{"_id":"660c57306fc99d9c9705cb54","slug":"protest-over-cutting-of-trees-in-railway-station-premises-jind-news-c-199-1-sroh1006-115195-2024-04-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: रेलवे स्टेशन परिसर में पेड़ काटने पर रोष प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: रेलवे स्टेशन परिसर में पेड़ काटने पर रोष प्रदर्शन
Wed, 03 Apr 2024 12:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 03 Apr 2024 12:36 AM IST
विज्ञापन
02जेएनडी27-रेलवे स्टेशन पर काटे गए पेड़ों के विरोध में प्रदर्शन करते रेलवे कॉलोनी के लोग। संवाद
जींद/नरवाना। रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण को लेकर परिसर में लगे बरगद और पीपल के पेड़ काटने के विरोध में रेलवे कॉलोनी के लोगों ने रोष प्रकट किया। उन्होंने पेड़ न काटने की गुहार लगाई।
मंगलवार को स्टेशन के लगती कॉलोनी में पीपल का पेड़ काटा जा रहा था, जिसका कॉलोनी के लोगों ने विरोध किया और पेड़ नहीं काटने पर अड़ गए। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि सरकार खुद कहती है पेड बचाओ जीवन बचाओ जबकि स्टेशन पर धड़ल्ले से पेडों को काटा जा रहा है। प्रदर्शन कर रही ओमपती, लक्ष्मी, प्रतीक्षा व सीमा, बलराजन, अंकुश डूमरखा, अमित बरसोला, सुखदेव, गुरमेल कौर, सुमी रेवर, रूपकला, नरेश नैन कालवन व टींकू सिंगला ने कहा कि बरगद और पीपल के पेडों को भगवान का दर्जा दिया गया ह।ै उन्होंने कहा कि वे इन पेड़ों मेे रोज पानी डालते हंै और पूजते है। आज उनके सामने उन्हीं पेड़ों को काटा जा रहा है। स्टेशन का नवीनकरण करना है तो करो, लेकिन पेड़ों को क्यों काटा जा रहा है। इन बेजुबानों की जाने क्यों ली जा रही है। उसके बाद लोगों ने कटे हुए पीपल और बरगद के पेड़ों को गोबर लगाया तथा पानी दिया ताकि वह पेड़ फिर से हरे भरे हो जाएं। उसके बाद रेलवे स्टेशन पर पेड़ों को न काटने के लिए स्टेशन अधीक्षक रणधीर सिंह को भी ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन
मंगलवार को स्टेशन के लगती कॉलोनी में पीपल का पेड़ काटा जा रहा था, जिसका कॉलोनी के लोगों ने विरोध किया और पेड़ नहीं काटने पर अड़ गए। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि सरकार खुद कहती है पेड बचाओ जीवन बचाओ जबकि स्टेशन पर धड़ल्ले से पेडों को काटा जा रहा है। प्रदर्शन कर रही ओमपती, लक्ष्मी, प्रतीक्षा व सीमा, बलराजन, अंकुश डूमरखा, अमित बरसोला, सुखदेव, गुरमेल कौर, सुमी रेवर, रूपकला, नरेश नैन कालवन व टींकू सिंगला ने कहा कि बरगद और पीपल के पेडों को भगवान का दर्जा दिया गया ह।ै उन्होंने कहा कि वे इन पेड़ों मेे रोज पानी डालते हंै और पूजते है। आज उनके सामने उन्हीं पेड़ों को काटा जा रहा है। स्टेशन का नवीनकरण करना है तो करो, लेकिन पेड़ों को क्यों काटा जा रहा है। इन बेजुबानों की जाने क्यों ली जा रही है। उसके बाद लोगों ने कटे हुए पीपल और बरगद के पेड़ों को गोबर लगाया तथा पानी दिया ताकि वह पेड़ फिर से हरे भरे हो जाएं। उसके बाद रेलवे स्टेशन पर पेड़ों को न काटने के लिए स्टेशन अधीक्षक रणधीर सिंह को भी ज्ञापन सौंपा।

02जेएनडी27-रेलवे स्टेशन पर काटे गए पेड़ों के विरोध में प्रदर्शन करते रेलवे कॉलोनी के लोग। संवाद
विज्ञापन