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Jind News: मेहनताना न मिलने पर धरने पर बैठे पार्ट टाइम प्राध्यापक
Tue, 22 Oct 2024 04:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 22 Oct 2024 04:25 AM IST
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21जेएनडी13-सीआरएसयू परिसर में मेहनताना बढ़ाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे प्राध्यापक। संवाद
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में कार्यरत प्राध्यापकों ने मेहनताना दिलाने के लिए कुलपति कार्यालय के सामने धरना दिया। इसके अलावा उन्होंने प्रति लेक्चर 1500 रुपये की मांग की। धरने की सूचना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन मौके पर पहुंचा और उनको आश्वासन दिया पर वे उससे संतुष्ट नहीं हुए।
सीआरएसयू में कार्यरत पार्ट टाइम, स्थायी और ठेके पर लगे प्राध्यापक कुलपति कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट किया। प्राध्यापक डॉ. रामबीर बडाला ने बताया कि सीआरएसयू में पार्ट टाइम 180 प्राध्यापक कार्यरत हैं। इसके अलावा स्थायी 20 और ठेकेदारी पर भी 20 प्राध्यापक कार्यरत हैं। पार्ट टाइम पर लगे 180 प्राध्यापकों को अब तक नए सत्र से मेहनताना नहीं मिला है। विश्वविद्यालय में नया सत्र 18 जुलाई से शुरू हुआ था। फिलहाल प्राध्यापक 750 रुपये प्रति लेक्चर के हिसाब से पढ़ाई करवा रहे हैं। यूजीसी के नियम के अनुसार उन्हें 1500 रुपये प्रति लेक्चर दिया जाए। उन्हें फिलहाल ज्यादा से ज्यादा 34 हजार रुपये मेहनताना के रूप में मिल रहे हैं। उनकी मांग है कि 50 हजार रुपये मासिक मेहनताना के रूप में मिलने चाहिए। पुराने प्राध्यापकों को नहीं हटाया जाए। यदि किसी विभाग में कोई नई पोस्ट का विज्ञापन देना है तो उनकी संख्या दी जाए। सभी सहायक प्रोफेसर को पहचान पत्र दिए जाएं।
उनका कहना है कि प्राध्यापक अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को निष्ठा और समर्पण के साथ निभा रहे हैं। उनकी और प्रयास विद्यार्थियों की शिक्षा में गुणात्मक सुधार लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
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सीआरएसयू में कार्यरत पार्ट टाइम, स्थायी और ठेके पर लगे प्राध्यापक कुलपति कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट किया। प्राध्यापक डॉ. रामबीर बडाला ने बताया कि सीआरएसयू में पार्ट टाइम 180 प्राध्यापक कार्यरत हैं। इसके अलावा स्थायी 20 और ठेकेदारी पर भी 20 प्राध्यापक कार्यरत हैं। पार्ट टाइम पर लगे 180 प्राध्यापकों को अब तक नए सत्र से मेहनताना नहीं मिला है। विश्वविद्यालय में नया सत्र 18 जुलाई से शुरू हुआ था। फिलहाल प्राध्यापक 750 रुपये प्रति लेक्चर के हिसाब से पढ़ाई करवा रहे हैं। यूजीसी के नियम के अनुसार उन्हें 1500 रुपये प्रति लेक्चर दिया जाए। उन्हें फिलहाल ज्यादा से ज्यादा 34 हजार रुपये मेहनताना के रूप में मिल रहे हैं। उनकी मांग है कि 50 हजार रुपये मासिक मेहनताना के रूप में मिलने चाहिए। पुराने प्राध्यापकों को नहीं हटाया जाए। यदि किसी विभाग में कोई नई पोस्ट का विज्ञापन देना है तो उनकी संख्या दी जाए। सभी सहायक प्रोफेसर को पहचान पत्र दिए जाएं।
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उनका कहना है कि प्राध्यापक अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को निष्ठा और समर्पण के साथ निभा रहे हैं। उनकी और प्रयास विद्यार्थियों की शिक्षा में गुणात्मक सुधार लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

21जेएनडी13-सीआरएसयू परिसर में मेहनताना बढ़ाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे प्राध्यापक। संवाद
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