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प्रदूषण से परेशान लोगों ने फैक्टरी में लगाया ताला

Sat, 02 Nov 2019 11:51 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 02 Nov 2019 11:51 PM IST
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people troubled by pollution were  planted in the factory
पिछले कई दिन से जारी प्रदूषण से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। शनिवार को सुबह से ही प्रदूषण का स्तर काफी ऊंचा रहा। प्रदूषण की वजह से लोगों को दिनभर घुटन महसूस हुई। हालांकि शनिवार का दिन होने के चलते काफी लोग घरों में ही दुबके रहे, लेकिन इसके बावजूद प्रदूषण से राहत नहीं मिल पाई। इसी दौरान प्रदूषण से परेशान रधाना गांव के लोगों ने गांव में बनी टायर जलाने वाली फैक्टरी को ताला जड़ दिया। उन्होंने कहा कि यदि फैक्टरी दोबार चलाई गई तो प्रशासन इसके लिए जिम्मेदार होगा। वहीं डीसी डॉ. आदित्य दहिया के अनुसार इसकी जांच करवाई जाएगी और लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
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रधाना गांव में टायर जलाने की फैक्टरी गांव के लोगों के लिए आफत बनी हुई है। इस फैक्टरी को बंद करवाने के लिए पहले भी ग्रामीणों ने कई प्रयास किए, लेकिन फैक्टरी को बंद करवाने में सफल नहीं हो पाए। शनिवार को दर्जनभर ग्रामीणों ने टायर फैक्टरी को बंद करवाने के लिए फैक्टरी में काम कर रहे मजदूरों को बाहर निकाल कर ताला लगा दिया। ग्रामीणों ने कहा कि अगर यह फैक्टरी दोबारा चालू की गई तो इसके लिए शासन व प्रशासन जिम्मेदार होगा। सभी ग्रामीण एकजुट होकर रधाना के पास गोहाना रोड को बंद कर आंदोलन करेंगे।
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ग्रामीण सुनील चहल, नरेश सरपंच, संदीप, अनिल, दलबीर, संजय, राजबीर, कप्तान, सोनू व गजे सिंह ने कहा कि फैक्टरी से निकलने वाले धुएं से गांव में अस्थमा व चर्म रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा गांव के आसपास जो बाग की खेती होती थी धुएं से प्रभावित होकर पेड़ सूख गए या फल देना बंद कर दिए। गांव के नजदीक एक भी पक्षी नहीं रहते। इसके प्रभाव से पर्यावरण के साथ आम जन जीवन भी बहुत ज्यादा प्रभावित होता है। गांव में सैकड़ों लोगों को सांस का रोग हो चुका है। इस फैक्टरी के आसपास रहने वाले लोगों के लिए तो भारी परेशानी बनी हुई है। प्रतिदिन घरों की छत से धुएं के बारीक कण भारी मात्रा में उठाए जाते हैं। इसके अलावा घरों से बाहर सुखाए जाने वाले कपड़े भी काले रंग कुछ ही समय में धारण कर लेते हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि प्रतिदिन धुएं का प्रभाव इतना ज्यादा बढ़ रहा है कि खेती की उपज भी लगातार घट रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेताया कि अगर एक सप्ताह में फैक्टरी बंद नहीं हुई तो ग्रामीण इसके विरोध में बड़ा जन आंदोलन करेंगे।
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बूंदाबांदी से भी नहीं मिली राहत
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के तहत शनिवार को दोपहर बाद बूंदाबांदी तो हुई, लेकिन इससे प्रदूषण में राहत नहीं मिली। बारिश आने से लोगों को आसमान में छाए स्मॉग के छंटने की उम्मीद थी, लेकिन बहुत ही कम बूंदाबांदी होने से इसमें राहत नहीं मिली। हालांकि इससे मौसम में बदलाव की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को भी हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
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