जींद। रोहतक रोड पर महान शक्ति संगठन कला धाम के तत्वावधान में बंसल भवन में विश्व कल्याण और सर्व सुख शांति के लिए 11 दिवसीय महाअखंड जाप चल रहा है। पांचवें दिन ऋषि सुखदेव महाराज ने श्रद्धालुओं को प्रवचन के दौरान कहा कि सेवा, सिमरन और दान रूपी शुभ कर्म ही इंसान को परोपकारी बनाते हैं। पूर्ण संत महापुरुषों और दुखी लाचार व्यक्ति की सच्चे मन से सेवा करने वाला इंसान ही प्रभु के असली धन का अधिकारी बनता है।
सुखदेव महाराज ने कहा कि अगर मनुष्य जीवन में प्रभु प्रेम के पुष्प लगाएगा तो जीवन रूपी बगिया महक उठेगी। जिसने भी प्रभु प्रेम और सत्य ज्ञान को जीवन में उतार लिया, उसने ही संसार के सभी दुखों से छुटकारा पा लिया। संपूर्ण विश्व के कल्याण के लिए सच्चे मन से प्रभु नाम सिमरन और शुभ कर्मों द्वारा हर समय दुखी व लाचार जीवों की भलाई के लिए तत्पर रहना चाहिए। वहीं, शुभ कार्य करते हुए कभी मन में अहंकार नहीं आना चाहिए, क्योंकि करन करावन तो स्वयं निराधार भगवान है। इंसान तो केवल निमित मात्र है। उन्होंने कहा कि शांति, प्रेम और सद्भावना के साथ सत मार्ग पर चलते हुए यदि सभी मनुष्यों का आपस में प्यार हो जाए तो ये जीवन अनंत खुशियों और आनंद से भर जाए।