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Jind News: शहर के 423 प्राथमिक स्कूलों में 23 अक्टूबर को होगी पीटीएम

Wed, 21 Oct 2026 11:36 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 21 Oct 2026 11:36 PM IST
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PTM will be held on October 23 in 423 primary schools of the city.
21जेएनडी08: 23 अक्टूबर को होने वाली पीटीएम की तैयारियों को लेकर बैठक करते हुए अध्यापक। स्रोत: अ
जींद। जिले के 423 सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में 23 अक्तूबर को अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) आयोजित की जाएगी। निपुण हरियाणा मिशन के तहत होने वाली इस बैठक में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा के साथ निपुण रामलीला का मंचन भी होगा। इसमें रोचक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान को मजबूत करने का संदेश दिया जाएगा।
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जिला एफएलएन समन्वयक राजेश वशिष्ठ ने बताया कि पीटीएम का उद्देश्य विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है, ताकि प्रत्येक बच्चे की सीखने संबंधी जरूरत को पहचान कर समय पर मदद दी जा सके। बैठक में अभिभावकों को बच्चों की उपलब्धियों के साथ उन विषयों और दक्षताओं की जानकारी भी दी जाएगी, जिनमें उन्हें अतिरिक्त अभ्यास की आवश्यकता है।
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पीटीएम में निपुण रामलीला विशेष आकर्षण रहेगी। विद्यार्थी और शिक्षक अभिनय, संवाद तथा गतिविधियों के जरिये भाषा और गणित सीखने के सरल तरीके प्रस्तुत करेंगे। इससे बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के साथ उनकी अभिव्यक्ति, संवाद कौशल और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर मिलेगा। अभिभावक भी समझ सकेंगे कि खेल और रोजमर्रा की गतिविधियों के माध्यम से पढ़ना, लिखना और गिनती सीखना अधिक सहज बनाया जा सकता है।
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पीए-1 के आधार पर बनेगी सुधार की योजना
शिक्षक परीक्षा परिणामों के आधार पर बच्चों की प्रगति अभिभावकों के साथ साझा करेंगे। अक्षरों की पहचान, पढ़ने-लिखने, संख्या ज्ञान और गणितीय गणना में कठिनाई महसूस करने वाले विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उनके लिए नियमित अभ्यास और अतिरिक्त सहयोग की रणनीति बनाई जाएगी। राजेश वशिष्ठ ने कहा कि परीक्षा का मकसद केवल अंक बताना नहीं, बल्कि बच्चों की वास्तविक जरूरतों को पहचानकर उनके सीखने के स्तर में सुधार करना है।


घर पर अभ्यास के लिए भी करेंगे प्रेरित
अभिभावकों को बच्चों के साथ कहानियां पढ़ने, बातचीत करने, वस्तुओं की गिनती कराने और दैनिक जीवन के उदाहरणों से गणित सिखाने के सुझाव दिए जाएंगे। विभाग के निर्देशानुसार खंड शिक्षा अधिकारी आयोजन की निगरानी करेंगे। विद्यालयों को अभिभावकों की उपस्थिति, कार्यक्रम की तस्वीरों और जरूरी दस्तावेज का रिकॉर्ड रखने के साथ निर्धारित गूगल फॉर्म पर जानकारी दर्ज करनी होगी।
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