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Jind News: निजीकरण के विरोध में तीन अप्रैल से भूख हड़ताल करेंगे रोडवेज कर्मचारी

Sat, 29 Mar 2025 11:53 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 29 Mar 2025 11:53 PM IST
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Roadways employees will go on hunger strike from April 3 in protest against privatization
29जेएनडी07- बैठक में भाग लेते रोडवेज कर्मचारी। स्रोत यूनियन
29जेएनडी07
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निजीकरण के विरोध में तीन अप्रैल से भूख हड़ताल करेंगे रोडवेज कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ की राज्य कार्यकारिणी की बैठक जींद डिपो में स्थित यूनियन कार्यालय में राज्य प्रधान जगदीप लाठर की अध्यक्षता में हुई। संचालन राज्य महासचिव चमन लाल स्वामी ने किया। जगदीप लाठर ने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों को हर डिपो में कार्य करते हुए कई समस्या आ रही हैं। इसमें किलोमीटर अधिक तय करना समय पर रात्रि ठहराव नहीं मिलना, एसीपी का लाभ समय पर नहीं मिलना मुख्य रूप से शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार अगर समय रहते उनकी मांगों की ओर ध्यान नहीं देती है तो रोडवेज कर्मचारी तीन अप्रैल से भूख हड़ताल करेंगे, जिसमें से जींद डिपो के कर्मचारी 24 अप्रैल को भूख हड़ताल करेंगे। फिर भी सरकार रोडवेज कर्मचारी की जायज मांगों को धरातल पर लागू नहीं किया जाता तो आठ जून को परिवहन मंत्री के गृह क्षेत्र अंबाला में रोडवेज कर्मचारी न्याय मार्च निकालेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन से आम जनता को जो परेशानी और राजस्व की हानि की जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
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रोडवेज नेताओं ने कहा कि सरकार प्राइवेट इलेक्ट्रिक बसें ठेके पर चलाने के निर्णय को रद्द करने सहित सभी प्रकार की प्राइवेट बसों को बंद कर रोडवेज के बेड़े में 10 हजार रोडवेज की नई बसें शामिल करें। इससे 60 हजार युवाओंं को रोजगार मिलेगा और जनता को बेहतर परिवहन सेवा प्रदान होगी। सरकार खुद इलेक्ट्रिक बस खरीद कर रोडवेज के बेड़े में बसें शामिल करें। हरियाणा सरकार स्वतंत्र आठवें वेतन आयोग का गठन करें। परिचालकों और लिपिक का वेतनमान अपग्रेड करके 35400 किया जाए। चालक, मैकेनिक, स्टोर कीपर, कैशियर सहित सभी श्रेणियां की वेतन विसंगति दूर की जाए। हैवी चालक का वेतनमान 53 हजार किया जाए। परिचालक से उपनिरीक्षक और निरीक्षक की पदोन्नति होने पर अन्य श्रेणियां की भांति वेतन वृद्धि दी जाए। पुरानी पेंशन बहाल की जाए। सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। कर्मशाला कर्मचारियों के कम किए गए राजपत्रित अवकाश पहले की तरह लागू किए जाएं। कर्मचारियों के बंद किए गए ओवरटाइम पॉलिसी को दोबारा लागू किया जाए। तबादला नीति में संशोधन कर आपसी स्थानांतरण खोले जाए। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा सरकार और परिवहन मंत्री से अपील करता है कि रोडवेज के बेड़े में प्राइवेट किलोमीटर स्कीम की बस नहीं लाकर रोडवेज के बेड़े में रोडवेज बस शामिल करें और निजीकरण की नीतियों को बंद करें। इस अवसर पर प्रह्लाद सिंह, सज्जन कंडेला, अनिल गौतम, जयवीर मलिक, सलीम, दर्शन जांगड़ा, अनिल कथुरा, मिंटू, आनंद जाटान और शिवकुमार शर्मा भी मौजूद रहे।
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