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Jind News: 25 जुलाई को परिवहन मंत्री आवास का घेराव करेंगे रोडवेज कर्मचारी
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फोटो 23जेएनडी07-बस अड्डा स्थित यूनियन कार्यालय में आयोजित बैठक में मौजूद रोडवेज कर्मचारी यूनिय
जींद। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के आह्वान पर 25 जुलाई को अंबाला स्थित परिवहन मंत्री के आवास का घेराव किया जाएगा। इस आंदोलन की तैयारियों को लेकर रोडवेज कर्मचारी यूनियन हरियाणा की राज्य कार्यकारिणी की बैठक यूनियन कार्यालय में राज्य प्रधान निशान सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
बैठक में राज्य प्रधान निशान सिंह, जयबीर घणघस, अनूप लाठर और कृष्ण रवीश ने कहा कि रोडवेज में लगातार कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने के बावजूद नई भर्ती नहीं होने से चालक, परिचालक, मैकेनिक, हेल्पर और सफाई कर्मचारियों सहित हजारों पद खाली पड़े हैं। कर्मचारियों की भारी कमी के कारण मौजूदा स्टाफ पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ गया है, जिससे उन्हें मानसिक और शारीरिक दबाव झेलना पड़ रहा है।
वर्कशॉप में पर्याप्त तकनीकी कर्मचारी नहीं होने से कई बसें मरम्मत के इंतजार में खड़ी रहती हैं। इसका सीधा असर यात्रियों को मिलने वाली परिवहन सुविधाओं पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार द्वारा ठेके के आधार पर इलेक्ट्रिक बसें लेने का विरोध करते हुए कहा कि इनमें रोडवेज की रियायती और निशुल्क यात्रा सुविधाएं लागू नहीं हैं, जिससे आम यात्रियों को नुकसान होगा।
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बैठक में सरकार से ठेका व्यवस्था समाप्त कर प्रदेश की जरूरत के अनुसार नई साधारण बसें खरीदने की मांग की गई। साथ ही चालक-परिचालकों का पे-ग्रेड बढ़ाने, कौशल रोजगार निगम के कर्मचारियों को नियमित करने, लंबित बोनस का भुगतान, अर्जित अवकाश व धुलाई भत्ता बहाल करने, ग्रुप-डी कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर पदोन्नति देने और जोखिम भत्ता लागू करने की मांग भी दोहराई गई।
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बैठक में राज्य प्रधान निशान सिंह, जयबीर घणघस, अनूप लाठर और कृष्ण रवीश ने कहा कि रोडवेज में लगातार कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने के बावजूद नई भर्ती नहीं होने से चालक, परिचालक, मैकेनिक, हेल्पर और सफाई कर्मचारियों सहित हजारों पद खाली पड़े हैं। कर्मचारियों की भारी कमी के कारण मौजूदा स्टाफ पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ गया है, जिससे उन्हें मानसिक और शारीरिक दबाव झेलना पड़ रहा है।
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वर्कशॉप में पर्याप्त तकनीकी कर्मचारी नहीं होने से कई बसें मरम्मत के इंतजार में खड़ी रहती हैं। इसका सीधा असर यात्रियों को मिलने वाली परिवहन सुविधाओं पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार द्वारा ठेके के आधार पर इलेक्ट्रिक बसें लेने का विरोध करते हुए कहा कि इनमें रोडवेज की रियायती और निशुल्क यात्रा सुविधाएं लागू नहीं हैं, जिससे आम यात्रियों को नुकसान होगा।
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बैठक में सरकार से ठेका व्यवस्था समाप्त कर प्रदेश की जरूरत के अनुसार नई साधारण बसें खरीदने की मांग की गई। साथ ही चालक-परिचालकों का पे-ग्रेड बढ़ाने, कौशल रोजगार निगम के कर्मचारियों को नियमित करने, लंबित बोनस का भुगतान, अर्जित अवकाश व धुलाई भत्ता बहाल करने, ग्रुप-डी कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर पदोन्नति देने और जोखिम भत्ता लागू करने की मांग भी दोहराई गई।