{"_id":"68eaa0b494c9b8ab6e067c39","slug":"on-one-hand-cattle-are-being-caught-and-on-the-other-hand-their-numbers-are-increasing-on-the-roads-jind-news-c-199-1-sroh1009-142344-2025-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: एक तरफ गोवंशों को पकड़ा जा रहा दूसरी ओर सड़कों पर बढ़ रही तादाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: एक तरफ गोवंशों को पकड़ा जा रहा दूसरी ओर सड़कों पर बढ़ रही तादाद
Sat, 11 Oct 2025 11:53 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 11 Oct 2025 11:53 PM IST
विज्ञापन
11जेएनडी26: शहर की सड़कों पर घूमते गोवंश। संवाद
जींद। नगर परिषद का दावा है कि प्रतिदिन पांच से सात गोवंशों को पकड़कर गोशाला भेजा जा रहा है लेकिन फिर भी शहर की सड़कों पर हजारों की तादाद में गोवंश घूम रहे हैं।
शहर के मुख्य बाजार, गोहाना रोड, सफीदों रोड, रुपया चौक पर दिन-रात बेसहारा गोवंशों का जमावड़ा रहा है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को हादसे का डर रहता है। महीनेभर से चल रहा पशु पकड़ो अभियान बे-असर नजर आ रहा है।
एक तरफ नप का दावा है कि गोवंशों को पकड़ा जा रहा है वहीं दूसरी ओर शहर की सड़कों पर बेसहारा गोवंशों की तादाद बढ़ती जा रही है। शहर की सड़कों पर घूम रहे हजारों गोवंश न केवल यातायात बाधित कर रहे हैं बल्कि रात के अंधेरे में हादसों का प्रमुख कारण बन रहे हैं।
विज्ञापन
त्योहारों तक शहर की सड़कों पर आवागमन भी बढेगा और इन गोवंश के पकड़े नहीं जाने के कारण लोगों की जान जोखिम में रहेगी। इनकी वजह से बड़े हादसे होने का भय सता रहा है। इनके कारण बाइक व कार चालकों को ज्यादा डर रहता है।
रात के अंधेरे में काले रंग का गोवंश सड़क पर दूर से नहीं दिखाई देता। इससे वाहन चालकों को एमरजेंसी स्थित में ब्रेक मारने पड़ते हैं। इससे हादसों की डर बढ़ जाएगा।
गोशालाओं की क्षमता तीन हजार
यह परेशानी गोशालाओं में जगह और चारे की कमी होने से हो रही है।
कुछ समय बाद गोशालाओं से पशु बाहर आ जाते हैं। जो सड़कों पर आकर बैठते हैं। जिले में 14 गोशालाएं हैं लेकिन इनकी क्षमता लगभग तीन हजार पशुओं तक ही है।
विज्ञापन
शहर के मुख्य बाजार, गोहाना रोड, सफीदों रोड, रुपया चौक पर दिन-रात बेसहारा गोवंशों का जमावड़ा रहा है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को हादसे का डर रहता है। महीनेभर से चल रहा पशु पकड़ो अभियान बे-असर नजर आ रहा है।
विज्ञापन
एक तरफ नप का दावा है कि गोवंशों को पकड़ा जा रहा है वहीं दूसरी ओर शहर की सड़कों पर बेसहारा गोवंशों की तादाद बढ़ती जा रही है। शहर की सड़कों पर घूम रहे हजारों गोवंश न केवल यातायात बाधित कर रहे हैं बल्कि रात के अंधेरे में हादसों का प्रमुख कारण बन रहे हैं।
विज्ञापन
त्योहारों तक शहर की सड़कों पर आवागमन भी बढेगा और इन गोवंश के पकड़े नहीं जाने के कारण लोगों की जान जोखिम में रहेगी। इनकी वजह से बड़े हादसे होने का भय सता रहा है। इनके कारण बाइक व कार चालकों को ज्यादा डर रहता है।
रात के अंधेरे में काले रंग का गोवंश सड़क पर दूर से नहीं दिखाई देता। इससे वाहन चालकों को एमरजेंसी स्थित में ब्रेक मारने पड़ते हैं। इससे हादसों की डर बढ़ जाएगा।
गोशालाओं की क्षमता तीन हजार
यह परेशानी गोशालाओं में जगह और चारे की कमी होने से हो रही है।
कुछ समय बाद गोशालाओं से पशु बाहर आ जाते हैं। जो सड़कों पर आकर बैठते हैं। जिले में 14 गोशालाएं हैं लेकिन इनकी क्षमता लगभग तीन हजार पशुओं तक ही है।