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Jind News: पार्किंग की योजनाएंं बनीं, पर नहीं चढ़ीं सिरे
Mon, 14 Oct 2024 02:53 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 14 Oct 2024 02:53 AM IST
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13जेएनडी02 : फायर ब्रिगेड ऑफिस के पास खंडहर हो रहे नगर परिषद के भवन, जो बन चुके हैं कूड़ेदान। स
जींद। शहर में पार्किंग की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। इसके लिए योजनाएं तो बनीं, लेकिन आज तक वे सिरे नहीं चढ़ पाईं। गुरुद्वारा के पास खाली पड़ी जमीन में भी पार्किंग बनाने की योजना थी, लेकिन कभी इसे संडे बाजार के लिए तो कभी शॉपिंग मॉल के लिए उपयुक्त बताया गया। वहीं सैनी रामलीला मैदान में भी अस्थायी पार्किंग बन सकती है। आज तक कोई भी योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। इस कारण बाजार में जाम लगता रहता है। त्योहारी सीजन में तो लोग जाम में फंसे रहते हैं। दुकानदारों का काम भी प्रभावित होता है।
रानी तालाब के पास स्थित गुरुद्वारा गुरु तेगबहादुर के नजदीक नगर परिषद की लगभग पांच एकड़ जमीन खाली पड़ी है। इस जमीन का कोई इस्तेमाल हो रहा है। यह जमीन बाजार के पास भी है। इस जमीन पर पार्किंग के साथ बड़ा शॉपिंग मॉल या फिर संडे बाजार के लिए जगह बन सकती है। फिलहाल इस जमीन पर मिट्टी का भरत करने का प्रयास तो किया गया, लेकिन योजना ठंडे बस्ते में है। इस जमीन पर लोग खुले में कूड़ा डाल रहे हैं तथा यहां पानी भी खड़ा रहता है। इसके अलावा यहां पर लोगों ने अपनी मर्जी से टैक्सी स्टैंड भी बना लिया है। इसके अलावा फायर ब्रिगेड कार्यालय के पास नगर परिषद के खंडहर हुआ भवन है। इसका प्रयोग पहले कार्यकारी अधिकारी के निवास के रूप में किया जाता था, लेकिन अब यह कूड़ादान बन चुका है। यदि इस जगह का भी सही इस्तेमाल किया जाए तो इसे भी अस्थायी पार्किंग के रूप में प्रयोग किया जा सकता है।
शहर में गुरुद्वारा के पास खाली पड़ी जमीन पर अंडरग्राउंड पार्किंग की सुविधा हो सकती है। इसके अलावा देवीलाल चौक फाटक के पास बने अंडरपास के नजदीक भी अस्थायी पार्किंग बनाई जा सकती है। यह केवल कर्ताधर्ता की इच्छाशक्ति की कमी के कारण नहीं हो पा रहा है। पार्किंग की त्योहार के समय तो विशेष जरूरत पड़ती है। पार्किंग की व्यवस्था करना कोई बड़ी बात नहीं है। -सुनील वशिष्ठ, सामाजिक कार्यकर्ता।
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शहर में पार्किंग दिव्य नगर योजना के तहत बनेगी। इस योजना का एस्टीमेट मुख्यालय भेजा गया है। इसके बाद शहर में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं रहेगी। इसी साल इस योजना पर काम शुरू हो जाएगा। -डॉ. अनुराधा सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद, जींद।
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रानी तालाब के पास स्थित गुरुद्वारा गुरु तेगबहादुर के नजदीक नगर परिषद की लगभग पांच एकड़ जमीन खाली पड़ी है। इस जमीन का कोई इस्तेमाल हो रहा है। यह जमीन बाजार के पास भी है। इस जमीन पर पार्किंग के साथ बड़ा शॉपिंग मॉल या फिर संडे बाजार के लिए जगह बन सकती है। फिलहाल इस जमीन पर मिट्टी का भरत करने का प्रयास तो किया गया, लेकिन योजना ठंडे बस्ते में है। इस जमीन पर लोग खुले में कूड़ा डाल रहे हैं तथा यहां पानी भी खड़ा रहता है। इसके अलावा यहां पर लोगों ने अपनी मर्जी से टैक्सी स्टैंड भी बना लिया है। इसके अलावा फायर ब्रिगेड कार्यालय के पास नगर परिषद के खंडहर हुआ भवन है। इसका प्रयोग पहले कार्यकारी अधिकारी के निवास के रूप में किया जाता था, लेकिन अब यह कूड़ादान बन चुका है। यदि इस जगह का भी सही इस्तेमाल किया जाए तो इसे भी अस्थायी पार्किंग के रूप में प्रयोग किया जा सकता है।
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शहर में गुरुद्वारा के पास खाली पड़ी जमीन पर अंडरग्राउंड पार्किंग की सुविधा हो सकती है। इसके अलावा देवीलाल चौक फाटक के पास बने अंडरपास के नजदीक भी अस्थायी पार्किंग बनाई जा सकती है। यह केवल कर्ताधर्ता की इच्छाशक्ति की कमी के कारण नहीं हो पा रहा है। पार्किंग की त्योहार के समय तो विशेष जरूरत पड़ती है। पार्किंग की व्यवस्था करना कोई बड़ी बात नहीं है। -सुनील वशिष्ठ, सामाजिक कार्यकर्ता।
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शहर में पार्किंग दिव्य नगर योजना के तहत बनेगी। इस योजना का एस्टीमेट मुख्यालय भेजा गया है। इसके बाद शहर में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं रहेगी। इसी साल इस योजना पर काम शुरू हो जाएगा। -डॉ. अनुराधा सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद, जींद।