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उचाना में नेशनल हाईवे पर बस क्यू शेल्टर नहीं होने से यात्री परेशान
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उचाना। उचाना में नेशनल हाईवे पर यात्री प्रतीक्षालय (बस क्यू शेल्टर) की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में यहां से नरवाना, पंजाब, जींद, रोहतक, दिल्ली स्थानों के लिए सफर करने वाले यात्रियों को हाईवे किनारे खड़े होकर यात्री वाहनों का इंतजार करना पड़ता है। इससे सड़क दुर्घटनाओं का अंदेशा रहता है। खास बात यह है कि
बार-बार समस्या उठाए जाने पर भी शासन और प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। कस्बे बस स्टैंड बेसहारा पशुओं का आश्रयस्थल बन चुका है। इस बस स्टैंड पर बस नहीं जाने के कारण लोगों को नेशनल हाईवे पर ही खड़ा होना पड़ता है। बिना बस बस क्यू शेल्टर के बारिश, ठंड व धूप में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने उचाना में बस क्यू शेल्टर नहीं बनाया है जबकि कई गांवों में बस क्यू शेल्टर बना दिया है। उचाना में नेशनल हाईवे पर भीड़भाड़ रहती है, इस कारण यहां बस क्यू शेल्टर बनाने की ज्यादा जरूरत थी। उचाना में बस क्यू शेल्टर नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी होती है। यहां से दिल्ली, रोहतक, जींद, नरवाना, पटियाला व संगरुर के लिए बसें निकलती हैं। बस क्यू शेल्टर नहीं होने से बस चालक भी बसों का आगे पीछे रोक देते हैं, जिससे यात्रियों को खासी परेशानी होती है। इसके अलावा धूप, बारिश व ठंड से बचाव के लिए भी बस क्यू सेल्टर की जरूरत होती है। यात्रियों को बैठने के लिए भी बस क्यू शेल्टर की जरूरत है।
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यात्री प्रतीक्षालय नहीं होने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को होती है। कई बार तो यात्री थककर बैठ जाते हैं। इस कारण एक तरफ जहां आवागमन प्रभावित होता है, वहीं दूसरी तरफ सड़क दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है, लेकिन जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
-गुरनाम सिंह, निवासी, उचाना
बारिश के दौरान छत नहीं होने से वाहनों का इंतजार करने वाले लोगों को बारिश और अब ठंड के मौसम मे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्हें सड़क पर बसों के इंतजार में भीगना पड़ता है या फिर दुकानों के अंदर जाना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है।
-नीरज, निवासी, छात्तर
जिला प्रशासन को इस बारे में पत्र लिखा गया है। इसके अलावा नेशनल हाईवे अथॉरिटी से भी जल्द ही बस क्यू शेल्टर बनाने का आश्वासन मिला है।
-विकास, नगर पालिका प्रधान, उचाना।
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बार-बार समस्या उठाए जाने पर भी शासन और प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। कस्बे बस स्टैंड बेसहारा पशुओं का आश्रयस्थल बन चुका है। इस बस स्टैंड पर बस नहीं जाने के कारण लोगों को नेशनल हाईवे पर ही खड़ा होना पड़ता है। बिना बस बस क्यू शेल्टर के बारिश, ठंड व धूप में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने उचाना में बस क्यू शेल्टर नहीं बनाया है जबकि कई गांवों में बस क्यू शेल्टर बना दिया है। उचाना में नेशनल हाईवे पर भीड़भाड़ रहती है, इस कारण यहां बस क्यू शेल्टर बनाने की ज्यादा जरूरत थी। उचाना में बस क्यू शेल्टर नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी होती है। यहां से दिल्ली, रोहतक, जींद, नरवाना, पटियाला व संगरुर के लिए बसें निकलती हैं। बस क्यू शेल्टर नहीं होने से बस चालक भी बसों का आगे पीछे रोक देते हैं, जिससे यात्रियों को खासी परेशानी होती है। इसके अलावा धूप, बारिश व ठंड से बचाव के लिए भी बस क्यू सेल्टर की जरूरत होती है। यात्रियों को बैठने के लिए भी बस क्यू शेल्टर की जरूरत है।
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यात्री प्रतीक्षालय नहीं होने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को होती है। कई बार तो यात्री थककर बैठ जाते हैं। इस कारण एक तरफ जहां आवागमन प्रभावित होता है, वहीं दूसरी तरफ सड़क दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है, लेकिन जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
-गुरनाम सिंह, निवासी, उचाना
बारिश के दौरान छत नहीं होने से वाहनों का इंतजार करने वाले लोगों को बारिश और अब ठंड के मौसम मे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्हें सड़क पर बसों के इंतजार में भीगना पड़ता है या फिर दुकानों के अंदर जाना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है।
-नीरज, निवासी, छात्तर
जिला प्रशासन को इस बारे में पत्र लिखा गया है। इसके अलावा नेशनल हाईवे अथॉरिटी से भी जल्द ही बस क्यू शेल्टर बनाने का आश्वासन मिला है।
-विकास, नगर पालिका प्रधान, उचाना।