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Jind News: किसान से 20 हजार रुपये रिश्वत लेने वाले पटवारी को चार साल की कैद
Fri, 08 Sep 2023 11:46 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 08 Sep 2023 11:46 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। फसल खराब होने का मुआवजा खाते में डालने के लिए किसान से 20 हजार की रिश्वत लेने के आरोपी राजस्व विभाग के पटवारी रविंद्र को दोषी ठहराते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नेहा नौरिया की अदालत ने उसे चार साल का कारावास तथा 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की सूरत में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार अनुसार तीन दिसंबर 2019 को गांव पौली निवासी किसान रमेश ने स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को दी शिकायत में बताया था कि वर्ष 2017-18 में उसकी फसल को नुकसान हुआ था। फसल खराब के एवज में उनको 40 हजार रुपये मुआवजा राशि मिलनी थी। सरकार ने राशि राजस्व विभाग को राशि भेज दी थी। हलका पटवारी रविंद्र उसकी फसल खराब मुआवजा राशि को उसके खाते में डालने के लिए 20 हजार रुपये की मांग कर रहा था। रिश्वत राशि न देने पर मुआवजा राशि उनके खाते में नहीं डाल रहा था। इसकी शिकायत के बाद छापामार टीम का गठन किया गया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सफीदों कीर्ति सरोहवाल को नियुक्त किया गया जबकि छापेमारी की कमान स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के निरीक्षक बलवान सिंह को सौंपी गई। छापामार टीम ने शिकायतकर्ता रमेश को दो-दो हजार के दस नोट पाउडर व ड्यूटी मजिस्ट्रेट से हस्ताक्षर कर दे दिए। संपर्क साधने पर पटवारी रविंद्र ने किसान रमेश को जुलाना तहसील कार्यालय में बुला लिया। इशारा मिलते ही छापामार टीम ने पटवारी रविंद्र को काबू कर लिया। तलाशी लेने पर आरोपी के पर्स से रिश्वत राशि 20 हजार रुपये बरामद हुई। हाथ धुलवाए जाने पर उनका रंग लाल हो गया। किसान रमेश की शिकायत पर स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने पटवारी रविंद्र के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। शुक्रवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नेहा नौरिया की अदालत ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम में पटवारी रविद्र को दोषी करार देते हुए चार साल की कैद तथा 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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जींद। फसल खराब होने का मुआवजा खाते में डालने के लिए किसान से 20 हजार की रिश्वत लेने के आरोपी राजस्व विभाग के पटवारी रविंद्र को दोषी ठहराते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नेहा नौरिया की अदालत ने उसे चार साल का कारावास तथा 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की सूरत में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार अनुसार तीन दिसंबर 2019 को गांव पौली निवासी किसान रमेश ने स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को दी शिकायत में बताया था कि वर्ष 2017-18 में उसकी फसल को नुकसान हुआ था। फसल खराब के एवज में उनको 40 हजार रुपये मुआवजा राशि मिलनी थी। सरकार ने राशि राजस्व विभाग को राशि भेज दी थी। हलका पटवारी रविंद्र उसकी फसल खराब मुआवजा राशि को उसके खाते में डालने के लिए 20 हजार रुपये की मांग कर रहा था। रिश्वत राशि न देने पर मुआवजा राशि उनके खाते में नहीं डाल रहा था। इसकी शिकायत के बाद छापामार टीम का गठन किया गया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सफीदों कीर्ति सरोहवाल को नियुक्त किया गया जबकि छापेमारी की कमान स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के निरीक्षक बलवान सिंह को सौंपी गई। छापामार टीम ने शिकायतकर्ता रमेश को दो-दो हजार के दस नोट पाउडर व ड्यूटी मजिस्ट्रेट से हस्ताक्षर कर दे दिए। संपर्क साधने पर पटवारी रविंद्र ने किसान रमेश को जुलाना तहसील कार्यालय में बुला लिया। इशारा मिलते ही छापामार टीम ने पटवारी रविंद्र को काबू कर लिया। तलाशी लेने पर आरोपी के पर्स से रिश्वत राशि 20 हजार रुपये बरामद हुई। हाथ धुलवाए जाने पर उनका रंग लाल हो गया। किसान रमेश की शिकायत पर स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने पटवारी रविंद्र के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। शुक्रवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नेहा नौरिया की अदालत ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम में पटवारी रविद्र को दोषी करार देते हुए चार साल की कैद तथा 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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