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अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों सेवा में जुटे चिकित्सक
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एमएस डॉ. गोपाल गोयल।
- फोटो : Jind
एक तरफ दुनिया में लोग कोरोना वायरस की वजह से परेशान हैं तो दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी खुद की जान जोखिम में डालकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। मरीजों और अन्य लोगों के बीच में रहकर वह लोगों को कोरोना से बचाने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं। हर दो घंटे में नागरिक अस्पताल में मीटिंग हो रही है, जिसमें कोरोना फैलने का डर लगा रहता है, लेकिन लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के लिए अस्पताल के चिकित्सक अपनी जान की भी परवाह नहीं कर रहे हैं।
नागरिक अस्पताल के एमएस व कार्यकारी पीएमओ डॉ. गोपाल गोयल की बात करें तो वह सुबह आठ बजे अस्पताल पहुंच जाते हैं। सबसे पहले आते ही वह इमरजेंसी तथा फ्लू वार्ड का दौरा करते हैं। यहां जानकारी हासिल करते हैं कि कोरोना से संबंधित कोई केस तो नहीं आया। इसके बाद जिले में अपने घरों में क्वारंटीन में रह रहे लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी लेते हैं। हर दो घंटे बाद चिकित्सकों के साथ बैठक कर समीक्षा की जाती है। किस चिकित्सक की ड्यूटी कहां लगानी है तथा लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं कैसे दी जाएं, इस पर भी विचार किया जाता है। अपने मातहतों अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट लेकर वह सिविल सर्जन को भी पूरी स्थिति से अवगत करवाते हैं। जिला प्रशासन को भी पूरे मामले से अवगत करवाते हैं। इसी बीच उनके कमरा नंबर 103 में कुछ लोग भी आते हैं जो संभावित कोरोना के अपने आपको मरीज बताते हैं। इन लोगों को डॉ. गोपाल गोयल पूरी तरह से संतुष्ट करके घर भेजते हैं। कहते हैं कि उन्हें केवल मामूली जुकाम तथा खांसी है। कोरोना वायरस के कोई लक्षण उनमें नहीं हैं। इस प्रकार डॉ. गोपाल गोयल का पूरा दिन लोगों के बीच ही बीत जाता है। रात को लगभग आठ बजे घर जाते हैं। इसके बाद भी वह 24 घंटे फोन पर ऑन कॉल मौजूद रहते हैं। किसी भी समय डीसी या सिविल सर्जन उनसे कोई भी जानकारी ले सकते हैं।
चिकित्सकों को विशेष रूप से सहयोग करें लोग
डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने कहा कि इस लड़ाई में सबसे अधिक चिकित्सकों का योगदान है। वह अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए हर समय लोगों के लिए उपलब्ध रहते हैं। डॉ. आदित्य दहिया ने कहा कि चिकित्सकों को विशेष सुरक्षा की जरूरत है क्योंकि यदि उन्हें की कोरोना हो गया तो हमें बचाने वाला फिर कोई नहीं है। उन्होंने जिले की जनता से अपील करते हुए कहा कि सरकार की हिदायतों का लोग पालन करें तथा चिकित्सकों का सहयोग करें। उन्होंने लोगों से अपील की कि सुरक्षा के लिए लोग अपने घरों में ही रहें केवल जरूरी सामान लेने के लिए ही निकलें।
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नागरिक अस्पताल के एमएस व कार्यकारी पीएमओ डॉ. गोपाल गोयल की बात करें तो वह सुबह आठ बजे अस्पताल पहुंच जाते हैं। सबसे पहले आते ही वह इमरजेंसी तथा फ्लू वार्ड का दौरा करते हैं। यहां जानकारी हासिल करते हैं कि कोरोना से संबंधित कोई केस तो नहीं आया। इसके बाद जिले में अपने घरों में क्वारंटीन में रह रहे लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी लेते हैं। हर दो घंटे बाद चिकित्सकों के साथ बैठक कर समीक्षा की जाती है। किस चिकित्सक की ड्यूटी कहां लगानी है तथा लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं कैसे दी जाएं, इस पर भी विचार किया जाता है। अपने मातहतों अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट लेकर वह सिविल सर्जन को भी पूरी स्थिति से अवगत करवाते हैं। जिला प्रशासन को भी पूरे मामले से अवगत करवाते हैं। इसी बीच उनके कमरा नंबर 103 में कुछ लोग भी आते हैं जो संभावित कोरोना के अपने आपको मरीज बताते हैं। इन लोगों को डॉ. गोपाल गोयल पूरी तरह से संतुष्ट करके घर भेजते हैं। कहते हैं कि उन्हें केवल मामूली जुकाम तथा खांसी है। कोरोना वायरस के कोई लक्षण उनमें नहीं हैं। इस प्रकार डॉ. गोपाल गोयल का पूरा दिन लोगों के बीच ही बीत जाता है। रात को लगभग आठ बजे घर जाते हैं। इसके बाद भी वह 24 घंटे फोन पर ऑन कॉल मौजूद रहते हैं। किसी भी समय डीसी या सिविल सर्जन उनसे कोई भी जानकारी ले सकते हैं।
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चिकित्सकों को विशेष रूप से सहयोग करें लोग
डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने कहा कि इस लड़ाई में सबसे अधिक चिकित्सकों का योगदान है। वह अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए हर समय लोगों के लिए उपलब्ध रहते हैं। डॉ. आदित्य दहिया ने कहा कि चिकित्सकों को विशेष सुरक्षा की जरूरत है क्योंकि यदि उन्हें की कोरोना हो गया तो हमें बचाने वाला फिर कोई नहीं है। उन्होंने जिले की जनता से अपील करते हुए कहा कि सरकार की हिदायतों का लोग पालन करें तथा चिकित्सकों का सहयोग करें। उन्होंने लोगों से अपील की कि सुरक्षा के लिए लोग अपने घरों में ही रहें केवल जरूरी सामान लेने के लिए ही निकलें।
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