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बेटियों को शिक्षा व सम्मान देना समाज की जिम्मेदारी : अंजू रानी
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29जेएनडी02: बरसोला गांव में महिलाओं को जागरूक करते हुए स्वास्थ्य कर्मचारी। स्रोत: कर्मचारी
- फोटो : सैंपल लेती खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की टीम। स्रोत: विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। बरसोला गांव में स्वास्थ्य विभाग की ओर से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान एवं पीएनडीटी एक्ट के तहत जागरुकता सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं, युवाओं, किशोरियों, आशा वर्करों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों ने भाग लिया।
अंजू रानी और सुमित कुमारी एमपीएचडब्ल्यू ने कहा कि शिक्षित बेटी ही मजबूत समाज की पहचान होती है। बेटियां परिवार और समाज की मजबूत नींव हैं और आज हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर देश का नाम रोशन कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि माता-पिता को बेटा-बेटी में भेदभाव किए बिना दोनों को समान अवसर देने चाहिए। उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या को गंभीर सामाजिक बुराई बताते हुए कहा कि गिरता लिंग अनुपात आने वाले समय में सामाजिक असंतुलन पैदा कर सकता है।
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पीएनडीटी एक्ट की जानकारी देते हुए बताया गया कि भ्रूण लिंग जांच करना और करवाना दोनों कानूनन अपराध हैं। इनमें जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने, भ्रूण हत्या का विरोध करने और बेटियों को समान अधिकार व सम्मान दिलाने की शपथ भी दिलाई गई।
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जींद। बरसोला गांव में स्वास्थ्य विभाग की ओर से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान एवं पीएनडीटी एक्ट के तहत जागरुकता सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं, युवाओं, किशोरियों, आशा वर्करों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों ने भाग लिया।
अंजू रानी और सुमित कुमारी एमपीएचडब्ल्यू ने कहा कि शिक्षित बेटी ही मजबूत समाज की पहचान होती है। बेटियां परिवार और समाज की मजबूत नींव हैं और आज हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर देश का नाम रोशन कर रही हैं।
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उन्होंने कहा कि माता-पिता को बेटा-बेटी में भेदभाव किए बिना दोनों को समान अवसर देने चाहिए। उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या को गंभीर सामाजिक बुराई बताते हुए कहा कि गिरता लिंग अनुपात आने वाले समय में सामाजिक असंतुलन पैदा कर सकता है।
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पीएनडीटी एक्ट की जानकारी देते हुए बताया गया कि भ्रूण लिंग जांच करना और करवाना दोनों कानूनन अपराध हैं। इनमें जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने, भ्रूण हत्या का विरोध करने और बेटियों को समान अधिकार व सम्मान दिलाने की शपथ भी दिलाई गई।