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महाकुंभ की भगदड़ में जींद की महिला की मौत: नरेंद्र ने सुनाई आपबीती, 40 मिनट तक जमीन पर पड़ा रहा, जब होश आया...
Thu, 30 Jan 2025 08:34 PM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Thu, 30 Jan 2025 08:34 PM IST
सार
नरेंद्र का परिवार व महिला रामपति स्नान करने के लिए जा रहे थे। इस दौरान अचानक से भीड़ बढ़ गई और भगदड़ मच गई। इस दौरान सभी एक साथ थे, लेकिन भगदड़ में सभी अलग-अलग हो गए।
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परिजनों से जानकारी लेती पुलिस
- फोटो : संवाद
विस्तार
महाकुंभ में पांच दिन पहले स्नान के लिए गई राजपुरा गांव की 60 वर्षीय महिला की भगदड़ में मौत हो गई। वीरवार सुबह महिला के शव को गांव में लाया गया। जिनका आज अंतिम संस्कार किया गया। जानकारी के अनुसार राजपुरा गांव की महिला रामपति 26 जनवरी को नरेंद्र के परिवार के साथ महाकुंभ में गई थी। वहां पर हुई भगदड़ में उसकी मौत हो गई। राजपुरा गांव निवासी नरेंद्र व उसकी पत्नी को भी चोटें आई हैं, लेकिन वह खतरे से बाहर हैं।
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मृतक महिला रामपति पत्नी बारूराम राजपुरा की रहने वाली है। गांव के लोगों को बुधवार को उसकी मौत की सूचना नरेंद्र के परिवार ने दी थी। इसके बाद पहचान के लिए मौके पर गए थे। गांव के सरपंच जयवीर ने बताया कि रामपति गांव के ही नरेंद्र के परिवार के साथ महाकुंभ में गई थी। उनको जानकारी मिली है कि उसकी भगदड़ में मौत हो गई।
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नरेंद्र ने बताया कि वह अपनी पत्नी, बहन और गांव के ही लोगों के साथ महाकुंभ में गया था। उन्हें रात को ही हादसे का आभास हो गया था। इससे बचने के लिए वह 200 फीट तक वापस भी चले, लेकिन अचानक भीड़ में भगदड़ मच गई और वह सभी कुचले गए। इसमें नरेंद्र समेत छह बेहोश हो गए और महिला रामपति की मौत हो गई। लगभग 40 मिनट की भगदड़ ने महाकुंभ में चीख मच गई।
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राजपुरा निवासी नरेंद्र ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ गया था। उनके साथ रिश्ते में दादी लगने वाली रामपति भी थी। वह 29 जनवरी की शाम को आठ बजे पहुंचे थे। इसके बाद वह रात को ही संगम घाट पर एक बजे पहुंच गए। जब वहां पर माहौल देखा तो भीड़ बहुत ज्यादा थी। कुछ लोग किल्कारियां मार रहे थे। उनको हादसे का आभास हुआ तो उसने रामपति को कहा कि दादी भीड़ ज्यादा है, वापस चले। इस दौरान वह तुरंत वापस चल पड़े।
लगभग 200 फीट चले थे कि अचानक भगदड़ मच गई। इसमें वह भीड़ में फंस गए और रामपति समेत कुचले गए। लगभग 40 मिनट तक वह जमीन पर पड़े रहे और लोगों की भीड़ उनके ऊपर गुजरती रही। इस दौरान बचाने के लिए भी कोई आगे नहीं आया। वह भी बेहोश हो गए थे। जब होश आया तो उनके पास ही रामपति का शव मिला। अचानक से बैरिकेडिंग खोले जाने के कारण यह हालात बिगड़े। उनके सामने ही 70 से ज्यादा लोग जो जमीने पर पड़े थे उन्हें उठाया गया। सैकड़ों लोग घायल थे।
नरेंद्र की बेटी, पत्नी व बहन को भी आई चोट
जानकारी के अनुसार नरेंद्र का परिवार व महिला रामपति स्नान करने के लिए जा रहे थे। इस दौरान अचानक से भीड़ बढ़ गई और भगदड़ मच गई। इस दौरान सभी एक साथ थे, लेकिन भगदड़ में सभी अलग-अलग हो गए। इसमें नरेंद्र की 16 वर्षीय बेटी को भी ज्यादा चोटें आई। नरेंद्र की बहन पिंकी व नरेंद्र की पत्नी उर्मिला भी घायल हो गई। इस दौरान भगदड़ में राजपति भीड़ में फंस गई और उसकी मौत हो गई। नरेंद्र ने इसकी सूचना परिजनों को दी। इसके बाद परिवार के लोग वहां पहुंचे।