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मुझे नेता नहीं जनता से लगता है डर
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो
Updated Mon, 26 Oct 2015 12:03 AM IST
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सरकार और राजनीति पर बेबाकी से बोलने वाले केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह का कहना है कि वे ऐसा इसलिए कर पाते हैं क्योंकि उन्हें नेताओं से नहीं जनता से डर लगता है। वे रविवार को यहां कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भी अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि साहब, अधिकारी सुनते नहीं हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी को नेता बनना है तो जनता के बीच रहना होगा। जनता क्या चाहती है, उसको जानना है। जनता के सहयोग, समर्थन से ही नेता बनता है। उन्होंने कहा कि इलाके को लेकर मेरे मन में दो इच्छा है। पहली यह कि हलके के लोगों के साथ अब तक जो भेदभाव हुआ है उसको मिटा कर अन्य इलाकों के बराबर लाना है। दूसरी इच्छा है गरीब आदमी को साथ लेकर चलना। इस मौके पर उन्होंने कहा कि शहरों की तर्ज पर गांवों में पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने योजना तैयारी की है। इसके तहत गांवों में विकास परियोजनाओं पर 60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में सरकार के एक साल के कार्यालय पूरे होने पर एक नवंबर को हिसार में रैली की जा रही है।
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विधायक ने पेश किया रिपोर्ट कार्ड
सरकार के एक साल के कार्यकाल के बारे में जानकारी देते हुए विधायक प्रेमलता ने कहा कि ने कहा कि कार्यकर्ताओं को चाहिए कि वो लोगों को हलके में एक साल में हुए कार्यों की जानकारी दे। गांव-गांव को जोड़ने के लिए सड़कें, 14 गांवों को पीने के पानी के लिए नहरी पानी सहित अनेकों ऐसी योजनाएं बनाई है जिससे हर किसी को फायदा होगा।
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अधिकारी नहीं सुनते मंत्री जी
कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह और विधायक प्रेमलता की मौजूदगी में साफ कहा कि अधिकारी उनकी सुनते नहीं है। किसी भी कार्य को लेकर कोई कार्रवाई अधिकारी नहीं करते हैं। जो अधिकारी चाहते हैं वो ही काम करते हैं। अफसरशाही पूरी तरह से हावी है।