फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   om prakash chautala relly

कार्यकर्ताओं को जोश देकर फूंकी जान

Sat, 27 Sep 2014 08:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद Updated Sat, 27 Sep 2014 08:21 AM IST
विज्ञापन
om prakash chautala relly

इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने विधानसभा चुनाव से पूर्व बृहस्पतिवार को आयोजित सम्मान दिवस रैली में कार्यकर्ताओं के जोश को दिशा देकर उनमें जान फूंकने का काम किया। वर्तमान हालातों को पांडू पिंडारा, कुरुक्षेत्र से जोड़ते हुए उन्होंने प्रदेश सरकार की तुलना कंस से कर उसे उखाड़ फेंकने का आह्वान किया।

विज्ञापन


करीब 20 माह बाद चौधरी देवीलाल की 101वीं जयंती पर उन्होंने कहा कि पांडु पिंडारा की इस जमीन पर पांडवों ने अपनी मुसीबत के दिन बिताए थे।

इसके बाद कुरुक्षेत्र की जमीन पर युद्ध के जरिए पांडवों का जीत मिली थी। हमें पांडवों की तरह से भाईचारे को कायम रख कांग्रेस के कुशासन को खत्म करना होगा। उन्होेंने कहा कि मैं जेल से नहीं डरता।
विज्ञापन


शिक्षकों के लिए, कर्मचारियों के लिए, किसानों को भाव दिलाने के लिए, इंदिरा गांधी के आपातकाल में भी जेल गया था। जब मैं पैदा हुआ तो मेरे पिता चौधरी देवीलाल जेल में थे। मेरा जन्म भी भगवान श्रीकृष्ण की तरह से अपने मामा के घर हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन


कांग्रेस की कंस रूपी सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करें। मोक्ष की धरती चौधरी ओमप्रकाश चौटाला और अजय चौटाला को जेल से मुक्ति दिला पाएगी या नहीं यह तो भविष्य के गर्भ में हैं।

इस धरती ने समर्थकों को चौधरी ओमप्रकाश चौटाला से जरूर मिला दिया। करीब बीस महीने से समर्थक चौधरी ओमप्रकाश चौटाला को देखने के  लिए उत्सुक थे। 18 मिनट के भाषण में चौधरी ओमप्रकाश चौटाला ने 20 महीने की जेल के सारे गुबार निकाल दिया।   
 
दुष्यंत को बड़ी जिम्मेदारी......
इंडियन नेशनल लोकदल ने चुनावी समर में दुष्यंत चौटाला को सबसे बड़े  मुकाबले के लिए उतार दिया है। अपनी पहली चुनावी परीक्षा में पास होने के बाद दुष्यंत चौटाला को छह माह में ही हॉट सीट उचाना पर दूसरी परीक्षा देनी होगी। इसके लिए जींद रैली से चौटाला और तमाम पार्टियों के नेताओं ने साफ शब्दों में संदेश दे दिया है।

लोकतंत्र की ताकत बाधा की हर जंजीर को तोड़ देती है : अजय चौटाला
रैली के दौरान इनेलो नेता अजय सिंह चौटाला का रिकार्ड किया हुआ भाषण सुनाया गया। इसमें अजय चौटाला ने कहा कि कांग्रेस ने साजिश के तहत उन्हें जेल में डलवा दिया है और इनेलो को खत्म करने का सपना सजाया था।

इनेलो के कर्मठ कार्यकर्ताओं ने इन लोगों की साजिश को सफल नहीं होने दिया और एक जुटता की ताकत दिखाकर साजिश का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की ताकत हर जंजीर को तोड़ देती है।

विधानसभा के चुनाव में प्रदेश की जनता इनेलो को ताकत देकर जेल की जंजीरों को तोड़ने का काम करेगी। चौटाला ने कहा कि भले ही मेरे माता ने मुझे जन्म दिया है, लेकिन प्रदेश की जनता ने उन्हें जीवन जीने का तरीका सिखाया है।

चौटाला ने कहा कि इनेलो की शीर्ष कमान जेल में जाने के बाद राजनीति के कुछ नौसखियों ने प्रचार किया था कि इनेलो की दुकान बंद हो जाएगी, लेकिन प्रदेश की जनता ने उन लोगों को वोट के माध्यम से सबक सिखाने का काम किया और आज वह अपनी विरासत में मिली राजनीति को भी नहीं बचा पाए और उनकी ही दुकान पर ताला लग गया।

जाम हुआ जींद, रेंगते रहे वाहन
इनेलो की सम्मान दिवस रैली में प्रदेशभर से आए वाहनों ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। शहर की तरफ आने वाले सभी मार्गों पर कई किलोमीटर तक जाम रहा। जाम की समस्या का सबसे ज्यादा सामना जींद-गोहाना मार्ग, जींद-रोहतक मार्ग, जींद-सफीदों मार्ग और रैली स्थल से शहर की तरफ आने वाले मार्गों पर देखने को मिला।

रैली में आने वाले वाहनों के चलते जाम की समस्या से निपटने के लिए यातायात पुलिस कर्मचारियों के साथ-साथ युवा इनेलो के सदस्य हर मार्ग पर तैनात थे, लेकिन एक साथ वाहनों की संख्या ज्यादा होने के चलते हर मार्ग पर लंबा जाम लग गया।

इसके कारण रोडवेज की बस और अन्य यात्री भी कई घंटों तक जाम में फंसे रहे। हर मार्ग पर जाम होने के कारण पुलिस के भी हाथ पांव फूल गए और रैली समाप्त होने के होने के करीब तीन घंटे के तक मार्गों पर जाम लगा रहा।

कई एकड़ में बनी थी पार्किंग
इनेलो ने रैली का आयोजन बाईपास के निकट पांडू पिंडारा के निकट खेतों की खाली पड़ी जमीन पर किया गया। इसलिए वाहनों की कई एकड़ में पार्किंग बनी हुई थी।

पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह रही, लेकिन जींद शहर की तरफ आने वाले मार्गों पर जाम लगने के चलते वाहन पार्किंग स्थल तक पहुंच नहीं पाए। हालांकि कई एकड़ जमीन खाली होने के कारण वाहनों को पार्किंग करने में कोई दिक्कत नहीं आई।

स्टेज पर पंजाब व हरियाणा पुलिस ने संभाली सुरक्षा
सम्मान दिवस रैली में पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का कार्यक्रम होने के चलते पंजाब पुलिस बुधवार को ही पहुंच गई थी।

रैली के दौरान भी पंजाब पुलिस ने हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर स्टेज की सुरक्षा व्यवस्था को संभाला, वहीं रैली के बाहर सुरक्षा व्यवस्था के लिए हरियाणा पुलिस के कर्मचारी जगह-जगह पर तैनात थे। पुलिस कर्मचारी शहर के प्रत्येक नाके के अलावा रैली स्थल के बाहर तैनात दिखाई दिए।

इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतिश कुमार, शरद यादव, पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को रैली स्थल के निकट ही बने हेलीपैड से हरियाणा पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच में रैली स्थल तक लेकर आई।

मीडिया, वीआईपी, सांस्कृतिक कार्यक्रम की स्टेज पब्लिक का हुआ कब्जा
इनेलो ने रैली के लिए कई एकड़ में स्थल बनाया गया था और लगभग एक बजे तक स्थल भरने के बाद लोगों ने मीडिया, वीआईपी तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए बनाई गई स्टेज की तरफ रुख कर लिया।

इस दौरान युवा इनेलो कार्यकर्ताओं ने लोगों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन तीनों ही स्टेजों पर रैली में आए लोगों ने कब्जा कर लिया।

जिसके बाद मीडिया कर्मियों को रैली स्थल से बाहर निकलकर ही नेताओं की कवरेज करनी पड़ी। स्टेज से बार-बार कलाकारों को सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने का आग्रह करते रहे, लेकिन वहां पर लोगों की भीड़ जमा होने के चलते सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत नहीं हो सके।

यही स्थित वीआईपी स्टेज की रही और वहां मौजूद लोगों को अपनी जगह छोड़नी पड़ी। इसके अलावा रैली के लिए बनाए टेंट के स्टेंडों पर भी लोग चढ़ गए और कई घंटों तक उसी पर जमे रहे।

पांच हेलीकॉप्टरों में पहुंचे वीआईपी
रैली स्थल से कुछ ही दूरी पर पांच हेलीपेड बनाए हुए थे। इसमें पांचों हेलीकॉप्टर में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, पूर्व मुख्यमंत्री एवं इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतिश कुमार, जनतादल यूनाइटेड के अध्यक्ष शरद यादव व समाजवादी के अध्यक्ष मुलायम सिंह के भाई शीशपाल आए। इन पांचों हेलीकॉप्टर को वहां पर उतरा गया और बाद में एक-एक करके सभी वीआईपी रैली स्थल पर कड़ी सुरक्षा के बीच में पहुंचे।

पूर्व मंत्री एसी चौधरी इनेलो में
कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एसी चौधरी ने इनेलो में शामिल होने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पंजाबी समुदाय के हितों की रक्षा के लिए मिले थे। तब से ही वे चौधरी देवीलाल के मुरीद हो गए।

चौधरी देवीलाल सम्मान दिवस की झलकियां
- 20 एकड़ में बनाया गया रैली स्थल।

- सुबह 09 बजे ही पहुंचने शुरू हो गए कार्यकर्ता

- दस बजे तक जाम हो गई शहर की सड़कें।

- इनेलो कार्यकर्ताओं ने संभाली सड़कों पर कमान।

- दोपहर एक बजे मंच पर पहुंचे अभय चौटाला।

- ओमप्रकाश चौटाला के आने की खबर सुनते ही कार्यकर्ताओं ने दिखाया जोश।

- पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगोड़ा, पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, जनतादल यू के अध्यक्ष शरद यादव व बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतिश कुमार का सांसद दुष्यंत चौटाला ने किया गर्मजोशी से स्वागत।


- टेंट के पोल पर चढ़े सैकड़ों कार्यकर्ता।

- वीवीआईपी मंच तक पहुंच गए कार्यकर्ता।

-- दोपहर बाद 2:58 मिनट पर मंच पर पहुंचे ओमप्रकाश चौटाला।

- नए बाईपास से मंच तक करीब 30 मिनट में पहुंची ओमप्रकाश चौटाला की गाड़ी।

- रास्ते में कार्यकर्ताओं ने किया हाथ जोड़कर कर चौटाला का स्वागत।

- लाखों की संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं को देखकर ओमप्रकाश चौटाला में भरा जोश।

-- रैली में भारी अव्यवस्था का आलम रहा। समर्थक मंच के पास बने पोल पर चढ़ गए। मंच के आगे बनी डी में घुस गए। मीडिया के स्टेज पर भी लोगों का कब्जा।

-- समर्थक सीटी बजाते, किलकारियां मारते, चिल्लाते व नारेबाजी करते रहे।

-- अशोक अरोड़ा ने कहा कि जींद के पांडु पिंडारा में आज कांग्रेस का पिंडदान करके जाएं।

-- दुष्यंत चौटाला ने कहा हाथ उठाकर इनेलो जिंदाबाद का नारा लगाएं। जो नारा नहीं लगाएगा वह कांग्रेसी है।

-- रैली स्थल पर जनता को मंच का सीन नजदीक से दिखाने के लिए दो बड़ी स्क्रीन लगाई गई थी। जो शुरू से ही खराब रही।

-- रैली में चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के पहुंचते ही माइक खराब हो गए। करीब पांच मिनट बाद दोबारा से माइक शुरू  हुए।

-- मंच पर जब अजय चौटाला की वाइस क्लिपिंग सुनाई गई तो माहौल शांत हो गया। बाधा के कारण अजय चौटाला की पूरी क्लीपिंग नहीं सुनाई जा सकी।

-- रैली में सीनीयारटी के हिसाब से भाषण नहीं कराए गए। अभय चौटाला का भाषण पहले ही करा दिया गया। उसके बाद पूर्व मंत्री सुभाष गोयल, बलदेव सिंह का संबोधन कराया।

-- करीब 25 से 30 मिनट तक मंच पर चौटाला के इंतजार के समय समर्थकों से नारे लगातेे रहे। इस बीच ओमप्रकाश चौटाला पर आधारित गीत बजाया गया।

-- दुष्यंत व दिग्विजय चौटाला की जोड़ी बार-बार मंच संभालती रही। दोनाें भाई बार-बार जनता से हाथ जोड़कर बैठने के लिए अनुरोध करते नजर आए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed