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तापमान बढ़ने का कारण प्रकृति का दोहन : चंद्रकांत आर्य
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यज्ञ हवन करते हुए आर्य समाज के लोग। स्रोत समाज।
नरवाना। आर्य समाज नरवाना की ओर से साप्ताहिक सत्संग एवं यज्ञ हवन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण शुद्धि और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया।
प्रधान चंद्रकांत आर्य ने कहा कि वर्तमान में बढ़ते तापमान का मुख्य कारण भौतिक विकास की आड़ में प्रकृति का विनाश और प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन है। उन्होंने कहा कि पंचमहाभूतों में असंतुलन के कारण प्राकृतिक आपदाएं बढ़ रही हैं।
उन्होंने सांख्य दर्शन और महर्षि दयानंद सरस्वती के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रकृति की पवित्रता बनाए रखना मानव का दायित्व है। किसानों से फसल अवशेषों को जलाने के बजाय मिट्टी में मिलाकर प्राकृतिक खाद बनाने की अपील की गई ताकि भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ सके।
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धर्मपाल और यशपाल आर्य ने भजन प्रस्तुत किए। मिथिलेश शास्त्री ने योग साधना, उत्तम आचरण और परोपकार को मानव कल्याण का आधार बताया। इस दौरान वेदपाल, संजीव, कर्ण, प्रेम, प्रताप सिंह और बलबीर सिंह मौजूद रहे।
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प्रधान चंद्रकांत आर्य ने कहा कि वर्तमान में बढ़ते तापमान का मुख्य कारण भौतिक विकास की आड़ में प्रकृति का विनाश और प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन है। उन्होंने कहा कि पंचमहाभूतों में असंतुलन के कारण प्राकृतिक आपदाएं बढ़ रही हैं।
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उन्होंने सांख्य दर्शन और महर्षि दयानंद सरस्वती के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रकृति की पवित्रता बनाए रखना मानव का दायित्व है। किसानों से फसल अवशेषों को जलाने के बजाय मिट्टी में मिलाकर प्राकृतिक खाद बनाने की अपील की गई ताकि भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ सके।
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धर्मपाल और यशपाल आर्य ने भजन प्रस्तुत किए। मिथिलेश शास्त्री ने योग साधना, उत्तम आचरण और परोपकार को मानव कल्याण का आधार बताया। इस दौरान वेदपाल, संजीव, कर्ण, प्रेम, प्रताप सिंह और बलबीर सिंह मौजूद रहे।