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पराली न जलाने देने वाली पंचायतों को किया जाएगा सम्मानित

Wed, 09 Sep 2020 12:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 09 Sep 2020 12:03 AM IST
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Panchayats that do not burn stubble will be honored
डीआरडीए हॉल में ड्रा निकालते कृषि विभाग के अधिकारी। - फोटो : Jind
जो ग्राम पंचायतें अपने गांव में धान की पराली नहीं जलने देंगी, उनको प्रशासन सम्मानित करेगा। इसके लिए पंचायतों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मंगलवार को डीआरडीए हॉल में फसल अवशेष प्रबंधन के लिए किसानों को अनुदान पर दिए जाने वाले उपकरणों का ड्रा निकाला गया। जिन किसानों का चयन ड्रा के आधार पर हुआ है, उनको 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।
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मंगलवार को डीआरडीए हॉल में 252 कृषि यंत्रों का ड्रा निकाला गया। यह ड्रा किसानों के बीच कंम्प्यूटर के माध्यम से निकाला गया। आज 252 कृषि यंत्रों का ड्रा निकाल दिया गया है। इनमें सात हैप्पी सीडर, 15 पैडी स्ट्रा चॉपर, चार प्लटू हल, 46 रोटरी सेलेसन, 15 क्रॉप रिपर, 90 स्ट्रा बेलर, सात सुपर सीडर, सात स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम व 51 जीरो टिलेज मशीन शामिल हैं। अब कटम हायरिंग सेंटर के लिए कृषि यंत्र खरीदने पर किसानों को 80 प्रतिशत व एकल यंत्र खरीदने पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
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जिले में स्थापित होंगे 80 नए कस्टम हायरिंग सेंटर
डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने बताया कि जिले में स्थापित होने वाले 80 कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए भी ड्रा निकाल दिए गए हैं। इन केंद्रों के लिए कुल 296 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिनमें से सात कस्टम हायरिंग सेंटर का ड्रा के माध्यम से चयन कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि ऑरेंज जोन में शामिल झांज खुर्द, बराड़ खेड़ा, शामलों खुर्द, नारायणगढ़, ऐंचरा खुर्द, सहानपुर और उदयपुर गांवों से कस्टम हायरिंग सेंटर को लेकर कोई आवेदन किया गया था। अब इन गांवों में यह केंद्र स्थापित करवाने के लिए किसान दस सितंबर तक ऑफ लाइन आवेदन कृषि विभाग के कार्यालय में जमा करवा सकते हैं।
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कोरोना के कहर को देखते हुए पराली जलाना हानिकारक
कोरोना वायरस के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए पराली जलाना हानिकारक है। पराली जलती है तो पर्यावरण प्रदूषित होगा जिसका मानव के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। लोगों की रोगरोधी क्षमता घटेगी, जिससे मृत्यु दर बढ़ने का खतरा अधिक हो जाएगा।
डॉ. आदित्य दहिया, डीसी।
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