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Jind News: पराली जलाने वाले किसान पर एफआईआर के आदेश का विरोध
Sun, 20 Oct 2024 01:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 20 Oct 2024 01:20 AM IST
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19जेएनडी41: सरकार के आदेशों की प्रतियां जलाते हुए किसान। संवाद
नरवाना। नरवाना तहसील कार्यालय में शनिवार को 911वें दिन भी अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य अध्यक्ष मास्टर बलबीर सिंह के नेतृत्व में धरना जारी रहा।
बलबीर सिंह ने कहा कि कल जारी किए गए पत्र में सरकार ने किसानों को पहला नजराना दिया है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश के उपायुक्तों और उप कृषि निदेशकों को आदेश दिए गए हैं कि जिस भी किसान ने 15 सितंबर से अब तक पराली जलाई है उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाए। पराली जलाने वाले किसानों की दो सीजन तक उपज मंडी में न खरीदी जाए। इस दौरान किसानों ने सरकार के आदेश की प्रतियों को जलाकर नाराजगी जताई।
बलबीर सिंह ने कहा कि किसान सभा सरकार के इस फरमान का विरोध करती है। उन्होंने कहा कि या तो सरकार इस आदेश को वापस ले अन्यथा किसान सड़कों पर उतर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के अन्य कारकों पर रोक लगाने समेत पराली प्रबंधन की व्यवस्था में विफल रहने वाला है। सरकार पराली प्रबंधन के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन इसमें पूरी तरह फेल है इसलिए किसानों को धमकी देते हुए डराया जा रहा है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के कई कारण हैं जैसे बड़े-बड़े उद्योग, कारखाने, यातायात आदि लेकिन सरकार को प्रदूषण केवल किसान की पराली में दिखता है। किसान सभा ने सख्त लहजे में कहा कि एफआईआर दर्ज करने एवं उपज खरीदने में अड़चन पैदा की गई तो आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। साथ ही किसान सभा हरियाणा राज्य कमेटी ने सरकार से मांग की है पराली प्रबंधन की व्यवस्था करे। सरकार पंचायतों के माध्यम से पराली एकत्रित करवा सकती है। किसानों को मिलने वाली अनुदान राशि को बढ़ाएं ताकि किसान का लागत खर्च घट सके। इसके साथ ही सरकार प्रदूषण का सारा दोष किसानों के लगाने से बाज आएं। धरने पर दलबीर, बलजिंदर सिंह, चंद्र भान, हवा सिंह, सूरजन, मांगेराम, फतेह सिंह, भीम सिंह, सतबीर सिंह, इंद्र सिंह, बलदेव सिंह, रामधारी, राम सिंह मौजूद थे।
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बलबीर सिंह ने कहा कि कल जारी किए गए पत्र में सरकार ने किसानों को पहला नजराना दिया है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश के उपायुक्तों और उप कृषि निदेशकों को आदेश दिए गए हैं कि जिस भी किसान ने 15 सितंबर से अब तक पराली जलाई है उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाए। पराली जलाने वाले किसानों की दो सीजन तक उपज मंडी में न खरीदी जाए। इस दौरान किसानों ने सरकार के आदेश की प्रतियों को जलाकर नाराजगी जताई।
बलबीर सिंह ने कहा कि किसान सभा सरकार के इस फरमान का विरोध करती है। उन्होंने कहा कि या तो सरकार इस आदेश को वापस ले अन्यथा किसान सड़कों पर उतर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के अन्य कारकों पर रोक लगाने समेत पराली प्रबंधन की व्यवस्था में विफल रहने वाला है। सरकार पराली प्रबंधन के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन इसमें पूरी तरह फेल है इसलिए किसानों को धमकी देते हुए डराया जा रहा है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के कई कारण हैं जैसे बड़े-बड़े उद्योग, कारखाने, यातायात आदि लेकिन सरकार को प्रदूषण केवल किसान की पराली में दिखता है। किसान सभा ने सख्त लहजे में कहा कि एफआईआर दर्ज करने एवं उपज खरीदने में अड़चन पैदा की गई तो आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। साथ ही किसान सभा हरियाणा राज्य कमेटी ने सरकार से मांग की है पराली प्रबंधन की व्यवस्था करे। सरकार पंचायतों के माध्यम से पराली एकत्रित करवा सकती है। किसानों को मिलने वाली अनुदान राशि को बढ़ाएं ताकि किसान का लागत खर्च घट सके। इसके साथ ही सरकार प्रदूषण का सारा दोष किसानों के लगाने से बाज आएं। धरने पर दलबीर, बलजिंदर सिंह, चंद्र भान, हवा सिंह, सूरजन, मांगेराम, फतेह सिंह, भीम सिंह, सतबीर सिंह, इंद्र सिंह, बलदेव सिंह, रामधारी, राम सिंह मौजूद थे।

19जेएनडी41: सरकार के आदेशों की प्रतियां जलाते हुए किसान। संवाद
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