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पीडब्ल्यूडी बीएंडआर और जनस्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से धंसीं सड़कें ः एक्सईएन
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बारिश के कारण धंसे रोहतक रोड पर अमरूत योजना के तहत डाली गई पाइपलाइन की जांच करते नगर परिषद के अधिक
- फोटो : Jind
रोहतक रोड और मिनी बाईपास पर सड़क धंसने के मामले में पीडब्ल्यूडी बीएंडआर, जनस्वास्थ्य विभाग व नगर परिषद आमने-सामने हैं। 20 दिन पहले पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ने पत्र लिखकर सड़क धंसने का कारण अमरूत योजना के तहत डाली गई पाइपलाइन को बताया था। अब नगर परिषद ने इससे पल्ला झाड़ते हुए सड़क धंसने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी बीएंडआर व जनस्वास्थ्य विभाग पर डाल दी है।
दरअसल रोहतक रोड व मिनी बाईपास पीडब्ल्यूडी बीएंडआर की सड़कें हैं। यहां पर नगर परिषद ने अमरूत योजना के तहत पाइपलाइन डाली है। 19 जुलाई को हुई तेज बारिश से रोहतक रोड कई जगह से धंस गया था। इसके बाद पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ने नगर परिषद को पत्र लिखकर अमरूत योजना पर सवाल उठाए थे। इसके बाद 30 जुलाई को नगर परिषद, जनस्वास्थ्य विभाग व पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया था। इसके आधार पर ही अब नगर परिषद ने वापस पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को पत्र लिखा है।
सड़क बनाने से पहले मिट्टी बैठाने में हुई लापरवाही
नगर परिषद के एक्सईएन सुमित कुमार ने लिखे पत्र में पीडब्ल्यूडी बीएंडआर द्वार सड़क बनाने से पहले मिट्टी सही प्रकार से नहीं बैठाने की बात कही गई है। उन्होंने लिखा है कि रोहतक रोड व मिनी बाईपास पर पाइपलाइन डालने का काम नियमानुसार किया गया है। साथ ही लिखा है कि सड़क बनाने के लिए बीएंडआर ने जो राशि मांगी वह भी जमा करवाई गई है। इसके बावजूद सड़क निर्माण से पहले न तो परतों में मिट्टी डालकर पानी चलाया गया और न ही मिट्टी को बैठाने के लिए अन्य कोई तरीका अपनाया गया। ऐसे में सड़क धंसने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी बीएंडआर की बनती है।
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जनस्वास्थ्य विभाग की लाइन पर भी सवाल
दरअसल सभी सड़कों के नीचे से जनस्वास्थ्य विभाग की सीवर लाइन डाली गई हैं। इस पर नगर परिषद के एक्सईएन ने लिखा है कि तीन विभागों की संयुक्त जांच में साफ हो चुका है कि सिर्फ ट्रक यूनियन के पास एक जगह को छोड़कर जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा डाली गई पाइपलाइन के सभी मैनहोल में रिसाव है। इसके कारण ही सड़क धंसी है।
पीडब्ल्यूडी बीएंडआर से इस बारे में पत्र आया था। इसके बाद तीनों विभागों के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया था। जिसमें साफ हो चुका है कि नगर परिषद की पाइपलाइन सही से डाली गई है। इसके जवाब में पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को पत्र भेज दिया गया है।
सुमित कुमार, एक्सईएन, नगर परिषद, जींद।
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दरअसल रोहतक रोड व मिनी बाईपास पीडब्ल्यूडी बीएंडआर की सड़कें हैं। यहां पर नगर परिषद ने अमरूत योजना के तहत पाइपलाइन डाली है। 19 जुलाई को हुई तेज बारिश से रोहतक रोड कई जगह से धंस गया था। इसके बाद पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ने नगर परिषद को पत्र लिखकर अमरूत योजना पर सवाल उठाए थे। इसके बाद 30 जुलाई को नगर परिषद, जनस्वास्थ्य विभाग व पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया था। इसके आधार पर ही अब नगर परिषद ने वापस पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को पत्र लिखा है।
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सड़क बनाने से पहले मिट्टी बैठाने में हुई लापरवाही
नगर परिषद के एक्सईएन सुमित कुमार ने लिखे पत्र में पीडब्ल्यूडी बीएंडआर द्वार सड़क बनाने से पहले मिट्टी सही प्रकार से नहीं बैठाने की बात कही गई है। उन्होंने लिखा है कि रोहतक रोड व मिनी बाईपास पर पाइपलाइन डालने का काम नियमानुसार किया गया है। साथ ही लिखा है कि सड़क बनाने के लिए बीएंडआर ने जो राशि मांगी वह भी जमा करवाई गई है। इसके बावजूद सड़क निर्माण से पहले न तो परतों में मिट्टी डालकर पानी चलाया गया और न ही मिट्टी को बैठाने के लिए अन्य कोई तरीका अपनाया गया। ऐसे में सड़क धंसने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी बीएंडआर की बनती है।
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जनस्वास्थ्य विभाग की लाइन पर भी सवाल
दरअसल सभी सड़कों के नीचे से जनस्वास्थ्य विभाग की सीवर लाइन डाली गई हैं। इस पर नगर परिषद के एक्सईएन ने लिखा है कि तीन विभागों की संयुक्त जांच में साफ हो चुका है कि सिर्फ ट्रक यूनियन के पास एक जगह को छोड़कर जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा डाली गई पाइपलाइन के सभी मैनहोल में रिसाव है। इसके कारण ही सड़क धंसी है।
पीडब्ल्यूडी बीएंडआर से इस बारे में पत्र आया था। इसके बाद तीनों विभागों के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया था। जिसमें साफ हो चुका है कि नगर परिषद की पाइपलाइन सही से डाली गई है। इसके जवाब में पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को पत्र भेज दिया गया है।
सुमित कुमार, एक्सईएन, नगर परिषद, जींद।