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शहर में आज से बांटे जाएंगे प्रॉपर्टी टैक्स के बिल
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जींद। करीब चार साल से अटके पड़े शहर के प्रॉपर्टी कर के बिल अब याशी कंपनी द्वारा ही बांटे जाएंगे। इसके लिए कंपनी के 15 कर्मचारी बुधवार से काम शुरू करेंगे। बिल नहीं बंटने के कारण नगर परिषद के करीब 50 करोड़ रुपये लोगों में अटके हुए हैं।
दरअसल प्रॉपर्टी सर्वे का काम पिछले दो साल से याशी कंसल्टेंसी के पास रहा। इस दौरान शहर में करीब 70 हजार प्रॉपर्टी की पहचान हुई है। याशी कंसल्टेंसी को 267 रुपये प्रति प्रॉपर्टी के हिसाब से काम दिया गया था, लेकिन यह काम समय पर पूरा नहीं हो पाया। इसके अलावा इस सर्वे में कई सारी खामियां भी बताई जा रही हैं। हालांकि अब बिल बांटने के काम के साथ ही इसका पता चलेगा। वहीं दूसरी ओर नगर परिषद को शहर में प्रॉपर्टी कर के रूप में करीब 50 करोड़ रुपये लेने हैं। पिछले चार साल से नगर परिषद ने शहर में बिल नहीं बांटे हैं। इसके चलते सभी लोगों का बिल जमा नहीं हो रहा है। अब सिर्फ अपनी प्रॉपर्टी की जरूरत के अनुसार ही लोग बिल भर रहे हैं।
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नगर परिषद में इंटरनेट सेवा रही बाधित, लोग परेशान
दूसरी ओर नगर परिषद कार्यालय में मंगलवार को इंटरनेट सेवा बाधित रही। इसके चलते लोगों के काम नहीं हो सके और लोग भटकते रहे। इससे जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र से लेकर प्रॉपर्टी आईडी, गृहकर, रिहायशी प्रमाण पत्र सहित तमाम काम बाधित रहे। दिनभर इंतजार कर लोग लौट गए। हालांकि सुबह करीब 11 बजे तक इंटरनेट चला, लेकिन इसके बाद बंद हो गया।
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वर्जन
शहर में प्रॉपर्टी कर के बिल बांटने का काम याशी कंपनी द्वारा किया जाएगा। कंपनी की टीम जींद पहुंच चुकी है। इसके लिए 15 लोग लगाए गए हैं। इसके साथ यह लोग कुछ जरूरी कागजात भी लेंगे। कार्यालय में इंटरनेट सेवा बाधित रही है। यह तकनीकी मामला है। कर्मचारियों को कहा गया है कि वे अतिरिक्त डोंगल खरीद लें, ताकि काम प्रभावित नहीं हो।
- राजेंद्र प्रसाद, कार्यकारी अधिकारी, जींद नगर परिषद।
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दरअसल प्रॉपर्टी सर्वे का काम पिछले दो साल से याशी कंसल्टेंसी के पास रहा। इस दौरान शहर में करीब 70 हजार प्रॉपर्टी की पहचान हुई है। याशी कंसल्टेंसी को 267 रुपये प्रति प्रॉपर्टी के हिसाब से काम दिया गया था, लेकिन यह काम समय पर पूरा नहीं हो पाया। इसके अलावा इस सर्वे में कई सारी खामियां भी बताई जा रही हैं। हालांकि अब बिल बांटने के काम के साथ ही इसका पता चलेगा। वहीं दूसरी ओर नगर परिषद को शहर में प्रॉपर्टी कर के रूप में करीब 50 करोड़ रुपये लेने हैं। पिछले चार साल से नगर परिषद ने शहर में बिल नहीं बांटे हैं। इसके चलते सभी लोगों का बिल जमा नहीं हो रहा है। अब सिर्फ अपनी प्रॉपर्टी की जरूरत के अनुसार ही लोग बिल भर रहे हैं।
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नगर परिषद में इंटरनेट सेवा रही बाधित, लोग परेशान
दूसरी ओर नगर परिषद कार्यालय में मंगलवार को इंटरनेट सेवा बाधित रही। इसके चलते लोगों के काम नहीं हो सके और लोग भटकते रहे। इससे जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र से लेकर प्रॉपर्टी आईडी, गृहकर, रिहायशी प्रमाण पत्र सहित तमाम काम बाधित रहे। दिनभर इंतजार कर लोग लौट गए। हालांकि सुबह करीब 11 बजे तक इंटरनेट चला, लेकिन इसके बाद बंद हो गया।
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शहर में प्रॉपर्टी कर के बिल बांटने का काम याशी कंपनी द्वारा किया जाएगा। कंपनी की टीम जींद पहुंच चुकी है। इसके लिए 15 लोग लगाए गए हैं। इसके साथ यह लोग कुछ जरूरी कागजात भी लेंगे। कार्यालय में इंटरनेट सेवा बाधित रही है। यह तकनीकी मामला है। कर्मचारियों को कहा गया है कि वे अतिरिक्त डोंगल खरीद लें, ताकि काम प्रभावित नहीं हो।
- राजेंद्र प्रसाद, कार्यकारी अधिकारी, जींद नगर परिषद।