{"_id":"60d37b188ebc3ed77d7c6f2e","slug":"parents-demonstrated-against-private-school-in-protest-against-fee-hike-jind-news-rtk614364090","type":"story","status":"publish","title_hn":"फीस बढ़ोतरी के विरोध में अभिभावकों ने निजी स्कूल के खिलाफ किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फीस बढ़ोतरी के विरोध में अभिभावकों ने निजी स्कूल के खिलाफ किया प्रदर्शन
विज्ञापन
डीएवी पब्लिक स्कूल के बाहर रोष प्रकट करते अभिभावक। संवाद
- फोटो : Jind
स्कूूल पर अधिक फीस लेने का आरोप लगाकर कुछ अभिभावकों ने बुधवार को अर्बन इस्टेट स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल के बाहर नारेबाजी की। अभिभावकों के रोष प्रदर्शन को देखते हुए स्कूल कमेटी के सदस्य अभिभावकों से बातचीत करने पहुंचा और कहा कि वह अपनी शिकायत लिखित रूप में स्कूल प्रबंधन के पास जमा करवाएं। उनकी जो भी समस्या होगी उसका समाधान करवाने का प्रयास किया जाएगा। अभिभावकों ने लिखित रूप में शिकायत स्कूल प्रबंधन को सौंप कर एक शिकायत लेकर डीसी डॉ. आदित्य दहिया के पास भी पहुंचे। संस्थाओं के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी ने कहा कि फीस नियमानुसार ली जा रही है।
ज्ञापन के माध्यम से अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को दाखिला फीस, विकास शुल्क व अन्य शुल्क शिक्षा सत्र 2020-21 के लिए जमा करवाने के लिए मजबूर कर रहा है। कोरोना काल में ज्यादातर अभिभावकों के काम-धंधे बंद हो गए हैं। आय बहुत सीमित रह गई है। स्कूल प्रशासन मनमाने तरीके से विद्यार्थियों व अभिभावकों पर दाखिला फीस जमा करवाने के लिए दबाव बना रहा है। विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षा के ग्रुप से बाहर कर उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। इसके अलावा विद्यार्थी जब एसएलसी के लिए आवेदन करते हैं तो स्कूल प्रशासन द्वारा मनमाने तरीके से फीस वसूली जा रही है। अभिभावकों ने कहा कि वह समस्या को लेकर पिछले दो महीने से जिला प्रशासन व स्कूल प्रशासन से कई बार मिल चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
हम सरकार के नियमानुसार व सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार ही फीस ले रहे हैं। इसमें कुछ भी अनियमितता नहीं है। यदि किसी को आपत्ति है तो वह स्कूल का माहौल खराब करने की बजाय सरकार या कोर्ट से गुहार लगाए। जो विद्यार्थी व अभिभावक फीस देने में असमर्थ थे उनकी समस्या का समाधान किया है। स्कूल के स्टाफ सदस्यों ने उन विद्यार्थियों की फीस अपने वेतन से एकत्रित कर भरी है।
विज्ञापन
डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी, क्षेत्रीय निदेशक, डीएवी संस्था।
विज्ञापन
ज्ञापन के माध्यम से अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को दाखिला फीस, विकास शुल्क व अन्य शुल्क शिक्षा सत्र 2020-21 के लिए जमा करवाने के लिए मजबूर कर रहा है। कोरोना काल में ज्यादातर अभिभावकों के काम-धंधे बंद हो गए हैं। आय बहुत सीमित रह गई है। स्कूल प्रशासन मनमाने तरीके से विद्यार्थियों व अभिभावकों पर दाखिला फीस जमा करवाने के लिए दबाव बना रहा है। विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षा के ग्रुप से बाहर कर उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। इसके अलावा विद्यार्थी जब एसएलसी के लिए आवेदन करते हैं तो स्कूल प्रशासन द्वारा मनमाने तरीके से फीस वसूली जा रही है। अभिभावकों ने कहा कि वह समस्या को लेकर पिछले दो महीने से जिला प्रशासन व स्कूल प्रशासन से कई बार मिल चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
विज्ञापन
हम सरकार के नियमानुसार व सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार ही फीस ले रहे हैं। इसमें कुछ भी अनियमितता नहीं है। यदि किसी को आपत्ति है तो वह स्कूल का माहौल खराब करने की बजाय सरकार या कोर्ट से गुहार लगाए। जो विद्यार्थी व अभिभावक फीस देने में असमर्थ थे उनकी समस्या का समाधान किया है। स्कूल के स्टाफ सदस्यों ने उन विद्यार्थियों की फीस अपने वेतन से एकत्रित कर भरी है।
विज्ञापन
डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी, क्षेत्रीय निदेशक, डीएवी संस्था।

अभिभावकों से बातचीत करते डीएवी पब्लिक स्कूल के स्टाफ सदस्य। संवाद- फोटो : Jind