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भारत बचाओ दिवस के तहत विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन करते हुए सौंपा ज्ञापन
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प्रदर्शन को देखते हुए भारी संख्या में डीसी कार्यालय के बाहर मौजूद पुलिसकर्मी। संवाद।
- फोटो : Jind
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जींद। अंग्रेजों भारत छोड़ो की तर्ज पर अखिल भारतीय किसान सभा, सीटू, खेत मजदूर यूनियन व सयुंक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारत बचाओ दिवस मनाया गया। इस दौरान जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते हुए एसडीएम दलबीर सिंह को ज्ञापन सौंपा।
सीटू के राज्य उपाध्यक्ष कामरेड रमेश चंद्र व किसान सभा के राज्य अध्यक्ष फूल सिंह श्योकंद ने कहा कि सरकार ने मजदूरों, किसानों व मेहनतकश जनता के खिलाफ एक प्रकार से युद्ध छेड़ रखा है। पुंजीपतियों घरानों के लिए सरकारी विभागों का निजीकरण व खेती को समाप्त किया जा रहा है। सरकार शांतिपूर्वक ढंग से चल रहे किसान आंदोलन को बदनाम करने की तिकड़म रच रही है। जिले में सात हजार मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2018 में पास हुए थे, लेकिन आज तक किसी के मकान की राशि जारी नहीं हुई।
दिहाड़ीदार या खेतीहर मजदूर हो, प्राइवेट क्षेत्र में काम करने वाला कर्मचारी, मास्टर, दुकानदार, किसान व छोटा कारोबारी सब संकट में हैं, लेकिन जनता को राहत देने की बजाए सरकार द्वारा देश के संसाधनों, सार्वजनिक व सरकारी क्षेत्र को पूंजीपतियों के हाथों में सौंपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने नौ अगस्त 1942 को अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा देकर देश को आजाद कराने के लिए आंदोलन खड़ा किया था। आज भी भाजपा देश को पूंजीपतियों का गुलाम बनाने जा रही है। देश को इन के हाथों में बिकने से बचाने के लिए भारत बचाओ दिवस मनाया गया है। उन्होंने कहा कि कृषि कानून रद्द हो। मजदूर विरोधी चारों लेबर कोड रद्द हो।
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न्यूनतम वेतन 24 हजार रुपये दिया जाएं। वेतन कटौती व छंटनी बंद हो। सरकारी विभागों व सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण बंद हो। बिजली बिल 2020 वापस हो। इस अवसर पर धर्मपाल भोंगरा, रामेश्वर भारद्वाज, नीलम, संतोष, कृष्ण मोरखी, करतार सिंह, सुरेश करसोला, रामफ ल दलाल, नरेश दनौदा, सुभाष तिवारी, राजेश कुमार, बारू राम, राजेंद्र, अंग्रेज, सतबीर, संदीप, विनोद, विक्रम, ज्ञानी, राधेश्याम, रामनिवास, रेखा, जगवंती, राजबाला, सावन, रघबीर, दीनदयाल, रामचंद्र व आनंद मौजूद रहे।
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सीटू के राज्य उपाध्यक्ष कामरेड रमेश चंद्र व किसान सभा के राज्य अध्यक्ष फूल सिंह श्योकंद ने कहा कि सरकार ने मजदूरों, किसानों व मेहनतकश जनता के खिलाफ एक प्रकार से युद्ध छेड़ रखा है। पुंजीपतियों घरानों के लिए सरकारी विभागों का निजीकरण व खेती को समाप्त किया जा रहा है। सरकार शांतिपूर्वक ढंग से चल रहे किसान आंदोलन को बदनाम करने की तिकड़म रच रही है। जिले में सात हजार मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2018 में पास हुए थे, लेकिन आज तक किसी के मकान की राशि जारी नहीं हुई।
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दिहाड़ीदार या खेतीहर मजदूर हो, प्राइवेट क्षेत्र में काम करने वाला कर्मचारी, मास्टर, दुकानदार, किसान व छोटा कारोबारी सब संकट में हैं, लेकिन जनता को राहत देने की बजाए सरकार द्वारा देश के संसाधनों, सार्वजनिक व सरकारी क्षेत्र को पूंजीपतियों के हाथों में सौंपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने नौ अगस्त 1942 को अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा देकर देश को आजाद कराने के लिए आंदोलन खड़ा किया था। आज भी भाजपा देश को पूंजीपतियों का गुलाम बनाने जा रही है। देश को इन के हाथों में बिकने से बचाने के लिए भारत बचाओ दिवस मनाया गया है। उन्होंने कहा कि कृषि कानून रद्द हो। मजदूर विरोधी चारों लेबर कोड रद्द हो।
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न्यूनतम वेतन 24 हजार रुपये दिया जाएं। वेतन कटौती व छंटनी बंद हो। सरकारी विभागों व सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण बंद हो। बिजली बिल 2020 वापस हो। इस अवसर पर धर्मपाल भोंगरा, रामेश्वर भारद्वाज, नीलम, संतोष, कृष्ण मोरखी, करतार सिंह, सुरेश करसोला, रामफ ल दलाल, नरेश दनौदा, सुभाष तिवारी, राजेश कुमार, बारू राम, राजेंद्र, अंग्रेज, सतबीर, संदीप, विनोद, विक्रम, ज्ञानी, राधेश्याम, रामनिवास, रेखा, जगवंती, राजबाला, सावन, रघबीर, दीनदयाल, रामचंद्र व आनंद मौजूद रहे।

लघु सचिवालय परिसर में प्रदर्शन करते हुए विभिन्न संगठन के सदस्य। संवाद।- फोटो : Jind