फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Rain water drainage arrangements incomplete, 35 crores should not be washed away

बरसाती पानी की निकासी के प्रबंध अधूरे, कहीं बह न जाएं 35 करोड़

Sat, 25 Jun 2022 11:30 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jun 2022 11:30 PM IST
विज्ञापन
Rain water drainage arrangements incomplete, 35 crores should not be washed away
जींद। शहर में बरसाती पानी की निकासी के लिए अमृत योजना के तहत दबाई गई पाइपलाइन 35 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद अभी तक पूरी तरह तैयार नहीं है। ऐसे में बरसात के मौसम में शहर से पानी की निकासी कैसे हो पाएगी, यह कहना अभी मुश्किल है। अभी यह पाइपलाइन नगर परिषद की तरफ से जनस्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर भी नहीं की गई। इसमें कुछ काम बाकी है। अधिकारियों की मानें तो इसमें कुछ ही काम बाकी, जो 10 दिन में पूरा हो जाएगा, उसके बाद यह पाइपलाइन जनस्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दी जाएगी।
विज्ञापन

पिछले सप्ताह हुई जरा सी बारिश के कारण शहर में कई जगह पानी खड़ा हो गया था। यदि तेज बारिश हुई तो पानी की निकासी संभव नहीं हो पाएगी क्योंकि अमृत योजना के तहत दबाई गई पाइपलाइन पूरी तरह से चालू नहीं हो पाई है। वर्ष 2018 में शहर में बरसाती पानी की निकासी के लिए अमृत योजना के तहत 27 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन दबाना शुरू की गई थी। इसके लिए एक वर्ष में काम पूरा करना था लेकिन आज चार साल बाद भी यह योजना पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाई है। शहर में बरसाती पानी की निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। बरसाती पानी जनस्वास्थ्य विभाग की सीवरेज लाइन से ही निकाला जाता रहा है। इस कारण बारिश होने के बाद कई-कई दिन तक शहर में पानी खड़ा रहता था। इस पानी की जल्द निकासी के लिए शहर में 27 किलोमीटर अमृत योजना के तहत पाइप लाइन दबाकर शहर के पानी की निकासी की व्यवस्था करनी थी। काफी हिस्सों में यह व्यवस्था हो गई है लेकिन अभी तक पूरी तरह से अमृत योजना के तहत दबाई गई पाइपलाइन का ज्वाइंट नहीं हुआ है। इस पाइपलाइन के तहत किनाना गांव के पास ड्रेन में पानी निकालना है।
विज्ञापन

पाइपलाइन के कारण धंस गई थीं सड़कें
पिछले वर्ष बरसात के मौसम में अमृत योजना के तहत दबाई गई पाइपलाइन के कारण रोहतक रोड, बाईपास रोड पर सड़कें धंस गई थी। इससे यह परियोजना काफी चर्चा में रही और जनस्वास्थ्य विभाग व नगर परिषद के सात अधिकारियों व कर्मचारियों को चार्जशीट किया गया था फिलहाल भी इसकी जांच मुख्यालय स्तर पर चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कई जगह अभी नहीं निकल पाएगा पानी
काठ मंडी, ज्ञानतारा रोड, पुरानी अनाजमंडी, बैंक रोड, फव्वारा चौक, गुरुद्वारा के पास से, रानी तालाब के पास, स्कीम नंबर 19, कौशिक नगर से बरसाती पानी की निकासी का कार्य इस पाइपलाइन के जरिये नहीं हो पाएगा, क्योंकि यहां पर काम अभी अधूरा है। लगभग दो किलोमीटर तक की यह पाइपलाइन पूरी तरह से तैयार नहीं है।
शहर में डिस्पोजल से नहीं पूरी तरह पानी निकासी की व्यवस्था
शहर में जनस्वास्थ्य विभाग के 11 डिस्पोजल हैं। इसके अलावा तीन डिस्पोजल एसटीपी पर बनाए हुए हैं। इनकी क्षमता 33 हजार लीटर प्रति मिनट पानी निकासी की है लेकिन सफाई नहीं होने से इनकी क्षमता काफी कम हो गई है। हालांकि जनस्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि सफाई की जा रही है लेकिन पिछले वर्ष की तरह इस बार भी शहर में जलभराव की समस्या कई दिन तक रहने की संभावना है। जुलाई महीने में मानसून की बरसात के शहर के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
नगर परिषद का दावा, दस दिन में हो जाएगा काम पूरा
नगर परिषद के एमई भूपेंद्र सिंह ने कहा कि जल्द ही पाइपलाइन का सारा कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद इसे जनस्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा। यह कार्य लगभग 10 में होने की संभावना है। इसके बार पूरे शहर के बरसाती पानी की निकासी इसी पाइपलाइन से हो जाएगी।

पूरी जांच के बाद ही अधीन ली जाएगी पाइपलाइन
जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन दलबीर दलाल ने कहा कि अभी तक यह पाइपलाइन जनस्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं हुई है। हैंडओवर लेने से पहले पूरी लाइन की जांच की जाएगी। इसके बाद ही इसे जनस्वास्थ्य विभाग अपने अधीन लेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed