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जिले के लोग हर वक्त हर संघर्ष के लिए तैयार, एक संदेश पर पहुंच जाएंगे दिल्ली

Wed, 03 Feb 2021 11:14 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 03 Feb 2021 11:14 PM IST
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People of the district are ready for every struggle at all times, Delhi will reach a message
महापंचायत के दौरान छत पर चढ़े युवा। अमर उजाला - फोटो : Jind
माई सिटी रिपोर्टर
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जींद। दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को मजबूती देने के लिए बुधवार को भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत कंडेला गांव में आयोजित महापंचायत में पहुंचे। आंदोलन में अपनी खास पहचान रखने वाला कंडेला गांव 19 साल बाद फिर दोगुने उत्साह के साथ किसान आंदोलन की राह पर आगे बढ़ चला है। वर्ष 2002 में बिजली के बिल माफ करवाने के लिए कंडेला की धरती पर आंदोलन शुरू हुआ था। उसी जमीन पर बुधवार को कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन में नया अध्याय जुड़ गया। हालांकि किसान आंदोलन के दौरान कंडेला गांव में कई बार पंचायत हो चुकी है, लेकिन यह पहला मौका रहा, जब इतनी बड़ी संख्या में किसान एकजुट हुए।
कंडेला खाप व गांव को आंदोलन की धरती माना जाता है। ऐसे में किसान नेता रेाकेश टिकैत ने कंडेला गांव से लोगों का समर्थन मांगा है, जिसका आने वाले समय में काफी प्रभाव देखने को मिलेगा। 19 साल पहले जिस प्रकार कंडेला गांव में किसानों का जमावड़ा रहता था, ठीक उसी प्रकार एक बार फिर बुधवार को हजारों किसानों ने कंडेला पहुंच कर किसान आंदोलन को नई ताकत दी है। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि अब जींद के कंधों पर भी आंदोलन की जिम्मेदारी है। वहीं, महापंचायत के मंच से किसानों ने नेताओं को आश्वासन दिया कि जिले के लोग हर वक्त हर संघर्ष के लिए तैयार हैं। एक संदेश पर जींद जिले के किसान दिल्ली पहुंच जाएंगे।
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कंडेला की धरती से सरकार को सीधा संदेश
किसान नेताओं ने कंडेला की धरती से सरकार को सीधा संदेश दे दिया है कि आंदोलन कृषि कानून वापस होने तक जारी रहेगा। इसके लिए पूरी योजना बनाई गई है। महापंचायत में कई किसान नेता पहुंचे। इनकी मौजूदगी से लोगों में जोश भर गया। लोगों ने जो उत्साह दिखाया, उससे किसान नेताओं को भी मजबूती दी है।
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19 साल पहले... सीधे सरकार से टकराए थे किसान
कंडेला को वर्ष 2002 में हुए आंदोलन के लिए अधिक याद किया जाता है। उस समय किसान बिजली बिल माफी के लिए आंदोलन कर रहे थे और कई बार किसानों का फायरिंग हुई। हालांकि यह आंदोलन जिले भर में चला लेकिन इसका केंद्र कंडेला गांव ही था। इस आंदोलन में आठ किसानों की जान चली गई थी।

महापंचायत के दौरान की गई वाई-फाई की व्यवस्था
आंदोलन को देखते हुए भले ही सरकार ने मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया है, लेकिन कंडेला महापंचायत के दौरान आयोजकों ने वाई-फाई की व्यवस्था की। दरअसल किसानों का मानना है कि वे सोशल मीडिया पर अपनी बात बेहतर तरीके से रख सकते हैं। इसके चलते यह इंतजाम किया गया। वहीं, महापंचायत के दौरान आयोजकों ने करीब तीन एकड़ में पार्किंग की व्यवस्था की थी। इसके बाद दिनभर जींद-चंडीगढ़ राजमार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही।

राकेश टिकैत को सुनने के लिए पेड़ पर चढ़े युवा। अमर उजाला

राकेश टिकैत को सुनने के लिए पेड़ पर चढ़े युवा। अमर उजाला- फोटो : Jind

कंडेला गांव में महापंचायत में पहुंचे राकेश टिकैत। अमर उजाला

कंडेला गांव में महापंचायत में पहुंचे राकेश टिकैत। अमर उजाला- फोटो : Jind

टोल पर लगे होर्डिंग्स पर चढ़कर राकेश टिकैत को देखते युवा। संवाद

टोल पर लगे होर्डिंग्स पर चढ़कर राकेश टिकैत को देखते युवा। संवाद- फोटो : Jind

महापंचायत में पहुंची महिलाएं। अमर उजाला

महापंचायत में पहुंची महिलाएं। अमर उजाला- फोटो : Jind

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