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Jind News: चिकित्सकों ने बंद किया आयुष्मान से चिरायु करना
Tue, 02 Jul 2024 02:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 02 Jul 2024 02:22 AM IST
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01जेएनडी15 : आयुष्मान पैनल के निजी अस्पताल का फोटो। संवाद
जींद। आयुष्मान पैनल के सभी निजी अस्पतालों ने सोमवार को आयुष्मान कार्ड पर उपचार करना बंद कर दिया है।
इसके चलते जरूरतमंद लोगों के सामने भारी परेशानी खड़ी हो गई है। जींद में कुल 11 सरकारी तथा 16 निजी अस्पताल आयुष्मान पैनल में हैं। इन निजी अस्पतालों में प्रतिदिन 50 ऑपरेशन होते हैं। जिले में डेढ़ लाख से अधिक लोगों के आयुष्मान व चिरायु कार्ड बने हुए हैं। निजी अस्पतालों ने 7 करोड़ रुपये का बकाया के चलते उपचार करने से हाथ खींच लिया है। निजी अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि जब तक भुगतान नहीं किया जाता है, पैनल पर अस्पताल काम नहीं करेंगे।
आईएमए के प्रधान डाॅ. मनोज ने बताया कि सरकार को निजी अस्पतालों को प्रदेश में 300 करोड़ से ज्यादा का बकाया है। जींद के निजी अस्पतालों का लगभग सात करोड़ रुपये है। तीन महीने से उनको भुगतान नहीं किया गया है। सरकार से हुए समझौते के तहत इलाज के 15 दिन के अंदर भुगतान होना चाहिए। इसके अलावा छह साल से मरीजों के इलाज का रेट भी नहीं बढ़ाया गया है।
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इसके चलते जरूरतमंद लोगों के सामने भारी परेशानी खड़ी हो गई है। जींद में कुल 11 सरकारी तथा 16 निजी अस्पताल आयुष्मान पैनल में हैं। इन निजी अस्पतालों में प्रतिदिन 50 ऑपरेशन होते हैं। जिले में डेढ़ लाख से अधिक लोगों के आयुष्मान व चिरायु कार्ड बने हुए हैं। निजी अस्पतालों ने 7 करोड़ रुपये का बकाया के चलते उपचार करने से हाथ खींच लिया है। निजी अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि जब तक भुगतान नहीं किया जाता है, पैनल पर अस्पताल काम नहीं करेंगे।
आईएमए के प्रधान डाॅ. मनोज ने बताया कि सरकार को निजी अस्पतालों को प्रदेश में 300 करोड़ से ज्यादा का बकाया है। जींद के निजी अस्पतालों का लगभग सात करोड़ रुपये है। तीन महीने से उनको भुगतान नहीं किया गया है। सरकार से हुए समझौते के तहत इलाज के 15 दिन के अंदर भुगतान होना चाहिए। इसके अलावा छह साल से मरीजों के इलाज का रेट भी नहीं बढ़ाया गया है।
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