फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Poison kept on distributing in the neighborhood, some people were not given information even after they realized

पड़ोस में बंटता रहा जहर, कुछ लोगों को आभस होने के बाद भी नहीं दी जानकारी

Fri, 23 Apr 2021 11:58 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 23 Apr 2021 11:58 PM IST
विज्ञापन
Poison kept on distributing in the neighborhood, some people were not given information even after they realized
जयनारायण के घर के बाहर जुटे लोग। अमर उजाला ब्यूरो - फोटो : Jind
पडाना गांव में विषाक्त लस्सी पीने से हुई दो लोगों की मौत के मामले में अगर थोड़ी सी समझदारी दिखाई जाती तो लोगों की जान बचाई जा सकती थी। लेकिन किसी को इस बात का आभास भी नहीं था कि लस्सी का कड़वापन जहरीला हो सकता है। इसके चलते दो लोगों की मौत हो गई और दो जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। हालांकि पांच लोग पूरी तरह से खतरे से बाहर हैं।
विज्ञापन

दरअसल पडाना निवासी छोटू के घर में बनी लस्सी कई लोग पीते हैं। गांवों में पड़ोस से आसानी से लस्सी मिल जाती है। प्रतिदिन काफी लोग यहां से लस्सी ले भी जाते थे, लेकिन वीरवार को यह भारी पड़ गया। सबसे पहले छोटू के पड़ोसी खुशीराम ने लस्सी पी। खुशीराम ने बताया कि करीब सुबह आठ बजे उसने घर आते ही गिलास में लस्सी डालकर नमक मिलाकर पीने लगा। पहला घूंट पीने पर उसे लस्सी काफी कड़वी लगी। इसके बाद लस्सी छोड़ दी। इस पर उसकी मां ने कहा कि उसे वैसे ही लस्सी कड़वी लग रही है। इस पर खुशीराम ने एक और घूंट पी। खुशीराम को लस्सी ठीक नहीं लगी। इस पर उसने लस्सी गिरा दी। परिवार के अन्य लोगों से भी कहा कि वे लस्सी न पीयें।
विज्ञापन

दुकान पर जाते ही बिगड़ी तबीयत
खुशीराम के अनुसार वह टेलर का काम करता है। लस्सी छोड़कर गांव में ही बनी अपनी दुकान पर चला गया। इसके बाद उसे दस्त व उल्टी शुरू हो गई। वह तुरंत चिकित्सक के पास गया और इलाज के बाद घर आ गया। वहीं रोहताश व उसकी पत्नी मंजू को भी इलाज के लिए जींद के नागरिक अस्पताल ले जाया गया। यहां से रोहताश को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया, जबकि मंजू को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

जयनारायण ने शाम करीब चार बजे पी थी लस्सी
परिजनों के अनुसार जयनारायण ने शाम करीब चार बजे लस्सी पी थी। इसके बाद उसे उल्टी व दस्त शुरू हो गई। इसके बाद लोगों को आभास हुआ कि लस्सी में जहर हो सकता है। इससे पहले किसी को भी इसका आभास नहीं हुआ। इससे पहले रोहताश, उसकी पत्नी मंजू, रोहताश का भाई राजेश उर्फ राजा, रामदिया, रविंद्र, धर्मपाल, धर्मपाल की तीन वर्षीय पौत्री प्राची भी लस्सी पी चुके थे और उनको इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा चुका था।
टल गया बड़ा हादसा, जिला सैनिक बोर्ड में भी आनी थी लस्सी
दरअसल रोहताश का एक भाई कर्ण सिंह सेवानिवृत्त फौजी है और वह जिला सैनिक बोर्ड में सेवारत है। कर्ण सिंह के अनुसार वह प्रतिदिन दो लीटर की बोतल में लस्सी डालकर ले जाता था। वीरवार को जल्दी जाने के चक्कर में लस्सी नहीं ले गया था। इससे बड़ा हादसा टल गया।

पोस्टमार्टम व सैंपल रिपोर्ट के बाद होगा खुलासा
फिलहाल प्रशासन को रोहताश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं प्रशासन द्वारा जांच के लिए लस्सी, इससे निकले मक्खन व तैयार किए गए घी के सैंपल लिए हैं। इससे भी पता चलेगा कि लस्सी में किस प्रकार का जहर था।
भतेरी को आई लस्सी में बदबू तो नहीं पिया
पड़ोस की रहने वाली भतेरी ने भी इसी लस्सी में से कुछ लस्सी ली थी, लेकिन जब वह इसे पीने लगी तो इससे बदबू आई। इस पर उसने छोड़ दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed