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Jind News: तीन दिन तक काली पट्टी बांधकर काम करेंगे पटवारी
Mon, 20 Jan 2025 12:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 20 Jan 2025 12:26 AM IST
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19जेएनडी04: प्रदेश स्तरीय बैठक से बाहर आने के बाद नारेबाजी करते पटवारी।
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। सरकार की ओर से पटवारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर जारी की गई सूची को पटवारियों ने असंवैधानिक और मानसिक प्रताड़ना देने वाली करार दिया है। शहर के पटवार भवन में रविवार को हरियाणा पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष जयवीर चहल की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें तय किया गया कि सभी पटवारी अगले तीन दिन तक काली पट्टी बांध कर काम करेंगे।
प्रदेशभर में पटवारी सोमवार को सभी जिला मुख्यालय पर डीसी को ज्ञापन सौंपेंगे। यह भी निर्णय लिया गया कि कोई भी पटवारी दूसरे सर्कल का काम नहीं करेगा। जयवीर चहल ने कहा कि यह रिपोर्ट किस एजेंसी ने तैयार की है, यह तो पता नहीं है लेकिन इतना जरूर है कि इस रिपोर्ट में बहुत सी खामियां हैं। गुरुग्राम के देवेंद्र पटवारी और कैथल के ओमप्रकाश पटवारी के नाम भी सूची में हैं, जबकि इन दोनों पटवारियों का निधन हो चुका है। इस रिपोर्ट में जो कार्यकाल दिखाया गया है वह भी गलत है। इससे यह बात साबित होता है कि यह रिपोर्ट गलत है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी भ्रष्ट पटवारी का समर्थन नहीं करते, लेकिन इसका अर्थ यह भी नहीं है कि सरकार पटवारियों को असंवैधानिक तरीके से मानसिक और मानवीय प्रताड़ना दे। इस मामले में कानूनी पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है और वकीलों से राय ली जा रही है। जो भी कानून सम्मत राय बनेगी उसी के अनुसार आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
मुख्यमंत्री की ओर से पत्र लीक होने के मामले की जांच कराने की बात कहने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी हो उसे सजा दी जानी चाहिए। कई जगह पटवारखाने नही हैं और पटवारी अपने स्तर पर कार्यालय चला रहे हैं। अब ऐसे पटवारी अपना सारा रिकार्ड तहसील में रखेंगे, चाहे वहां जगह मिले या नहीं मिले, लेकिन तहसील से ही अपना कार्यालय चलाएंगे। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि सरकार और कर्मचारियों के बीच पत्र व्यवहार होता रहता है। ऐसी कोई रिपोर्ट अगर बनी थी तो उस पर संबंधित पटवारी अपना जवाब दे देते, लेकिन सरकार के इस फैसले से पटवारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस अवसर पर जिला प्रधान जींद सूबे सिंह व प्रदेश कोषाध्यक्ष सन्नी पटवारी भी मौजूद रहे।
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पटवारखाने में हरियाणा पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन की बैठक तीन घंटे से ज्यादा समय तक बैठक चली। इसमें प्रदेशभर से करीब 150 पटवारियों ने भाग लिया। बंद कमरे में हुई इस बैठक में पटवारियों ने रणनीति बनाई और उसके सभी पहलुओं पर विचार भी किया।
फोटो कैप्शन
19जेएनडी04: प्रदेश स्तरीय बैठक से बाहर आने के बाद नारेबाजी करते पटवारी।
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जींद। सरकार की ओर से पटवारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर जारी की गई सूची को पटवारियों ने असंवैधानिक और मानसिक प्रताड़ना देने वाली करार दिया है। शहर के पटवार भवन में रविवार को हरियाणा पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष जयवीर चहल की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें तय किया गया कि सभी पटवारी अगले तीन दिन तक काली पट्टी बांध कर काम करेंगे।
प्रदेशभर में पटवारी सोमवार को सभी जिला मुख्यालय पर डीसी को ज्ञापन सौंपेंगे। यह भी निर्णय लिया गया कि कोई भी पटवारी दूसरे सर्कल का काम नहीं करेगा। जयवीर चहल ने कहा कि यह रिपोर्ट किस एजेंसी ने तैयार की है, यह तो पता नहीं है लेकिन इतना जरूर है कि इस रिपोर्ट में बहुत सी खामियां हैं। गुरुग्राम के देवेंद्र पटवारी और कैथल के ओमप्रकाश पटवारी के नाम भी सूची में हैं, जबकि इन दोनों पटवारियों का निधन हो चुका है। इस रिपोर्ट में जो कार्यकाल दिखाया गया है वह भी गलत है। इससे यह बात साबित होता है कि यह रिपोर्ट गलत है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी भ्रष्ट पटवारी का समर्थन नहीं करते, लेकिन इसका अर्थ यह भी नहीं है कि सरकार पटवारियों को असंवैधानिक तरीके से मानसिक और मानवीय प्रताड़ना दे। इस मामले में कानूनी पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है और वकीलों से राय ली जा रही है। जो भी कानून सम्मत राय बनेगी उसी के अनुसार आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
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मुख्यमंत्री की ओर से पत्र लीक होने के मामले की जांच कराने की बात कहने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी हो उसे सजा दी जानी चाहिए। कई जगह पटवारखाने नही हैं और पटवारी अपने स्तर पर कार्यालय चला रहे हैं। अब ऐसे पटवारी अपना सारा रिकार्ड तहसील में रखेंगे, चाहे वहां जगह मिले या नहीं मिले, लेकिन तहसील से ही अपना कार्यालय चलाएंगे। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि सरकार और कर्मचारियों के बीच पत्र व्यवहार होता रहता है। ऐसी कोई रिपोर्ट अगर बनी थी तो उस पर संबंधित पटवारी अपना जवाब दे देते, लेकिन सरकार के इस फैसले से पटवारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस अवसर पर जिला प्रधान जींद सूबे सिंह व प्रदेश कोषाध्यक्ष सन्नी पटवारी भी मौजूद रहे।
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पटवारखाने में हरियाणा पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन की बैठक तीन घंटे से ज्यादा समय तक बैठक चली। इसमें प्रदेशभर से करीब 150 पटवारियों ने भाग लिया। बंद कमरे में हुई इस बैठक में पटवारियों ने रणनीति बनाई और उसके सभी पहलुओं पर विचार भी किया।
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19जेएनडी04: प्रदेश स्तरीय बैठक से बाहर आने के बाद नारेबाजी करते पटवारी।