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राजपुरा गांव डायरिया की चपेट में
jind
Updated Thu, 14 Jul 2016 11:48 PM IST
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घर में बेड पर लेटे डायरिया से पीड़ित बच्चे।
- फोटो : bureau
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शहर से करीब छह किलोमीटर दूर हांसी रोड पर स्थित राजपुरा गांव डायरिया की चपेट में आ चुका है। शहर के सामान्य अस्पताल में गांव के नौ मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से तीन को छुट्टी मिल चुकी है। वहीं काफी मरीजों का निजी अस्पतालों में उपचार चल रहा है। गांव में हाल और भी ज्यादा गंभीर दिखाई दे रहे हैं, लगभग हर घर में डायरिया के मरीज हैं।
पांच हजार की आबादी वाले गांव में डायरिया फैलने का कारण पेयजल सप्लाई जगह-जगह से लीक होना बताया जा रहा है, जिससे बारिश का गंदा पानी पेयजल सप्लाई के साथ घरों में आ रहा है। इस गंदे पानी को पीने से अचानक दस्त व उल्टियां शुरू हो जाती हैं। एक-एक घर में तो पूरा परिवार ही डायरिया की चपेट में आ चुका है। कई घरों में छोटे-छोटे बच्चे, महिला व बुजुर्गों की उल्टी व दस्त लगने से बुरा हाल है। ग्रामीण राजबीर के घर में छोटे-छोटे पौत्र-पौत्री, बहू, बेटी व उनकी पत्नी डायरिया की चपेट में हैं, जिनका घर पर ही निजी चिकित्सकों द्वारा इलाज किया जा रहा है। वहीं ग्रामीण फूल कुमार के घर पर चार बच्चे, उनकी बूढ़ी मां समेत आधा दर्जन लोग डायरिया की चपेट में हैं। फूल कुमार का पूरा परिवार डायरिया की चपेट में है और हालत यह है कि घर में मरीजों को कोई पानी पिलाने वाला तक नहीं। एक गांव में इतनी ज्यादा में डायरिया के मरीज होने की सूचना से स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया है। विभाग द्वारा गांव में क्लोरीन की गोलियां बटवाईं जा रही हैं। गांव में डायरिया फैलने से ग्रामीणों में भय का माहौल बना है। ग्रामीणों के अनुसार पेयजल की सप्लाई जगह-जगह लीक होने के कारण पीने के पानी में गंदगी मिलकर आ रही है। इस पानी को पीने से ही ग्रामीण बीमार हो रहे हैं, जिससे उन्हें अचानक उल्टी व दस्त शुरू हो जाते हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन पर लापरवाही बरतने और समय रहते कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। हालांकि गांव में डायरिया फैलने के बाद जन स्वास्थ्य विभाग ने भी गांव की सुध लेते हुए पाइप लाइनों की लीकेज को बंद करने का काम शुरू कर दिया है।
तीन दिन से दोनों बेटे अस्पताल में हैं दाखिल
अस्पताल में भर्ती डायरिया की चपेट में आए मंजीत व कर्मजीत की मां विद्या ने बताया कि उनके दोनों बेटों को पिछले कई दिनों से उल्टियां व दस्त लग रहे हैं। तीन दिन से दोनों सामान्य अस्पताल में दाखिल हैं।
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पूरा परिवार डायरिया की चपेट में
डायरिया से पीड़ित सामान्य अस्पताल में दाखिल महिला कोकन ने बताया कि उसके पति फूल कुमार व बेटे सुरेंद्र भी बीमार हैं। उनकी बेटी तीन दिन पहले ससुराल से मायके आई है, उसे भी यहां आते ही उल्टी व दस्त शुरू हो गए हैं।
पेयजल लाइनों की लीकेज बंद करवा दिया गया है
गांव में कई जगह-जगह पेयजल सप्लाई लीक होने के कारण पानी में बारिश का गंदा पानी मिल कर आ रहा था। इस बारे में कई बार जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। फिलहाल जहां से पेयजल लाइन लीक थी, उन्हें बंद करवा दिया गया है।
जयवीर, सरपंच
राजपुरा गांव।
सावधानी रखें, बीमारी से बचें
सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया के अनुसार डायरिया की बीमारी जरा सी लापरवाही से ही हो सकती है। इसके लिए जरूरी है कि पानी साफ हो। ध्यान रखें कि पेयजल की लाइन कहीं से भी लीक नहीं हो। यदि पानी गंदा है तो इसे उबालकर पीएं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पानी को साफ करने के लिए क्लोरीन की गोलियां मुफ्त दी जाती हैं। हमेशा खाना- खाने से पहले और शौच जाने के बाद साबुन से हाथ धोएं। बासी खाना नहीं खाएं और खाने को मक्खियों से बचाकर रखें।
स्थिति नियंत्रण में है
सामान्य अस्पताल में राजपुरा गांव से डायरिया के नौ मरीज आए हैं। गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवाइयां बटवाई गई हैं। पेयजल लाइन लीकेज होने से गंदा पानी पीने की वजह से यह बीमारी फैली है। पेयजल लाइन लीकेज को बंद करवा दिया गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन
जींद।
प्रशासन की लापरवाही से फैली बीमारी
जिला प्रशासन की लापरवाही के चलते राजपुरा में डायरिया ने पैर पसार लिए हैं। यह स्थिति केवल राजपुरा की नहीं है, पूरे क्षेत्र में ही कहीं भी पीने के लायक पानी नहीं है। पीने के लिए जो पाइप लाइनें गांवों में बिछाई गई हैं, वे सभी लीक हैं। इस मामले की विजलेंस जांच की भी मांग की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
परमेंद्र ढुल, इनेलो विधायक
जुलाना हलका
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पांच हजार की आबादी वाले गांव में डायरिया फैलने का कारण पेयजल सप्लाई जगह-जगह से लीक होना बताया जा रहा है, जिससे बारिश का गंदा पानी पेयजल सप्लाई के साथ घरों में आ रहा है। इस गंदे पानी को पीने से अचानक दस्त व उल्टियां शुरू हो जाती हैं। एक-एक घर में तो पूरा परिवार ही डायरिया की चपेट में आ चुका है। कई घरों में छोटे-छोटे बच्चे, महिला व बुजुर्गों की उल्टी व दस्त लगने से बुरा हाल है। ग्रामीण राजबीर के घर में छोटे-छोटे पौत्र-पौत्री, बहू, बेटी व उनकी पत्नी डायरिया की चपेट में हैं, जिनका घर पर ही निजी चिकित्सकों द्वारा इलाज किया जा रहा है। वहीं ग्रामीण फूल कुमार के घर पर चार बच्चे, उनकी बूढ़ी मां समेत आधा दर्जन लोग डायरिया की चपेट में हैं। फूल कुमार का पूरा परिवार डायरिया की चपेट में है और हालत यह है कि घर में मरीजों को कोई पानी पिलाने वाला तक नहीं। एक गांव में इतनी ज्यादा में डायरिया के मरीज होने की सूचना से स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया है। विभाग द्वारा गांव में क्लोरीन की गोलियां बटवाईं जा रही हैं। गांव में डायरिया फैलने से ग्रामीणों में भय का माहौल बना है। ग्रामीणों के अनुसार पेयजल की सप्लाई जगह-जगह लीक होने के कारण पीने के पानी में गंदगी मिलकर आ रही है। इस पानी को पीने से ही ग्रामीण बीमार हो रहे हैं, जिससे उन्हें अचानक उल्टी व दस्त शुरू हो जाते हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन पर लापरवाही बरतने और समय रहते कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। हालांकि गांव में डायरिया फैलने के बाद जन स्वास्थ्य विभाग ने भी गांव की सुध लेते हुए पाइप लाइनों की लीकेज को बंद करने का काम शुरू कर दिया है।
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तीन दिन से दोनों बेटे अस्पताल में हैं दाखिल
अस्पताल में भर्ती डायरिया की चपेट में आए मंजीत व कर्मजीत की मां विद्या ने बताया कि उनके दोनों बेटों को पिछले कई दिनों से उल्टियां व दस्त लग रहे हैं। तीन दिन से दोनों सामान्य अस्पताल में दाखिल हैं।
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पूरा परिवार डायरिया की चपेट में
डायरिया से पीड़ित सामान्य अस्पताल में दाखिल महिला कोकन ने बताया कि उसके पति फूल कुमार व बेटे सुरेंद्र भी बीमार हैं। उनकी बेटी तीन दिन पहले ससुराल से मायके आई है, उसे भी यहां आते ही उल्टी व दस्त शुरू हो गए हैं।
पेयजल लाइनों की लीकेज बंद करवा दिया गया है
गांव में कई जगह-जगह पेयजल सप्लाई लीक होने के कारण पानी में बारिश का गंदा पानी मिल कर आ रहा था। इस बारे में कई बार जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। फिलहाल जहां से पेयजल लाइन लीक थी, उन्हें बंद करवा दिया गया है।
जयवीर, सरपंच
राजपुरा गांव।
सावधानी रखें, बीमारी से बचें
सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया के अनुसार डायरिया की बीमारी जरा सी लापरवाही से ही हो सकती है। इसके लिए जरूरी है कि पानी साफ हो। ध्यान रखें कि पेयजल की लाइन कहीं से भी लीक नहीं हो। यदि पानी गंदा है तो इसे उबालकर पीएं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पानी को साफ करने के लिए क्लोरीन की गोलियां मुफ्त दी जाती हैं। हमेशा खाना- खाने से पहले और शौच जाने के बाद साबुन से हाथ धोएं। बासी खाना नहीं खाएं और खाने को मक्खियों से बचाकर रखें।
स्थिति नियंत्रण में है
सामान्य अस्पताल में राजपुरा गांव से डायरिया के नौ मरीज आए हैं। गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवाइयां बटवाई गई हैं। पेयजल लाइन लीकेज होने से गंदा पानी पीने की वजह से यह बीमारी फैली है। पेयजल लाइन लीकेज को बंद करवा दिया गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन
जींद।
प्रशासन की लापरवाही से फैली बीमारी
जिला प्रशासन की लापरवाही के चलते राजपुरा में डायरिया ने पैर पसार लिए हैं। यह स्थिति केवल राजपुरा की नहीं है, पूरे क्षेत्र में ही कहीं भी पीने के लायक पानी नहीं है। पीने के लिए जो पाइप लाइनें गांवों में बिछाई गई हैं, वे सभी लीक हैं। इस मामले की विजलेंस जांच की भी मांग की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
परमेंद्र ढुल, इनेलो विधायक
जुलाना हलका