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Jind News: बच्चों के कल्याण के लिए धरातल पर काम करें अधिकारी
Thu, 07 Sep 2023 12:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 07 Sep 2023 12:10 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग पंचकूला की सदस्य मीना देवी, मांगे राम तथा अनिल लाठर ने संस्थाओं, विभागों और बाल कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा लघु सचिवालय के वीडियो कॉन्फ्रेंस हाल में की। इसमें बच्चों के कल्याण के लिए कार्य करने वाले संस्थानों से जानकारी ली और निर्देश दिया कि बच्चों के कल्याण के लिए सभी संबंधित अधिकारी धरातल से जुड़ कर कार्य करें।
आयोग के सदस्यों ने शिक्षा विभाग की ओर से चलाई जा रही समग्र बाल विकास योजना के तहत जिला में किए गए कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा छह से आठ तथा 14 से 18 साल तक के बच्चों का सर्वे किया जाता है और ड्रॉप आउट बच्चों को स्कूलों में पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाता है। इस पर आयोग के सदस्यों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कक्षा एक में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या 12 तक पहुंचते काफी कम रह जाती है। अर्थात विद्यार्थी अपनी शिक्षा निरंतर नहीं रख पाते हैं। ऐसे में ड्रॉप आउट हुए विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा में लाए जाने का प्रयास करें।
सभी सरकारी स्कूलों में चाइल्ड हेल्प लान नंबर 1098, डायल 112 तथा पोक्सो एक्ट से संबंधित स्कूल अध्यापक का नाम, फोटो व फोन नंबर स्कूल के मुख्य स्थान पर चस्पा करवाना सुनिश्चित करें। स्कूलों में सुझाव पेटी भी स्थापित करवाई जाए ताकि बच्चे शिकायत व सुझाव बिना झिझक के पेटी में डाल सकें। श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पिछले छह महीने के दौरान बच्चों के कल्याण के लिए विभाग द्वारा किए गए कार्यों का विवरण दिया जाए।
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बाक्स
28 गुमशुदा बच्चों को उनके अभिभावकों से मिलवाया
मानव तस्करी निरोधक यूनिट की ओर से अबतक 28 गुमशुदा बच्चों को उनके अभिभावकों से मिलवाया गया। इसके अलावा 40 बाल भिक्षुओं तथा 50 बाल श्रमिकों पर संज्ञान लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया। आयोग की टीम ने जिले में संचालित कलाम बाल आश्रम के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि कलाम बाल आश्रम में कुल 14 बच्चे रह रहे हैं। बच्चों को स्कूली शिक्षा, ब्यूटी पार्लर, डांस आदि सिखाया जा रहा है। डीएनटी के प्रदेश सचिव सुनील कुमार ने बताया कि स्लम बस्ती के कुछ बच्चों के जन्मतिथि प्रमाण पत्र के बिना आधार कार्ड नहीं बन पा रहे है, इससे उनके मुलभूत दस्तावेज तैयार करवाने में काफी कठिनाई हो रही है। आयोग के सदस्यों ने कहा कि ऐसे सभी बच्चों को चिन्हित कर उनकी सूची आयोग को दें। इस दौरान उनके साथ महिला एवं बाल विकास विभाग की पीओआईसीडीएस कुमारी सीमा प्रसाद, बाल कल्याण समिति के चेयरमैन नरेंद्र अत्री, सदस्य ललीता, खंड शिक्षा अधिकारी, घुमंतू कल्याण संघ के प्रदेश सचिव सुनील दालमवाला तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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जींद। हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग पंचकूला की सदस्य मीना देवी, मांगे राम तथा अनिल लाठर ने संस्थाओं, विभागों और बाल कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा लघु सचिवालय के वीडियो कॉन्फ्रेंस हाल में की। इसमें बच्चों के कल्याण के लिए कार्य करने वाले संस्थानों से जानकारी ली और निर्देश दिया कि बच्चों के कल्याण के लिए सभी संबंधित अधिकारी धरातल से जुड़ कर कार्य करें।
आयोग के सदस्यों ने शिक्षा विभाग की ओर से चलाई जा रही समग्र बाल विकास योजना के तहत जिला में किए गए कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा छह से आठ तथा 14 से 18 साल तक के बच्चों का सर्वे किया जाता है और ड्रॉप आउट बच्चों को स्कूलों में पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाता है। इस पर आयोग के सदस्यों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कक्षा एक में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या 12 तक पहुंचते काफी कम रह जाती है। अर्थात विद्यार्थी अपनी शिक्षा निरंतर नहीं रख पाते हैं। ऐसे में ड्रॉप आउट हुए विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा में लाए जाने का प्रयास करें।
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सभी सरकारी स्कूलों में चाइल्ड हेल्प लान नंबर 1098, डायल 112 तथा पोक्सो एक्ट से संबंधित स्कूल अध्यापक का नाम, फोटो व फोन नंबर स्कूल के मुख्य स्थान पर चस्पा करवाना सुनिश्चित करें। स्कूलों में सुझाव पेटी भी स्थापित करवाई जाए ताकि बच्चे शिकायत व सुझाव बिना झिझक के पेटी में डाल सकें। श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पिछले छह महीने के दौरान बच्चों के कल्याण के लिए विभाग द्वारा किए गए कार्यों का विवरण दिया जाए।
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28 गुमशुदा बच्चों को उनके अभिभावकों से मिलवाया
मानव तस्करी निरोधक यूनिट की ओर से अबतक 28 गुमशुदा बच्चों को उनके अभिभावकों से मिलवाया गया। इसके अलावा 40 बाल भिक्षुओं तथा 50 बाल श्रमिकों पर संज्ञान लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया। आयोग की टीम ने जिले में संचालित कलाम बाल आश्रम के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि कलाम बाल आश्रम में कुल 14 बच्चे रह रहे हैं। बच्चों को स्कूली शिक्षा, ब्यूटी पार्लर, डांस आदि सिखाया जा रहा है। डीएनटी के प्रदेश सचिव सुनील कुमार ने बताया कि स्लम बस्ती के कुछ बच्चों के जन्मतिथि प्रमाण पत्र के बिना आधार कार्ड नहीं बन पा रहे है, इससे उनके मुलभूत दस्तावेज तैयार करवाने में काफी कठिनाई हो रही है। आयोग के सदस्यों ने कहा कि ऐसे सभी बच्चों को चिन्हित कर उनकी सूची आयोग को दें। इस दौरान उनके साथ महिला एवं बाल विकास विभाग की पीओआईसीडीएस कुमारी सीमा प्रसाद, बाल कल्याण समिति के चेयरमैन नरेंद्र अत्री, सदस्य ललीता, खंड शिक्षा अधिकारी, घुमंतू कल्याण संघ के प्रदेश सचिव सुनील दालमवाला तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।