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जिलेभर में आउटसोर्स पर लगे कर्मचारी रहे हड़ताल पर
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जींद/उचाना। जिलेभर में आउटसोर्स कर्मचारी मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ संबंधित भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कंडेला पर कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने ठेकेदार व स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ धरना देकर अपना रोष प्रकट किया।
कर्मचारियों ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कंडेला पर कार्यरत सात आउटसोर्स कर्मचारियों का स्थानांतरण दूसरी जगह कर दिया गया। यह कर्मचारी कई सालों से यहां कार्य कर रहे थे। कोविड-19 जैसी महामारी में आउटसोर्स कर्मचारियों ने फ्रंट लाइन वर्कर की तरह काम किया है। इसके बावजूद भी ठेकेदार द्वारा इन कर्मचारियों को मूल स्थान से कहीं ओर तबादला करने का फरमान जारी कर दिया गया। जनहित को देखते हुए सभी आउटसोर्स कर्मचारियों ने एसएमओ जतिंद्र शर्मा के आश्वासन पर धरना समाप्त किया। एसएमओ ने सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह को पत्र लिखकर किसी भी कर्मचारी का स्थानांतरण नहीं किए जाने की मांग की है। ताकि संक्रमण के दौरान वैक्सीनेशन का कार्य सुचारू रूप से चलता रहे। इस अवसर पर सुभाष, जोगिंद्र, संदीप, राजेश, प्रदीप, सुमित, ध्रुव, जगदीप, मुकेश, रानी व सुल्तान भी मौजूद रहे।
वहीं उचाना में आउटसोर्स के तहत नागरिक अस्पताल में लगे कर्मचारी मई माह से नियुक्ति पत्र देने, कर्मचारियों का तबादला दूसरे ब्लॉकों के अस्पतालों में करने, सिक्योरिटी गार्ड कार्यकाल बढ़ाने तथा बीते छह महीने से वेतन नहीं मिलने के चलते अनिश्चितकालीन हड़ताल पर नागरिक अस्पताल परिसर में बैठ गए। आउटसोर्स के तहत लगे कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से लैब में कोरोना टैस्ट नहीं हो पाए, जिसके चलते लोगों को वापस जाना पड़ा। तहसीलदार रामचरण शर्मा धरना दे रहे कर्मचारियों के बीच पहुंचे। यहां पर उनको मांग पत्र सौंपा गया। एसडीएम डॉ. प्रीतपाल को भी धरने पर ज्ञापन सौंपा गया। उपमंडल कार्यालय में आउटसोर्स के तहत लगे कर्मचारियों की मीटिंग एडीसी मनोज कुमार के साथ हुई। कर्मचारियों मांगे माने जाने के आश्वासन के बाद काम पर लौटे। आउटसोर्स प्रधान सीएचसी उचाना सोनू बूरा ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मचारी संबंधित भारतीय मजदूर संघ के जिला महामंत्री सतबीर बूरा की अध्यक्षता में अनिश्चित कालीन धरना शुरू किया है। एडीसी, एसडीएम एवं नागरिक अस्पताल उचाना के एमओ के सभी मांगे मानी जाने के आश्वासन पर धरना स्थगित किया।
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नए ठेकेदार ने आउटसोर्स कर्मचारियों को नहीं लिया नौकरी पर, चार को 100 किलोमीटर दूर भेजा
सफीदों। अस्पताल में आउटसोर्स के तहत लगे काफी पुराने कर्मचारियों को नए ठेकेदार ने नियुक्ति पत्र नहीं दिया है। चार कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देकर उनका तबादला सफीदों से 100 किलोमीटर दूर उझाना में कर दिया है। इससे आउटसोर्स कर्मचारियों में रोष है। मंगलवार को इन कर्मचारियों ने ठेकेदार पर मनमानी का आरोप लगाते हुए हड़ताल कर दी।
आउटसोर्स कर्मचारियों विकास, जितेंद्र पांचाल, संजय, रामपाल, दीपक, पिंकी, ममता व कोमल ने कहा कि उनको अस्पताल में काम करते हुए तीन वर्ष हो गए। एक मई से नए ठेकेदार ने आउटसोर्स का ठेका ले लिया। नए ठेकेदार ने उनको नियुक्ति पत्र नहीं दिए। जिन चार कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र दिए हैं, उनको सफीदों से 100 किलोमीटर दूर उझाना भेज दिया। कर्मचारियों ने कहा कि 12 हजार की सैलरी पर काम करने वाले कर्मचारियों को 100 किलोमीटर दूर भेजना गलत है। स्वास्थ्य महानिदेशक ने 13 मई को पत्र जारी करके आदेश दिए थे कि किसी भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं हटाया जाएगा। इसके बावजूद ठेकेदार अपनी मनमानी कर रहा है। वह अपने चहेतों को नौकरी पर रखना चाहता है। उन्होंने मांग की कि सभी कर्मचारियों को नौकरी पर रखा जाए तथा उझाना भेजे गए कर्मचारियों को वापस सफीदों में रखा जाए। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती वह हड़ताल पर रहेंगे। संवाद
आउटसोर्स कर्मचारियों ने मांगों को लेकर दिया धरना
जुलाना। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आउटसोर्स पर लगे स्वास्थ्य कर्मियों ने मांगों को लेकर धरना दिया। धरने की अध्यक्षता स्वास्थ्य कर्मी संघ इकाई के प्रधान रविंद्र ने की। प्रधान रविंद्र ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण कर रहा है। विभाग द्वारा अभी तक कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया। वहीं विभाग ने केंद्र पर कार्यरत कर्मचारियों के दूर-दूर तबादले कर दिए। इस कारण आउटसोर्स कर्मचारियों में विभाग के अधिकारियों के खिलाफ रोष बना हुआ हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी संघ इकाई की मांग है कि सभी कर्मचरियों को काम पर लिया जाए और जो कर्मचारी जहां पर ड्यूटी कर रहे थे, वहीं पर उनकी डयूटियां लगाई जाएं। अगर उनकी मांगों को नहीं माना जाता तो उनका धरना इसी प्रकार जारी रहेगा। संवाद
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कर्मचारियों ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कंडेला पर कार्यरत सात आउटसोर्स कर्मचारियों का स्थानांतरण दूसरी जगह कर दिया गया। यह कर्मचारी कई सालों से यहां कार्य कर रहे थे। कोविड-19 जैसी महामारी में आउटसोर्स कर्मचारियों ने फ्रंट लाइन वर्कर की तरह काम किया है। इसके बावजूद भी ठेकेदार द्वारा इन कर्मचारियों को मूल स्थान से कहीं ओर तबादला करने का फरमान जारी कर दिया गया। जनहित को देखते हुए सभी आउटसोर्स कर्मचारियों ने एसएमओ जतिंद्र शर्मा के आश्वासन पर धरना समाप्त किया। एसएमओ ने सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह को पत्र लिखकर किसी भी कर्मचारी का स्थानांतरण नहीं किए जाने की मांग की है। ताकि संक्रमण के दौरान वैक्सीनेशन का कार्य सुचारू रूप से चलता रहे। इस अवसर पर सुभाष, जोगिंद्र, संदीप, राजेश, प्रदीप, सुमित, ध्रुव, जगदीप, मुकेश, रानी व सुल्तान भी मौजूद रहे।
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वहीं उचाना में आउटसोर्स के तहत नागरिक अस्पताल में लगे कर्मचारी मई माह से नियुक्ति पत्र देने, कर्मचारियों का तबादला दूसरे ब्लॉकों के अस्पतालों में करने, सिक्योरिटी गार्ड कार्यकाल बढ़ाने तथा बीते छह महीने से वेतन नहीं मिलने के चलते अनिश्चितकालीन हड़ताल पर नागरिक अस्पताल परिसर में बैठ गए। आउटसोर्स के तहत लगे कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से लैब में कोरोना टैस्ट नहीं हो पाए, जिसके चलते लोगों को वापस जाना पड़ा। तहसीलदार रामचरण शर्मा धरना दे रहे कर्मचारियों के बीच पहुंचे। यहां पर उनको मांग पत्र सौंपा गया। एसडीएम डॉ. प्रीतपाल को भी धरने पर ज्ञापन सौंपा गया। उपमंडल कार्यालय में आउटसोर्स के तहत लगे कर्मचारियों की मीटिंग एडीसी मनोज कुमार के साथ हुई। कर्मचारियों मांगे माने जाने के आश्वासन के बाद काम पर लौटे। आउटसोर्स प्रधान सीएचसी उचाना सोनू बूरा ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मचारी संबंधित भारतीय मजदूर संघ के जिला महामंत्री सतबीर बूरा की अध्यक्षता में अनिश्चित कालीन धरना शुरू किया है। एडीसी, एसडीएम एवं नागरिक अस्पताल उचाना के एमओ के सभी मांगे मानी जाने के आश्वासन पर धरना स्थगित किया।
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नए ठेकेदार ने आउटसोर्स कर्मचारियों को नहीं लिया नौकरी पर, चार को 100 किलोमीटर दूर भेजा
सफीदों। अस्पताल में आउटसोर्स के तहत लगे काफी पुराने कर्मचारियों को नए ठेकेदार ने नियुक्ति पत्र नहीं दिया है। चार कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देकर उनका तबादला सफीदों से 100 किलोमीटर दूर उझाना में कर दिया है। इससे आउटसोर्स कर्मचारियों में रोष है। मंगलवार को इन कर्मचारियों ने ठेकेदार पर मनमानी का आरोप लगाते हुए हड़ताल कर दी।
आउटसोर्स कर्मचारियों विकास, जितेंद्र पांचाल, संजय, रामपाल, दीपक, पिंकी, ममता व कोमल ने कहा कि उनको अस्पताल में काम करते हुए तीन वर्ष हो गए। एक मई से नए ठेकेदार ने आउटसोर्स का ठेका ले लिया। नए ठेकेदार ने उनको नियुक्ति पत्र नहीं दिए। जिन चार कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र दिए हैं, उनको सफीदों से 100 किलोमीटर दूर उझाना भेज दिया। कर्मचारियों ने कहा कि 12 हजार की सैलरी पर काम करने वाले कर्मचारियों को 100 किलोमीटर दूर भेजना गलत है। स्वास्थ्य महानिदेशक ने 13 मई को पत्र जारी करके आदेश दिए थे कि किसी भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं हटाया जाएगा। इसके बावजूद ठेकेदार अपनी मनमानी कर रहा है। वह अपने चहेतों को नौकरी पर रखना चाहता है। उन्होंने मांग की कि सभी कर्मचारियों को नौकरी पर रखा जाए तथा उझाना भेजे गए कर्मचारियों को वापस सफीदों में रखा जाए। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती वह हड़ताल पर रहेंगे। संवाद
आउटसोर्स कर्मचारियों ने मांगों को लेकर दिया धरना
जुलाना। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आउटसोर्स पर लगे स्वास्थ्य कर्मियों ने मांगों को लेकर धरना दिया। धरने की अध्यक्षता स्वास्थ्य कर्मी संघ इकाई के प्रधान रविंद्र ने की। प्रधान रविंद्र ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण कर रहा है। विभाग द्वारा अभी तक कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया। वहीं विभाग ने केंद्र पर कार्यरत कर्मचारियों के दूर-दूर तबादले कर दिए। इस कारण आउटसोर्स कर्मचारियों में विभाग के अधिकारियों के खिलाफ रोष बना हुआ हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी संघ इकाई की मांग है कि सभी कर्मचरियों को काम पर लिया जाए और जो कर्मचारी जहां पर ड्यूटी कर रहे थे, वहीं पर उनकी डयूटियां लगाई जाएं। अगर उनकी मांगों को नहीं माना जाता तो उनका धरना इसी प्रकार जारी रहेगा। संवाद