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Jind News: श्री गीता मंदिर के 32वें वार्षिक उत्सव का दूसरा दिन, भजनों से गूंजा पंडाल
Sat, 28 Feb 2026 12:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 28 Feb 2026 12:36 AM IST
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नरवाना में श्री गीता मंदिर में कथा सुनते श्रद्धालु। स्रोत : संवाद।
- फोटो : गल्लामंडी स्थित ओवरब्रिज पुल की मरम्मत के बाद टेस्टिंग।
नरवाना। पंजाबी चौक स्थित श्री गीता मंदिर में आयोजित 32वें वार्षिक उत्सव और भंडारे का शुक्रवार को दूसरा रहा। कथा व्यास श्रीश्री 1008 महामंडलेश्वर साध्वी करुणागिरि महाराज ने कथा कथा सुनाई।
नगर पार्षद आशुतोष की माता बिमला देवी, डेरा पीपलनाथ के महंत जगन्नाथ, आरएसएस से नरेंद्र व जितेंद्र सचदेवा ने मुख्य रूप से शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कमेटी के सरपरस्त संतलाल सेतिया, प्रधान अशोक नागपाल और सचिव अशोक कक्कड़ ने की।
साध्वी करुणागिरि महाराज ने कहा कि कई जन्मों के पुण्यों के फलस्वरूप ही मनुष्य को सत्संग की ऐसी पावन बेला प्राप्त होती है जब व्यक्ति और उसके पूर्वजों के संचित कर्मों का उदय होता है। तब उसे अपने जीवन में सत्कर्म करने का सौभाग्य मिलता है।
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इस अवसर पर संतलाल सेतिया, अशोक नागपाल, अशोक कक्कड़, हंसराज समैण, संजय मेहता, नरेंद्र कुकरेजा, जीत छाबड़ा, सुभाष, भारत भूषण सेतिया, सुरेंद्र दुआ, विजय, प्रिंस रावल, राजकुमार, सज्जन मित्तल, उमेश रहेजा सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
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नगर पार्षद आशुतोष की माता बिमला देवी, डेरा पीपलनाथ के महंत जगन्नाथ, आरएसएस से नरेंद्र व जितेंद्र सचदेवा ने मुख्य रूप से शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कमेटी के सरपरस्त संतलाल सेतिया, प्रधान अशोक नागपाल और सचिव अशोक कक्कड़ ने की।
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साध्वी करुणागिरि महाराज ने कहा कि कई जन्मों के पुण्यों के फलस्वरूप ही मनुष्य को सत्संग की ऐसी पावन बेला प्राप्त होती है जब व्यक्ति और उसके पूर्वजों के संचित कर्मों का उदय होता है। तब उसे अपने जीवन में सत्कर्म करने का सौभाग्य मिलता है।
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इस अवसर पर संतलाल सेतिया, अशोक नागपाल, अशोक कक्कड़, हंसराज समैण, संजय मेहता, नरेंद्र कुकरेजा, जीत छाबड़ा, सुभाष, भारत भूषण सेतिया, सुरेंद्र दुआ, विजय, प्रिंस रावल, राजकुमार, सज्जन मित्तल, उमेश रहेजा सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।