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Jind News: सीएलजी ने सुलझाया किराये का विवाद, 1.80 लाख रुपये में समझौता
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जींद। जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पहुंची किराये और सामान के विवाद की शिकायत का सीएलजी-3 ने आपसी सहमति से समाधान करवा दिया। अर्बन एस्टेट निवासी हिमानी और रूप नगर निवासी जोगिंद्र के बीच लंबे समय से किराये और सामान को लेकर विवाद चल रहा था।
समझौते के तहत जोगिंद्र को हिमानी को कुल 1.80 लाख रुपये देने थे। सामान की कीमत समायोजित करने के बाद 50 हजार रुपये बकाया रहे, जिनमें से 15 हजार रुपये ऑनलाइन भुगतान कर दिए गए। शेष 35 हजार रुपये के लिए दो किस्तों में चेक दिए गए।
हिमानी ने शिकायत में बताया कि उसने अपनी भैंसों की डेयरी का मकान जोगिंद्र को फर्नीचर बनाने के काम के लिए 26 हजार रुपये मासिक किराये पर दिया था। उसके अनुसार चार महीने का किराया बकाया था। उसने जोगिंद्र पर अवैध बिजली कनेक्शन लगाने का आरोप भी लगाया, जिसके चलते उसके खिलाफ बिजली चोरी का मामला दर्ज हुआ और जुर्माना भी नहीं भरा गया।
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वहीं, जोगिंद्र का कहना था कि उसकी मशीनें और अन्य सामान मकान में रखे थे, जिन्हें हिमानी उठाने नहीं दे रही थी। सीएलजी-3 ने दोनों पक्षों के साथ मौके पर जाकर सामान की स्थिति देखी और उसकी कीमत 1.30 लाख रुपये आंकी। इसके बाद हिसाब समायोजित कर समझौता करवाया गया। शेष राशि के लिए 15 दिसंबर 2026 और 15 जनवरी 2027 के चेक दिए गए। इस दौरान पीसी जैन, एससी पाहवा, बीएम पंवार, एसपीओ बबली और गृह रक्षक राजीव मौजूद रहे।
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समझौते के तहत जोगिंद्र को हिमानी को कुल 1.80 लाख रुपये देने थे। सामान की कीमत समायोजित करने के बाद 50 हजार रुपये बकाया रहे, जिनमें से 15 हजार रुपये ऑनलाइन भुगतान कर दिए गए। शेष 35 हजार रुपये के लिए दो किस्तों में चेक दिए गए।
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हिमानी ने शिकायत में बताया कि उसने अपनी भैंसों की डेयरी का मकान जोगिंद्र को फर्नीचर बनाने के काम के लिए 26 हजार रुपये मासिक किराये पर दिया था। उसके अनुसार चार महीने का किराया बकाया था। उसने जोगिंद्र पर अवैध बिजली कनेक्शन लगाने का आरोप भी लगाया, जिसके चलते उसके खिलाफ बिजली चोरी का मामला दर्ज हुआ और जुर्माना भी नहीं भरा गया।
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वहीं, जोगिंद्र का कहना था कि उसकी मशीनें और अन्य सामान मकान में रखे थे, जिन्हें हिमानी उठाने नहीं दे रही थी। सीएलजी-3 ने दोनों पक्षों के साथ मौके पर जाकर सामान की स्थिति देखी और उसकी कीमत 1.30 लाख रुपये आंकी। इसके बाद हिसाब समायोजित कर समझौता करवाया गया। शेष राशि के लिए 15 दिसंबर 2026 और 15 जनवरी 2027 के चेक दिए गए। इस दौरान पीसी जैन, एससी पाहवा, बीएम पंवार, एसपीओ बबली और गृह रक्षक राजीव मौजूद रहे।