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Jind News: पीजी कोर्स की खाली सीटों को भरने के लिए फिजिकल काउंसिलिंग शुरू
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29जेएनडी09: संत शिरोमणि श्री सैन भगत कॉलेज में फिजिकल काउंसिलिंग के तहत दाखिला लेने आए विद्य
जींद। जिले के राजकीय महाविद्यालयों में पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) कोर्स में पहली मेरिट सूची के बाद रिक्त रह गई सीटों को भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शनिवार से महाविद्यालय में फिजिकल काउंसिलिंग के माध्यम से दाखिले किए गए।
पहले दिन संत शिरोमणि श्री सैन भगत कॉलेज में 10 विद्यार्थियों ने विभिन्न स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश लिया। इनमें एमए इंग्लिश में दो, एमए हिंदी में पांच, एमकॉम में एक, एमएससी मैथ में एक और पीजीडीसीए में एक विद्यार्थी शामिल रहा।
उच्चतर शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को दोबारा आवेदन का अवसर देते हुए 29 अगस्त से पोर्टल खोल दिया है। इसके माध्यम से नए विद्यार्थी पंजीकरण कर सकते हैं, जबकि पहले आवेदन कर चुके विद्यार्थी उसमें आवश्यक संशोधन भी कर सकेंगे।
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30 अगस्त से पांच सितंबर तक 100 रुपये विलंब शुल्क के साथ दाखिले होंगे। इसके बाद भी सीटें रिक्त रहने पर छह से 12 सितंबर तक दाखिले की प्रक्रिया जारी रहेगी। इस अवधि में 100 रुपये शुरुआती लेट फीस के साथ प्रत्येक दिन अतिरिक्त 100 रुपये विलंब शुल्क देना होगा।
176 में से 96 विद्यार्थियों ने लिया दाखिला
संत शिरोमणि श्री सैन भगत कॉलेज में पहली मेरिट सूची के दौरान 176 विद्यार्थियों को सीट आवंटित की गई थी लेकिन इनमें से केवल 96 विद्यार्थियों ने फीस जमा करवाकर प्रवेश लिया। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार इसका मुख्य कारण यह है कि विद्यार्थी आवेदन के समय एक साथ पांच महाविद्यालयों का विकल्प चुन सकते हैं। मेरिट में सीट मिलने के बाद अंतिम दाखिले का निर्णय विद्यार्थी अपनी पसंद और सुविधानुसार करता है। इसी वजह से आवंटित सीटों के मुकाबले वास्तविक दाखिले कम रहे।
छह पीजी पाठ्यक्रमों में 280 सीटें
कॉलेज में छह पीजी पाठ्यक्रमों के लिए कुल 280 सीट निर्धारित हैं। इनमें एमए इकोनॉमिक्स की 40, एमए इंग्लिश की 40, एमए हिंदी की 40, एमकॉम की 60, एमएससी मैथ की 40 और पीजीडीसीए की 60 सीट हैं। वहीं जिले के छह राजकीय और निजी महाविद्यालयों में पीजी पाठ्यक्रमों की करीब एक हजार सीटें उपलब्ध हैं। अब फिजिकल काउंसिलिंग के माध्यम से इन सीटों को भरने की कवायद तेज की गई है।
वर्जन
पहली मेरिट सूची के बाद जो सीटें खाली रह गई हैं, उन्हें फिजिकल काउंसिलिंग के जरिये भरने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। विद्यार्थियों को इस अवसर का लाभ उठाते हुए काउंसिलिंग में शामिल होकर फीस जमा करानी चाहिए, ताकि उनका दाखिला सुनिश्चित हो सके। -सत्यवान मलिक प्राचार्य, संत शिरोमणि श्री सैन भगत कॉलेज।
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पहले दिन संत शिरोमणि श्री सैन भगत कॉलेज में 10 विद्यार्थियों ने विभिन्न स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश लिया। इनमें एमए इंग्लिश में दो, एमए हिंदी में पांच, एमकॉम में एक, एमएससी मैथ में एक और पीजीडीसीए में एक विद्यार्थी शामिल रहा।
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उच्चतर शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को दोबारा आवेदन का अवसर देते हुए 29 अगस्त से पोर्टल खोल दिया है। इसके माध्यम से नए विद्यार्थी पंजीकरण कर सकते हैं, जबकि पहले आवेदन कर चुके विद्यार्थी उसमें आवश्यक संशोधन भी कर सकेंगे।
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30 अगस्त से पांच सितंबर तक 100 रुपये विलंब शुल्क के साथ दाखिले होंगे। इसके बाद भी सीटें रिक्त रहने पर छह से 12 सितंबर तक दाखिले की प्रक्रिया जारी रहेगी। इस अवधि में 100 रुपये शुरुआती लेट फीस के साथ प्रत्येक दिन अतिरिक्त 100 रुपये विलंब शुल्क देना होगा।
176 में से 96 विद्यार्थियों ने लिया दाखिला
संत शिरोमणि श्री सैन भगत कॉलेज में पहली मेरिट सूची के दौरान 176 विद्यार्थियों को सीट आवंटित की गई थी लेकिन इनमें से केवल 96 विद्यार्थियों ने फीस जमा करवाकर प्रवेश लिया। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार इसका मुख्य कारण यह है कि विद्यार्थी आवेदन के समय एक साथ पांच महाविद्यालयों का विकल्प चुन सकते हैं। मेरिट में सीट मिलने के बाद अंतिम दाखिले का निर्णय विद्यार्थी अपनी पसंद और सुविधानुसार करता है। इसी वजह से आवंटित सीटों के मुकाबले वास्तविक दाखिले कम रहे।
छह पीजी पाठ्यक्रमों में 280 सीटें
कॉलेज में छह पीजी पाठ्यक्रमों के लिए कुल 280 सीट निर्धारित हैं। इनमें एमए इकोनॉमिक्स की 40, एमए इंग्लिश की 40, एमए हिंदी की 40, एमकॉम की 60, एमएससी मैथ की 40 और पीजीडीसीए की 60 सीट हैं। वहीं जिले के छह राजकीय और निजी महाविद्यालयों में पीजी पाठ्यक्रमों की करीब एक हजार सीटें उपलब्ध हैं। अब फिजिकल काउंसिलिंग के माध्यम से इन सीटों को भरने की कवायद तेज की गई है।
वर्जन
पहली मेरिट सूची के बाद जो सीटें खाली रह गई हैं, उन्हें फिजिकल काउंसिलिंग के जरिये भरने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। विद्यार्थियों को इस अवसर का लाभ उठाते हुए काउंसिलिंग में शामिल होकर फीस जमा करानी चाहिए, ताकि उनका दाखिला सुनिश्चित हो सके। -सत्यवान मलिक प्राचार्य, संत शिरोमणि श्री सैन भगत कॉलेज।