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नागरिक अस्पताल में संक्रमण का खतरा, 24 दिन से नहीं हुई सफाई

Wed, 24 Jul 2019 11:39 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jul 2019 11:39 PM IST
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risk of infection in sivil hospital
नागरिक अस्पताल के कुप्रबंधन का खामियाजा यहां आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को भुगतना पड़ रहा है। अस्पताल में 24 दिन से सफाई का काम नहीं हो रहा है। अब शौचालयों से लेकर वार्डों तक में भयंकर बदबू उठने लगी है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन 15 स्थायी कर्मचारियों से काम करवाने का दावा कर रहा है, लेकिन अस्पताल परिसर में सफाई कहीं भी नजर नहीं आ रही है। विशेषकर गायनी वार्ड में हालात बदतर हो चले हैं। ऐसे में अस्पताल में संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। इसके चलते चिकित्सक भी अस्पताल में आने से डरने लगे हैं। कई चिकित्सकों ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि जिस प्रकार अस्पताल में दुर्गंध उठती है, इससे संक्रमण का खतरा काफी अधिक बढ़ गया है।
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गौरतलब है कि नागरिक अस्पताल में सफाई का काम इससे पहले ठेके पर चल रहा था। यह ठेका 30 जून को समाप्त हो गया। इसके बाद नए ठेके की व्यवस्था नहीं हो पाई। ठेके के तहत कुल 186 कर्मचारी काम कर रहे थे, जिनमें से 49 कर्मचारी सफाई का काम देखते थे। नागरिक अस्पताल में दस नियमित सफाई कर्मचारी हैं। पांच सफाई कर्मचारी फील्ड से भी नागरिक अस्पताल जींद में बुलाए गए हैं, लेकिन अधिकारियों के कुप्रबंधन के चलते सफाई व्यवस्था 24 दिन से चरमराई हुई है। वहीं दूसरी ओर ठेके के कर्मचारी ठेका समाप्त होने के बाद भी किए गए काम का मेहनताना व रुका हुआ पीएफ देने की मांग को लेकर अस्पताल में धरना दे रहे हैं।
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15 सफाई कर्मचारियों से चल सकती है व्यवस्था
हालांकि अस्पताल में तीनों शिफ्टों में कर्मचारियों की जरूरत पड़ती है, लेकिन चिकित्सकों के अनुसार 15 सफाई कर्मचारियों से व्यवस्था चलाई जा सकती है। प्रतिदिन नहीं तो दूसरे या तीसरे दिन परिसर की सफाई और प्रतिदिन शौचालयों की सफाई करवाई जा सकती है, लेकिन यह नहीं हो पा रहा है।
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अधिकारियों के कमरों पर पूरा फोकस
नागरिक अस्पताल के सूत्रों के अनुसार 15 सफाई कर्मचारियों में से एक-दो छुट्टी पर हो सकते हैं। दो कर्मचारियों की ड्यूटी पोस्टमार्टम में हो सकती है। इसके बाद भी आठ से दस सफाई कर्मचारी बचते हैं। यह नियमित रूप से ओपीडी व इनडोर वार्डों में सफाई कर सकते हैं, लेकिन पांच कर्मचारियों को अधिकारियों के कार्यालयों में सफाई के लिए रखा गया है।

डंपिंग कॉर्नर बना गायनी वार्ड
गायनी वार्ड सबसे संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, लेकिन यहां सफाई की हालत काफी बदतर है। गायनी वार्ड के बाहर पिछले 15 दिन से लगातार कूड़ा डाला जा रहा है। इसको उठाने तक की जहमत नहीं हो रही। इसके चलते लोगों को गायनी वार्ड के पास से गुजरते वक्त भी नाक पर रुमाल या कपड़ा रखकर निकलना पड़ता है।
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