुमेर
सिटी बस सेवा शहर में ही कारगर हो सकती है। ग्रामीण रूटों पर इनका संचालन असंभव है। सामान्य बसों की अपेक्षा इलेक्ट्रिक बसों का किराया अधिक होने से डिपो को नुकसान हेगा। इन बसों के लिए बेहतर मार्ग होना जरूरी है। -सुमेर सिवाच, राज्य महासचिव, हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन
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इलेक्ट्रिक बसों में शाम के समय यात्रियों की संख्या कम रहती है। इनके मार्ग बदलने को लेकर दो दिन में सर्वे रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी। अनुमति मिलते ही लगभग तीन बसों को अन्य मार्ग पर चलाया जाएगा।
- सुरेंद्र सिवाच, कर्मशाला प्रबंधक, रोडवेज।
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फिलहाल यह सुविधा बस स्टैंड से पीजीआई वाया शीला बाईपास के लिए है। इनमें सुबह से दोपहर तक ही भीड़ रहती है। दोपहर बाद पीजीआई व शिक्षण संस्थान बंद होने के कारण इन बसों में सवारियां न के बराबर रहती हैं। ससे डिपो भी नुकसान हो उठाना पड़ रहा है। इस स्थिति से बचने के लिए बसों के रूट में बदलाव किया जा रहा है। रोडवेज अधिकारियों की मानें तो नियमानुसार एक इलेक्ट्रिक बस का 190 किलोमीटर संचालन जरूरी है।
हिसार रोड और सांपला की ओर हो सकता है संचालन
कर्मशाला प्रबंधक सुरेंद्र सिवाच ने बताया कि शीला बाइपास, साेनीपत रोड, आंबेडकर चौक, फ्लाइओवर होते हुए पुराना बस अड्डा की ओर बस संचालन के लिए सर्वे किया जाएगा। सर्वे के बाद ही नए मार्ग निर्धारित होंगे। शहर में ही हिसार रोड तक इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना बनाई जा रही है। मुख्यालय की अनुमति के बाद सांपला मार्ग पर भी बस संचालन किया जा सकता है।
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कब-कितने यात्रियों ने सफर किया
दिनांक यात्री
13 फरवरी 1859
14 फरवरी 1862
15 फरवरी 1632
16 फरवरी 640
17 फरवरी 1859
ग्रामीण रूटों पर चलाना असंभव : सुमेर
सिटी बस सेवा शहर में ही कारगर हो सकती है। ग्रामीण रूटों पर इनका संचालन असंभव है। सामान्य बसों की अपेक्षा इलेक्ट्रिक बसों का किराया अधिक होने से डिपो को नुकसान हेगा। इन बसों के लिए बेहतर मार्ग होना जरूरी है। -सुमेर सिवाच, राज्य महासचिव, हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन
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इलेक्ट्रिक बसों में शाम के समय यात्रियों की संख्या कम रहती है। इनके मार्ग बदलने को लेकर दो दिन में सर्वे रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी। अनुमति मिलते ही लगभग तीन बसों को अन्य मार्ग पर चलाया जाएगा।
- सुरेंद्र सिवाच, कर्मशाला प्रबंधक, रोडवेज।