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खेतों से बरसाती पानी की निकासी की मांग को लेकर बराड़ खेड़ा के लोगों जींद-रोहतक मार्ग पर लगाया जाम
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किसानों को आश्वासन देते जुलाना बिजली निगम के एसडीओ। संवाद।
- फोटो : Jind
जुलाना। बराड़ खेड़ा गांव के किसानों ने खेतों से बारिश के पानी की निकासी की मांग को लेकर किनाना गांव के पास जींद-रोहतक मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और जाम को खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने। बाद में बिजली निगम के एसडीओ के आश्वासन पर करीब दो घंटे बाद किसान जाम खोलने के लिए राजी हुए।
बराड़ खेड़ा गांव निवासी बारूराम, अनिल, रामकुमार, प्रवीन, रवि, राजेश ने बताया कि गांव में बरसाती पानी के चलते उनकी लगातार चार फसलें खराब हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने न तो अभी तक गिरदावरी करवाई है और न ही मुआवजा दिया है। जिसके चलते किसानों में प्रशासन के प्रति रोष बना हुआ है। तीन माह से 500 एकड़ फसल में अब भी जलभराव है। जिसको लेकर वह विधायक से लेकर अधिकारियों तक के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन कोई भी समाधान नहीं हो पाया। कसिानों को केवल आश्वासन ही हाथ लगा है। अगर बिजली 24 घंटे नहीं दी गई तो उनकी आने वाली गेहूं की फसल की बिजाई भी नहीं हो पाएगी।
बराड़ खेड़ा गांव के किसानों को आश्वासन दिया गया है कि गांव से बरसाती पानी की निकासी के लिए बिजली सप्लाई दी जाएगी। ग्रामीणों ने आश्वासन के बाद जाम को खोल दिया।
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-राजबीर श्योराण, एसडीओ, बिजली निगम, जुलाना।
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बराड़ खेड़ा गांव निवासी बारूराम, अनिल, रामकुमार, प्रवीन, रवि, राजेश ने बताया कि गांव में बरसाती पानी के चलते उनकी लगातार चार फसलें खराब हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने न तो अभी तक गिरदावरी करवाई है और न ही मुआवजा दिया है। जिसके चलते किसानों में प्रशासन के प्रति रोष बना हुआ है। तीन माह से 500 एकड़ फसल में अब भी जलभराव है। जिसको लेकर वह विधायक से लेकर अधिकारियों तक के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन कोई भी समाधान नहीं हो पाया। कसिानों को केवल आश्वासन ही हाथ लगा है। अगर बिजली 24 घंटे नहीं दी गई तो उनकी आने वाली गेहूं की फसल की बिजाई भी नहीं हो पाएगी।
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बराड़ खेड़ा गांव के किसानों को आश्वासन दिया गया है कि गांव से बरसाती पानी की निकासी के लिए बिजली सप्लाई दी जाएगी। ग्रामीणों ने आश्वासन के बाद जाम को खोल दिया।
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-राजबीर श्योराण, एसडीओ, बिजली निगम, जुलाना।